सभी समुद्री प्रजाति के कछुओं में पाया गया माइक्रोप्लास्टिक, रिपोर्ट में खुलासा

 वैज्ञानिकों ने बताया कि तीन महासागरों में सात प्रजातियों के 100 से अधिक समद्री कछुओं के परीक्षण में हर एक कछुए में माइक्रोप्लास्टिक का खुलासा हुआ है.

सभी समुद्री प्रजाति के कछुओं में पाया गया माइक्रोप्लास्टिक, रिपोर्ट में खुलासा
सभी कछुओं में पाए जाने कृत्रिम कण बहुत हद तक रेशे जैसे हैं.(प्रतीकात्मक तस्वीर)

लंदन: वैज्ञानिकों ने बताया कि तीन महासागरों में सात प्रजातियों के 100 से अधिक समद्री कछुओं के परीक्षण में हर एक कछुए में माइक्रोप्लास्टिक का खुलासा हुआ है. ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर और प्लेमाउथ मरीन लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने पाया कि अटलांटिक, प्रशांत और भूमध्यसागर के 102 समुद्री कछुओं में (पांच मिलीमीटर की लंबाई से कम वाले) कृत्रिम कण सहित माइक्रोप्लास्टिक देखे गये.

सभी कछुओं में पाए जाने कृत्रिम कण बहुत हद तक रेशे जैसे हैं जो संभवत: कपड़ों, टायरों, सिगरेट के फिल्टर और रस्सियों एवं मछली पकड़ने के जाल जैसे समुद्री साजो-सामान से आए होंगे. यूनिवर्सिटी ऑफ एक्सेटर की एमिली डुनकान ने बताया,‘‘कछुओं पर इन कणों का प्रभाव अभी पता नहीं चला है.’’ उन्होंने बताया, ‘‘उनके छोटे आकार का मतलब है कि वे बिना किसी रूकावट के आंत से गुजर सकते हैं.’’ यह अध्ययन जर्नल ग्लोबल चेंज बायोलॉजी में प्रकाशित हुआ. इसमें 102 कछुओं में 800 कृत्रिम कणों का अध्ययन किया गया.  

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