घर पर मातृ भाषा बोलने वाले बच्चे होते हैं अधिक अक्लमंद, रिपोर्ट में हुआ खुलासा

विदेश में रहनेवाले वैसे बच्चे जो अपने घर में परिवारवालों के साथ मातृभाषा में बात करते हैं और बाहर दूसरी भाषा बोलते हैं, वह ज्यादा अक्लमंद होते हैं.

घर पर मातृ भाषा बोलने वाले बच्चे होते हैं अधिक अक्लमंद, रिपोर्ट में हुआ खुलासा
इस अध्ययन में ब्रिटेन में रहनेवाले तुर्की के सात से 11 साल के 100 बच्चों को शामिल किया गया.(फाइल फोटो)

लंदन: विदेश में रहनेवाले वैसे बच्चे जो अपने घर में परिवारवालों के साथ मातृभाषा में बात करते हैं और बाहर दूसरी भाषा बोलते हैं, वह ज्यादा अक्लमंद होते हैं. एक नए अध्ययन से यह जानकारी मिली है. ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के शोधकर्ताओं ने शोध में यह पाया कि वैसे बच्चे जो स्कूल में अलग भाषा बोलते हैं और परिवारवालों के साथ घर में अलग भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बुद्धिमत्ता जांच में उन बच्चों के मुकाबले अच्छे अंक लाए जो सिर्फ गैर-मातृभाषा जानते हैं. इस अध्ययन में ब्रिटेन में रहनेवाले तुर्की के सात से 11 साल के 100 बच्चों को शामिल किया गया.  इस आईक्यू जांच में दो भाषा बोलने वाले बच्चों का मुकाबला ऐसे बच्चों के साथ किया गया जो सिर्फ अंग्रेजी बोलते हैं.

साल 2050 तक दुनिया की सबसे शक्तिशाली भाषा होगी हिन्दी
एक भाषा जिसने हमें और आपको एक सूत्र में बांधा है उसका नाम है हिंदी भाषा.  यह वही हिन्दी है जिसे शब्दों में पिरोकर हम आपको नई-नई जानकारियां देते हैं.  खबरों का विश्लेषण करते हैं.  आपके साथ संवाद करते हैं.  आपके साथ सुख-दुख बांटते हैं.  हिंदी के माध्यम से ही हम आपको और आपके परिवार को हर दिन उन सभी विषयों के बारे में बताते हैं जो आपकी जिंदगी को बेहतर बनाते हैं. 

हिंदी आपके और हमारे रिश्ते को मजबूत बनाती है क्योंकि हिंदी भारत के 18 करोड़ लोगों की मातृभाषा है जबकि 30 करोड़ लोग ऐसे हैं जो हिंदी का इस्तेमाल Second Language के तौर पर करते हैं.  यानी जो संवाद हम हिंदी में करते हैं..वो भारत के करीब 48 करोड़ लोगों तक सीधे पहुंचता हैं. इतना ही नहीं. 

दुनिया के करीब 150 देश ऐसे हैं जहां हिंदी भाषी लोग रहते हैं. यानी हिंदी दुनिया की ताकतवर भाषाओं में शामिल है.  और इसे बोलने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है.  लेकिन क्या आपको पता है कि वर्ष 2050 तक हिंदी दुनिया की सबसे शक्तिशाली भाषाओं में से एक बन जाएगी.  World Economic Forum ने एक Power Language Index तैयार किया है.  इस Index में वो भाषाएं शामिल हैं जो वर्ष 2050 तक दुनिया की सबसे शक्तिशाली भाषाएं होंगी.  अगर आप हिंदी बोलते हैं तो आपको जानकर खुशी होगी कि आपकी अपनी भाषा हिंदी भी इस Ranking में Top 10 भाषाओं में शामिल है.  

इनपुट भाषा से भी 

 

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