ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : माता-पिता के आंसुओं के बीच 'सुख की कथा' नहीं सुनी जा सकती...

डियर जिंदगी : माता-पिता के आंसुओं के बीच 'सुख की कथा' नहीं सुनी जा सकती...

बच्चों को दी जाने वाली शिक्षा और संस्कार पर बहुत गंभीरता से विचार की जरूरत है. अगर इस पर समय रहते संशोधन नहीं हुआ तो हम बुजुर्गों की एक ऐसी दुनिया बना देंगे, जहां तनाव, डिप्रेशन और उदासी के घाव के अतिरिक्त कुछ नहीं होगा. और यह जरूर याद रहे कि हम इस दुनिया से बहुत दूर नहीं होंगे!

दयाशंकर मिश्र | Oct 19, 2018, 09:20 AM IST
उपवासों की नाकामी के दौर में गांधी के उपवास दर्शन को समझना जरूरी है

उपवासों की नाकामी के दौर में गांधी के उपवास दर्शन को समझना जरूरी है

‘‘अनशन (उपवास) का सहारा केवल प्रेमी के खिलाफ ही लिया जा सकता है, और यह उससे अधिकार लेने के लिए नहीं, बल्कि उसे सुधारने के लिए है. ठीक वैसे ही जैसे कि कोई बेटा अपने शराबी पिता के लिए अनशन करे. बम्बई और उसके बाद बारडोली के मेरे उपवास उसी तरह के थे.’’- गांधी (यंग इंडिया - 01.05.1924)

चिन्मय मिश्र | Oct 18, 2018, 04:00 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

स्वामी साणंद किसके लिए मरे, हमारे लिए ही न...

स्वामी साणंद किसके लिए मरे, हमारे लिए ही न...

इस समय सारे पंच महाभूत क्षित, जल पावक, गगन और समीर संकट में हैं. स्वामी जी तो इनमें से सिर्फ एक, यानी जल यानी गंगा को बचाने में शहीद हो गए. आगे चलकर हम देखेंगे कि इस देश में बाकी पंच महाभूत को बचाने के भी आंदोलन होंगे. जो लोग ये आंदोलन करेंगे, वे हमारे दुश्मन नहीं, हमारे सबसे बड़े हितैषी होंगे.

पीयूष बबेले | Oct 11, 2018, 07:10 PM IST
 #MeToo: एमजे अकबर कब छोड़ेंगे सिंहासन...

#MeToo: एमजे अकबर कब छोड़ेंगे सिंहासन...

मेनका गांधी के मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को लिखा है कि यौन उत्पीड़न की शिकायत किसी भी समय दर्ज कराने की व्यवस्था होनी चाहिए. केन्द्र सरकार के एक मंत्री के सख्त बयानों के बावजूद मी टू के आरोपी मंत्री एम.जे. अकबर की कुर्सी पर आंच क्यों नहीं आ रही?

विराग गुप्ता | Oct 11, 2018, 04:26 PM IST
‘बधाई हो गणेश हुआ है’

‘बधाई हो गणेश हुआ है’

कभी किसी घऱ में लड़के के पैदा होने पर ‘बधाई हो गणेश’ हुआ है सुनने का नहीं मिला. वहां बधाई हो लड़का हुआ है ही बोला जाता है. 

पंकज रामेंदु | Oct 11, 2018, 03:10 PM IST
डियर जिंदगी : कितने उदार हैं, हम!

डियर जिंदगी : कितने उदार हैं, हम!

अपने बच्चों के ही मन की बात को समझ पाना. उनके सपनों को पढ़ सकना, अरमां की गहराई तक जा पाना जो आप पर निर्भर हैं, मुश्किल काम नहीं, बस अपनी ख्‍वाहिश उन पर थोपने से मुक्‍त हो जाइए.

दयाशंकर मिश्र | Oct 11, 2018, 10:20 AM IST
#Gandhi150: गांधी जी को संसदीय लोकतंत्र तो चाहिए था, लेकिन सत्य और अहिंसा की कीमत पर नहीं

#Gandhi150: गांधी जी को संसदीय लोकतंत्र तो चाहिए था, लेकिन सत्य और अहिंसा की कीमत पर नहीं

 संसदीय लोकतंत्र की शुद्धि के लिए गांधी जी का शस्त्र अप्रतिम एवं बेहद मारक है. वे आजादी पूर्व जिस तरह से तंत्र से निपटने का रास्ता बता रहे थे, वह आज भी उनका ही सार्थक है.

चिन्मय मिश्र | Oct 10, 2018, 06:57 PM IST
शेखर कपूर: पानी चंद मुट्ठियों में सिमट गया है...

शेखर कपूर: पानी चंद मुट्ठियों में सिमट गया है...

घर के पास साफ पानी के न होने से महिलाओं और लड़कियों की जिंदगी पर बुरी तरह असर पड़ता है जिनमें से कई तो लंबी दूरी और प्रदूषित स्रोत से पानी लाने के बोझ तले दबती चली जाती हैं.

