क्या है उत्पन्ना एकादशी, जानिए इसका महत्व और क्या है इसे करने की विधि

हिंदू धर्मा में एकादशी का बहुत अधिक महत्व है. वैसे तो साल में अमूमन 24 एकादशी होते हैं जिनमें कई एकादशी होती है जिनमें उपवास भी रखा जाता है. इन सभी में उत्पन्ना एकादशी का विशेष महत्व होता है.

क्या है उत्पन्ना एकादशी, जानिए इसका महत्व और क्या है इसे करने की विधि
इस व्रत को करने से माना जाता है कि सभी तरह की कामनाएं पूरी होती है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व है. वैसे तो साल में अमूमन 24 एकादशी होते हैं जिनमें कई एकादशी होती है जिनमें उपवास भी रखा जाता है. इन सभी में उत्पन्ना एकादशी का विशेष महत्व होता है क्योंकि उत्पन्ना एकादशी के दिन भगवान विष्णु ने राक्षस मुरसुरा को मारा था और इसी दिन श्रीहरि विष्णु से देवी एकादशी उत्पन्न हुई थीं. मान्यता है कि यहीं से एकादशी व्रत का आरंभ हुआ था. 

पूरी होती है सभी इच्छाएं
इस व्रत को करने से माना जाता है कि सभी तरह की कामनाएं पूरी होती है. इससे आरोग्य, संतान प्राप्ति, मोक्ष और मानसिक शांति की प्राप्ति होती है. इसे करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. इस साल उत्पन्ना एकादशी 3 दिसंबर को है और 4 दिसंबर को व्रत को खत्म कर पारण होगा. 

क्या करें और क्या ना करें
इस एकादशी में भोग में खासकर सिर्फ फलों को महत्व देना चाहिए. इसके साथ ही इसे आप फलाहारी या निर्जला भी कर सकते हैं. लेकिन अगर आप बीमार हैं तो बेहतर हो उत्पन्ना एकादशी का व्रत ना रखें. इस पूजा में भगवान विष्णु और कृष्ण की मुख्य रूप से पूजा होती है. इस दिन भगवान कृष्ण को फल तो भगवान विष्णु को पीले फूल अवश्य चढ़ाने चाहिए. 

अश्वमेघ यज्ञ करने से भी अधिक फल
उत्पन्ना एकादशी का अगर आप निर्जला नहीं कर रहे हैं तो भी इस दिन सिर्फ फल खाएं. इस दिन चावल नहीं खाने चाहिए और साथ ही माना जाता है कि इसके अगले दिन ब्राह्मणों को भोजन कराकर ही खुद पारण करना चाहिए. इस एकादशी के बारे में ये भी कहा जाता है कि इसे करने से अश्वमेघ यज्ञ कराने या एक लाख तपस्वियों को सालों साल भोजन कराने से भी अधिक महत्व है. 

उत्पन्ना एकादशी तिथि और मुहूर्त
एकादशी व्रत तिथि: 03 दिसंबर 2018
पारण का समय: 07:02 से 09:06 बजे तक (4 दिसंबर 2018)
पारण के दिन द्वादशी तिथि समाप्त: 12:19 बजे (4 दिसंबर 2018)
एकादशी तिथि प्रारंभ: 14:00 बजे से (2 दिसंबर 2018)
एकादशी तिथि समाप्त: 12:59 बजे (3 दिसंबर 2018)

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