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सुकमा में नक्सली हमला, 'गणतंत्र' को चुनौती देता नक्सली 'गन-तंत्र'

सुकमा में नक्सली हमला, 'गणतंत्र' को चुनौती देता नक्सली 'गन-तंत्र'

छत्तीसगढ़ की धरती एक बार फिर देश के वीर सीआरपीएफ के जवानों के खून से लाल हो गई है. सुकमा में वही हुआ जो 2010 में दंतेवाड़ा में हुआ था.

लोकतंत्र में गायकवाड़ जैसे 'खास' लोगों के विशेषाधिकार की जगह नहीं

लोकतंत्र में गायकवाड़ जैसे 'खास' लोगों के विशेषाधिकार की जगह नहीं

‘चूंकि मेरे उड़ान भरने पर रोक से मेरे कर्तव्य और जिम्मेदारियों का निर्वहन प्रभावित हो रहा है, इसलिए मैं आपसे रोक हटाने का अनुरोध करता हूं’

बिना 'राज्यों की शक्ति' के शराब बंदी से कैसे महफूज़ होंगे हाइवे

बिना 'राज्यों की शक्ति' के शराब बंदी से कैसे महफूज़ होंगे हाइवे

राष्ट्रीय राजमार्ग से 500 मीटर की दूरी पर शराब की दुकानों के स्थानांतरण का मुद्दा देश के कुछ हिस्सों में अशांति पैदा कर रहा है.

टाइम आउट यानी निर्णायक मोड़! - सुधांशु गुप्त

टाइम आउट यानी निर्णायक मोड़! - सुधांशु गुप्त

आजकल शामें आईपीएल के मैच देखते हुए गुजर रही हैं. लेकिन दिमागी लोगों के लिए क्रिकेट मैच भी सिर्फ मैच नहीं होते. वे किक्रेट को एन्ज्वॉय करने के साथ-साथ तमाम तरह के सवाल भी उठाने लगते हैं.

क्या इन दिनों ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं भगवान महावीर?: सुधीर जैन

क्या इन दिनों ज्यादा प्रासंगिक हो गए हैं भगवान महावीर?: सुधीर जैन

इस बार महावीर जयंती पर क्यों न जैन दर्शन के दो मुख्य सिद्धांतों की चर्चा कर ली जाए. ये दो अवधारणाएं हैं अनेकांत और स्याद्वाद.

बातचीत से ही निकलेगा सीरिया संकट का हल

बातचीत से ही निकलेगा सीरिया संकट का हल

'बस के दुश्वार है हर काम का आसां होना, आदमी को भी मयस्सर नहीं है इंसा होना' ग़ालिब का यह शेर पश्चिमी-एशियाई देश सीरिया के मौजूदा हालातों के ऊपर कितना सटीक बैठता है जहां पर दो राजनीतिक पक्षों के बीच

खेल से कहीं ज़्यादा हैं आईपीएल के मायने: सुधांशु गुप्त

खेल से कहीं ज़्यादा हैं आईपीएल के मायने: सुधांशु गुप्त

भारत एक उत्सवधर्मी देश है. यहां हर चीज कों उत्सव का स्वरूप दे देना आम बात है. मजमें, मेले, नुक्कड़, नौटंकी हर तरह के उत्सव को भारतीय जनमानस पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ सेलिब्रेट करता है.

प्रधानमंत्री का एक खामोश विस्फोट: डॉ. विजय अग्रवाल

प्रधानमंत्री का एक खामोश विस्फोट: डॉ. विजय अग्रवाल

नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के तीन साल पूरे होने जा रहे हैं. दो और बाकी हैं. यदि लोगों के अनुमान पर विश्वास किया जाए, तो उस दो में पांच और जुड़कर कुल सात साल बाकी हैं, जिसे एक लम्बा वक्त माना जाना चाहिए. वैसे भी पीएम मोदी ने इन तीन सालों में लोगों का जो विश्वास प्राप्त किया है, वह अद्भूत है.

