जेल से रची गई थी मुख्तार अंसारी की 'मर्डर सुपारी' की साजिश

Last Updated: Monday, July 13, 2015 - 17:19
जेल से रची गई थी मुख्तार अंसारी की 'मर्डर सुपारी' की साजिश
File Photo

नोएडाः मुख्तार अंसारी के मर्डर की सुपारी के मामले में उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करेगी। इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम के साथ बैठक के बाद मिले इनपुट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

ये पूछताछ एसटीएफ के एसएसपी अमित पाठक के नेतृत्व वाली टीम करेगी। मामले के तार उत्तर प्रदेश की जेलों से जुड़े हुए हैं, लिहाज़ा कई और लोगों पर भी शिकंजा कस सकता है। जांच एजेंसी वाराणसी जेल मे बंद माफिया बृजेश सिंह से भी पूछताछ करेगी।

माफिया मुख्तार अंसारी की हत्या का प्लान बेहद ही शातिराना ढंग से तैयार किया गया था। इस प्लान का खुलासा दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने किया था। कभी मुख्तार अंसारी का खास रहा चांद मिया इस पूरे प्लान की अहम कड़ी है। किसी डील को लेकर मुख्तार से विवाद के बाद वो मुख्तार के एंटी गैंग बृजेश सिंह के गैंग में शामिल हो गया और बृजेश सिंह के लिए काम करने लगा।

मुख्तार अंसारी को मारने के लिये बृजेश ने चांद मिया को पूरे 6 करोड़ की सुपारी दी थी, इसके लिए 50 लाख रुपये एडवांस दिए गए थे। आरा जेल से रची गई इस साजिश में जेल में बंद बम-मेकिंग एक्सपर्ट लंबू शर्मा भी शामिल है। चांद मिया ने लंबू से जेल में मुलाकात की और मुख्तार की हत्या की सुपारी दे डाली।

सोची समझी साजिश के तहत 23 जनवरी को आरा कोर्ट में पेशी के दौरान हुए बम ब्लास्ट में लंबू शर्मा अपने एक साथी के साथ भाग निकलने में कामयाब हो गया और इस साजिश में नगीना नाम की एक महिला ने उसका साथ दिया, जिसकी धमाके में मौत हो गई। जेल से फरार होने के बाद लंबू महाराष्ट्र चला गया। वहां फोन पर चांद मिया ने लंबू की बात डॉन बृजेश से कराई और फिर डील पक्की होने के बाद आगरा जेल में बंद मुख्तार अंसारी से उसकी मुलाकात कराई।

मुख्तार अंसारी इस बात से अंजान था कि चांद मिया उससे अलग हो चुका है और उसी की सुपारी देने के लिए लंबू शर्मा को उसकी पहचान कराने के लिए लाया था। मुख्तार को लगा था कि लंबू शर्मा को अपने गैंग में शामिल कराने के लिए लाया है।

चांद मिया ने मुख्तार को मारने की तारीख तय करने के लिए लंबू को दिल्ली बुलाया था। सूत्रों की मानें तो चांद मिया दिल्ली में बिहार के जेडीयू के एक सांसद से मिलने आता रहता था। चांद ने सांसद के घर ही लंबू शर्मा को मिलने के लिए बुलाया और फिर आगे की साजिश रची गई। लेकिन मुख्तार को मारने की तारीख तय हो पाती, उससे पहले ही दिल्ली के कश्मीरी गेट से स्पेशल सेल ने लंबू शर्मा को गिरफ्तार कर लिया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

रिपोर्टः अवनीश विद्यार्थी

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो



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