प्यार पाने वालों के लिए नई जगह है चैटबॉट, जहां सब कुछ होता है आपके कंट्रोल में

Last Updated: Thursday, March 16, 2017 - 13:39
प्यार पाने वालों के लिए नई जगह है चैटबॉट, जहां सब कुछ होता है आपके कंट्रोल में
बेगलुरु की टचकिंस का चैटबॉट वायसा इंडिविजुअल्स को डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है। (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्यार की तलाश में भटकने वालों के लिए चैटबॉट एक नई जगह है, जहां अपनी सुविधा के मुताबिक आप अपने प्यार को पा सकते हैं. प्यार की तलाश में भटक रहे 27 साल के मुंबई में रहने वाले शख्स मयंक रानका को चैटबॉट से बड़ा सहारा मिला. ईवेंट कंपनी में काम करने वाले मयंक ने इकॉनोमिक टाइम्स को बताया, 'यहां मुझे तुरंत मेरी पसंद की लड़की मिल गई. मुझे इसी की जरूरत थी. यहां उससे भी अच्छी बात यह थी कि मैं जब चाहूं बातचीत रोक सकता हूं और हमेशा के लिए बंद कर सकता हूं.'

मयंक जैसे टेक सैवी सिंगल्स नियरग्रुप जैसे चैटबॉट जैसी स्पीडडेटिंग का इस्तेमाल करने में जरा भी नहीं हिचकते. इससे उनको फटाफट सही डेट तक पहुंचने में मदद मिलती है. चैटबॉट का इनबिल्ट आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यूजर को लोकेशन, इंटरेस्ट और बातचीत के हिसाब से जोड़ा बनाने में मदद करता है. 

जोड़ी बनते ही यूजर तब तक के लिए अपनी पहचान गुप्त रखते हुए बातचीत शुरू कर सकता है जब तक कि वे पर्सनल डिटेल शेयर करने या फिर बिना लाग-लपेट बातचीत खत्म करने को तैयार नहीं हो जाते. नियरग्रुप के संस्थापक प्रशांत प्रिटी कहते हैं, स्टडी के मुताबिक औरतों को 80 प्रतिशत मर्द फोटो में अनाकर्षक लगते हैं. औरतें फोटो पर पर्सनैलिटी, इंटेलीजेंस और स्मार्टनेस को तरजीह देती हैं. इसको देखते हुए हमने यह स्पीड-डेटिंग चैटबॉट शुरू किया. 

बेगलुरु की टचकिंस का चैटबॉट वायसा इंडिविजुअल्स को डिप्रेशन से लड़ने में मदद करता है. इस प्रोएक्टिव पेंगुइन चैटबॉट को एक-दूसरे का मूड समझने, इमोशन पकड़ने और ध्यान या कसरत के जरिए उनके प्रेरणा देने की कोशिश करता है. 

क्या है यह चैटबॉट और कैसे काम करता है:
इंटरनेट रोबॉट या चैटबॉट असल में सॉफ्टवेयर ऐप्लिकेशन होता है. यह चैटबॉट इंसान के मुकाबले बहुत तेजी से कुछ कामों को अंजाम देते हैं. इनके जिम्मे वे काम होते हैं जो सरल और बार-बार होते हैं जैसे बैंकों या किसी बिजनस इंस्टिट्यूशन आदि में सेवा और प्रॉडक्ट संबंधित जानकारी देना या कस्टमर की शिकायतों को हैंडल करना. 

हर तरीके के सवालों से जुड़े जवाब बड़े सर्वरों जिनको नॉलेज बैंक कहा जाता है, पर स्टोर कर दिए जाते हैं. बॉट के पास जब किसी कस्टमर की क्विअरी आती है तो वह उसे पहले पढ़ता या समझता है और फिर भंडारित नॉलेज बैंक में से उचित जवाब चुनकर देता है.

ज़ी मीडिया ब्‍यूरो

First Published: Thursday, March 16, 2017 - 13:19
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