मणिपुर में भाजपा सरकार के 10 महीने का 'रिपोर्ट कार्ड'

छह महीने की संक्षिप्त अवधि के भीतर मणिपुर सरकार ने अपनी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहलों की हैं, जिसे लोगों के सहयोग से कम समय में लोगों के सर्वोत्तम हित में ही प्रगति में लाया गया. 

मणिपुर में भाजपा सरकार के 10 महीने का 'रिपोर्ट कार्ड'

मणिपुर में पिछले विधानसभा चुनाव में उपविजेता होने के बावजूद बीजेपी द्वारा सरकार बनाने में सफल होने के बाद 15 मार्च 2017 को नोंगथोमबाम बीरेन सिंह ने राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के रूप में शपथ ली और इस तरह राज्य में कांग्रेस के 15 वर्षों के शासन का अंत हुआ. 

60 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 32 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई. देश के सबसे अधिक जातीय रूप से विविध राज्यों में से एक मणिपुर में सत्ता में 10 महीने के दौरान भगवा पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार का रिकॉर्ड प्रभावशाली रहा है, विशेष रूप से शांति और सांप्रदायिक सद्भाव और विकास की बहाली के लिए उठाए गए कदमों को लेकर.

मणिपुर में यूनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) द्वारा लगाई गई चार महीने की लंबी आर्थिक नाकेबंदी को बीते 19 मार्च को हटा लिया गया, जोकि बीरेन सिंह सरकार की पहली सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी. सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए मणिपुर की राज्‍यपाल डॉ. नजमा हेपतुल्‍ला ने कहा था, आर्थिक नाकेबंदी के समाप्त होने से राज्य में शांति और समृद्धि आएगी. ओकराम इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार द्वारा अक्तूबर 2016 में राज्‍य में सात नए जिले बनाने के फैसले के विरोध में यूएनसी ने 1 नवंबर 2016 से महत्‍वपूर्ण नेशनल हाइवे संख्‍या 2 और 37 को ब्‍लॉक कर दिया था. नगाओं का कहना था कि उनकी "पैतृक भूमि" पर उनके पारंपरिक अधिकारों को किसी भी तरह से बाधित नहीं किया जा सकता.

पढ़ें- Blog : एक राजनेता का कमाल का कदम

छह महीने की संक्षिप्त अवधि के भीतर मणिपुर सरकार ने अपनी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न पहलों की हैं, जिसे लोगों के सहयोग से कम समय में लोगों के सर्वोत्तम हित में ही प्रगति में लाया गया. नई सरकार ने इस अवधि में मणिपुर के इतिहास में नई शुरुआत की है. मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के मार्गदर्शन में छह महीनों में कार्य/परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया. नई सरकार ने पूरी प्रतिबद्धता के साथ वर्ष 2017-18 के लिए शेष महीनों के दौरान परियोजनाओं/गतिविधियों/कार्यों पूरा करने के लिए उनकी पहचान की. मणिपुर योजना विभाग के अनुसार, ये काम विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित हैं, जिनका प्राथमिक उद्देश्य आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है. ये सेक्‍टर स्‍वास्‍थ्‍य, नगरपालिका प्रशासन, आवास एवं शहरी विकास विभाग (MAHUD), आईटी, विज्ञान एवं तकनीक, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), गृह एवं पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (PHED) हैं.

पहाड़ी इलाकों का दौरा...
पहाड़ी इलाकों में लोगों की समस्याओं को जानने के लिए उपचारात्मक उपाय करने की प्रतिबद्धता के साथ पहली बार पहाड़ी क्षेत्रों में नियमित और लगातार दौरा किया जाता है.

पहाड़ी लोगों का दिन
यह हर महीने की 10वीं तारीख को को मनाया जाता है ताकि जनजातीय प्रमुखों और पहाड़ी-आधारित सामाजिक संगठनों के नेताओं से उनकी शिकायतों को दूर करने, समस्याओं को उजागर करने और पहाड़ियों और घाटी के बीच घनिष्ठ संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक समान मंच के रूप में समझा जा सके.

पीपुल्स डे
यह हर महीने के 15वें दिन सामान्य जनता के लिए एक मंच के रूप में आयोजित किया जाता है ताकि वे अपनी शिकायतों और सुझावों को साझा कर सकें.

एंटी करप्‍शन सेल
सोशल मीडिया के इस्‍तेमाल से एंटी करप्‍शन सेल मुख्‍यमंत्री कार्यालय में बनाया गया है.

मनरेगा के तहत ई-पेमेंट
लोगों को उनके बैंक खातों के माध्यम से वेतन का प्रत्यक्ष रूप से भुगतान किया जाता है, ताकि भुगतान में देरी की शिकायतों और बिचौलियों की गतिविधियों को खत्म किया जा सके.

किसानों की आय दोगुना करने के लिए एक्‍शन प्‍लान
किसानों की आय में दोगुनी वृद्धि के लिए एक सक्षम माहौल बनाने के लिए एक कार्य योजना जून 2017 में शुरू की गई.

सार्वजनिक और राष्ट्र द्वारा समीक्षा के लिए डिजिटल एप्लिकेशन (DARPAN)
DARPAN विकास गतिविधियों की निगरानी के लिए फंड के प्रभावी और कुशल उपयोग के लिए है, जिसकी औपचारिक शुरुआत 14 अप्रैल 2017 से की गई.

महिला हेल्‍पलाइन
हिंसा से प्रभावित महिलाओं को 24 घंटे की मदद करने के लिए टोल फ्री महिला हेल्पलाइन की स्थापना.

जन औषधि
इसकी शुरुआत 29 अप्रैल, 2017 में की गई, जिसके तहत जेनेरिक दवाओं को सब्सिडी दर पर 26 सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं पर आम जनता को बेचा जाता है.

फ्री पब्लिक वाई-फाई
राज्य सरकार ने इंफाल शहर में पाओना बाजार, थांगल बाजार, एसबीआई और जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (जेएनआईएमएस) में मुफ्त सार्वजनिक वाई-फाई सेवा शुरू की.

विद्युतीकरण
सरकार ने 63 गांवों का विद्युतीकरण किया.

फास्‍ट ट्रैक कोर्ट
27 जून, 2017 को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) की स्थापना की गई, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि महिलाओं के खिलाफ हुए अपराधों से संबंधित मामले शीघ्र ही सुलझाए जा सकें.

पत्रकार कल्याण योजना
बीरेन सिंह सरकार ने मणिपुर राज्य पत्रकार कल्याण योजना की शुरुआत की. इस योजना का उद्देश्य पत्रकारों और उनके परिवार के सदस्यों को एक बार एक्‍स-ग्रेशिया और मदद प्रदान की सके.

(लेखक स्वतंत्र टिप्पणीकार हैं)
(डिस्क्लेमर : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close