भाजपा के हर फैसले पर हाय-तौबा मचाता है ‘उपद्रव उद्योग’

भाजपा के हर फैसले पर हाय-तौबा मचाता है ‘उपद्रव उद्योग’

साल 2014 के बाद से एक नए उद्योग का जन्म हुआ है. यह उद्योग है ‘उपद्रव उद्योग’ यानि ‘आउटरेज इंडस्ट्री’ जिसका काम मौजूदा भाजपा सरकार के हर निर्णय या नियुक्ति पर हाय-तौबा मचाना है.

नर्मदा को यह क्या हुआ है: राकेश मालवीय

नर्मदा को यह क्या हुआ है: राकेश मालवीय

नर्मदा के ज्ञात इतिहास में नर्मदावासियों ने ऐसी स्थिति कभी नहीं देखी. हालात यह हो गए हैं कि नदी में इतना हिस्सा भी खाली नहीं है जहां बैठकर एक डुबकी लगाई जा सके. लोग साड़ियां पकड़कर इस वनस्पति को अपने पास बहकर आने से रोक रहे हैं ताकि वह स्नान कर पाएं.  

आइए, समझें क्या है राष्ट्रीयता : गणेश शंकर विद्यार्थी

आइए, समझें क्या है राष्ट्रीयता : गणेश शंकर विद्यार्थी

पत्रकार और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी गणेश शंकर विद्यार्थी आज़ादी के संघर्ष में जितने सक्रिय थे, उतनी ही अलख अपने अख़बार ‘प्रताप’ से जगा रहे थे. आज उनकी पुण्यतिथि है.

आइए मार्क्सवाद की वर्तमान पहचान से मिलें:  डॉ. विजय अग्रवाल

आइए मार्क्सवाद की वर्तमान पहचान से मिलें: डॉ. विजय अग्रवाल

मेरी सिविल सर्विस परीक्षा की क्लास चल रही थी बहुत ही शांत और शानदार तरीके से. अंत में सवाल पूछने को कहा गया. काफी हाथ उठे लेकिन सभी हाथों को मौका दे पाना संभव नहीं था.

दरअसल ये 'वजूद' की लड़ाई है: प्रशांत दुबे

दरअसल ये 'वजूद' की लड़ाई है: प्रशांत दुबे

टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान, मुंबई के सभागार में उस समय सन्नाटा छा गया, जब उसने अपनी कहानी सुनाना शुरू किया. वह वंचित तबकों के सामने आ रही चुनौतियों पर बात रखने आई थीं. जब तक उसने बोलना शुरू नहीं किया था, तब तक उसे ज्यादा तवज्जो नहीं मिली थी, लेकिन जैसे-जैसे उसने बोलना शुरू किया, वैसे-वैसे समाज के उजले पक्ष की कड़वी हकीकत सामने आने लगी. एक ओर तो वह तीसरे लिंग के साथ हो रहे समाज के उपेक्षापूर्ण रवैये को बता रही थी तो दूसरी ओर वह ट्रेफिकिंग के अपने अनुभव को भी साझा कर रही थीं. उसका नाम डायना है, वह गोवा से आई थी. 

क्या कहती हैं यूपी में मोदी और भाजपा की विशाल जीत...

क्या कहती हैं यूपी में मोदी और भाजपा की विशाल जीत...

थे तो पांच राज्यों के चुनाव, लेकिन उन सभी के केंद्र में था, केवल एक राज्य, उत्तर प्रदेश.

राष्ट्र के लिए 'धर्मयुद्ध' लड़ूंगा : अमर सिंह

राष्ट्र के लिए 'धर्मयुद्ध' लड़ूंगा : अमर सिंह

समाजवादी पार्टी से निष्कासित नेता अमर सिंह अपने बेबाक बोल के लिए जाने जाते हैं और उनके बयान अक्सर राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा देते हैं। सपा से दूसरी बार अपने निष्कासन और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव

जाति संघर्ष से वर्ग संघर्ष तक...

जाति संघर्ष से वर्ग संघर्ष तक...

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) समेत महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में बीजेपी को बड़ी कामयाबी मिली है। 10 में से आठ निकायों पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया जबकि बीएमसी में शिवसेना को कांटे की टक्कर द