अंतरिक्षयात्रियों को बचाने की तकनीकों की खोज के लिए नासा का नया संस्थान

नासा ने मंगल की यात्रा समेत लंबी अवधि के अन्वेषण मिशनों के दौरान अंतरिक्षयात्रियों के जीवन से जुड़े खतरों को कम करने के लिए नवीन तकनीक की दिशा में अनुसंधान और विकास के लिए एक नये संस्थान की स्थापना की है।नासा के ह्यूमन रिसर्च प्रोग्राम की देखरेख में ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट को-ऑपरेशन एग्रीमेंट के तहत यह संस्थान एक अक्तूबर से कार्य शुरू होगा।

भाषा | Updated: Jul 21, 2016, 06:40 PM IST
अंतरिक्षयात्रियों को बचाने की तकनीकों की खोज के लिए नासा का नया संस्थान

वाशिंगटन: नासा ने मंगल की यात्रा समेत लंबी अवधि के अन्वेषण मिशनों के दौरान अंतरिक्षयात्रियों के जीवन से जुड़े खतरों को कम करने के लिए नवीन तकनीक की दिशा में अनुसंधान और विकास के लिए एक नये संस्थान की स्थापना की है।नासा के ह्यूमन रिसर्च प्रोग्राम की देखरेख में ट्रांसलेशनल इंस्टीट्यूट को-ऑपरेशन एग्रीमेंट के तहत यह संस्थान एक अक्तूबर से कार्य शुरू होगा।

ट्रांसलेशनल रिसर्च अनुसंधान का एक हिस्सा है जो बुनियादी अनुसंधान सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप देने में सहायक सिद्ध होता है।नासा ट्रांसलेशनल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एनटीआरआई) ‘बेंच टू स्पेसफ्लाइट’ मॉडल के कार्यान्वयन की दिशा में काम करेगा।

इस अनुसंधान का लक्ष्य संभावना पैदा करने वाले नये तरीकों, उपचार या तकनीकों का विकास करना है, जिसका अंतरिक्ष के लिए उड़ान के दौरान व्यवहारिक उपयोग हो। अनुसंधान के पारंपरिक तरीकों की तुलना में ट्रांसलेशनल अनुसंधान में व्यवहारिक उपयोग के रास्ते ढूंढ़ने की अधिक संभावना होती है।