शेखर कपूर | Oct 10, 2018, 06:29 PM IST
'मंटो' के बहाने आज की कुछ बातें

'मंटो' के बहाने आज की कुछ बातें

पिछले एक दशक से बायोपिक फिल्मों की जैसे बाढ़-सी आ गई है. 'डर्टी पिक्चर' से शुरूआत हुई यह यात्रा बहुत तेजी के साथ गतिशील है. यह बात अलग है कि इसके लिए जिन लोगों की जीवनी को आधार बनाया जा रहा है, उसमें अभी खिलाड़ियों की जीवनियां नम्बर वन पर हैं. 

डॉ. विजय अग्रवाल | Oct 10, 2018, 06:16 PM IST
डियर जिंदगी : दुख रास्‍ता है, रुकने की जगह नहीं…

डियर जिंदगी : दुख रास्‍ता है, रुकने की जगह नहीं…

आंसू तो एक प्रकार की सफाई हैं. वह मन में जमे दुख के मैल को आसानी से डिटर्जेंट की तरह निकाल देते हैं. इसलिए आंसुओं से नहीं डरना है, बल्कि इसकी चिंता करनी हैं कि कहीं आंसू निकलने बंद ही न हो जाएं.

दयाशंकर मिश्र | Oct 10, 2018, 09:04 AM IST
#MeToo से सजा तो नहीं लेकिन दुनिया जरूर बदलेगी

#MeToo से सजा तो नहीं लेकिन दुनिया जरूर बदलेगी

एक साल पहले हॉलीवुड से शुरू हुआ अभियान भारत में दोबारा अपने चरम पर है. #METOO के साथ महिलाएं जीवन में अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न के बारे में बता रही हैं. #METOO यानि मैं भी, यौन उत्पीड़न का शिकार हुई हूं.
 

निदा रहमान | Oct 9, 2018, 08:22 PM IST
तीसरे मोर्चे की नेता बनने की तैयारी में मायावती

तीसरे मोर्चे की नेता बनने की तैयारी में मायावती

आगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हारते हुए देखने की चाह रखने वाले लोगों की उत्कृष्ट अभिलाषा यही है कि किसी भी कीमत पर बीजेपी विरोधी दलों का गठबंधन बने और बीजेपी विरोधी मतों का विभाजन न हो.

सत्येंद्र सिंह | Oct 9, 2018, 03:13 PM IST
डियर जिंदगी : मेरा होना सबका होना है!

डियर जिंदगी : मेरा होना सबका होना है!

दुविधा और मन की दुर्बलता से जैसे ही आशंका के गुब्‍बारे मिलते हैं, वह मन में ऐसी गरम हवा का निर्माण करते हैं, जिसमें भीतर की कोमलता, उदारता और स्‍नेह कुछ ही मिनट में छू मंतर हो जाते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Oct 9, 2018, 08:59 AM IST
नई चुनौतियों को दावत दे सकता है सरकारी बैंकों का विलय

नई चुनौतियों को दावत दे सकता है सरकारी बैंकों का विलय

बैंकों में काम कर रहे कर्मचारी वर्ग का बड़ा रोल है. ऐसे में सभी पक्षों से बात किए बिना कोई निर्णय कितना कारगर होगा, यह कहना मुश्किल है.

अश्विनी राणा | Oct 8, 2018, 01:55 PM IST
डियर जिंदगी : जीवन के गाल पर डिठौना!

डियर जिंदगी : जीवन के गाल पर डिठौना!

सुख के बीच दुख, असुविधा की आहट, अभ्‍यास भी बेहद जरूरी है. इसके बिना सुख की अनुभूति अधूरी है.

दयाशंकर मिश्र | Oct 8, 2018, 09:36 AM IST
डियर जिंदगी : मन की गांठ!

डियर जिंदगी : मन की गांठ!

हमें उनके लिए जो हम पर निर्भर हैं, कहीं अधिक उदार होने की जरूरत है. जो सबल हैं, उनके प्रति स्‍नेह तो सहज, स्‍वाभाविक है.

दयाशंकर मिश्र | Oct 5, 2018, 09:39 AM IST
डियर जिंदगी : मीठे का ‘खारा’ होते जाना

डियर जिंदगी : मीठे का ‘खारा’ होते जाना

अकेलापन, केवल अकेले रहना नहीं है. यह तो उस संक्रामक विचार प्रक्रिया का ‘टिप ऑफ आइसबर्ग’ है, जो अपने साथ निराशा, दुख, ईर्ष्‍या और गहरी उदासी को साथ लिए चलता है.

दयाशंकर मिश्र | Oct 4, 2018, 09:20 AM IST
डियर जिंदगी : रिश्‍ते की ‘कस्‍तूरी’ और हमारी खोज!

डियर जिंदगी : रिश्‍ते की ‘कस्‍तूरी’ और हमारी खोज!

तय करिए कि हमारा स्‍नेह, प्रेम और आत्‍मीय उस मोबाइल, गैजेट्स के लिए है, जिसे हमने बनाया है या उनके लिए है, जिन्‍हें हमने बनाया है. जिनसे हम बने हैं!

दयाशंकर मिश्र | Oct 3, 2018, 09:10 AM IST
कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड में घोली रीवा की संस्कृति की महक

कृष्णा राजकपूर: जिन्होंने बालीवुड में घोली रीवा की संस्कृति की महक

राजकपूर को ग्रेट शोमैन के रूप में गढ़ने का योगदान रीवा को है. कृष्णा कपूर यहीं जन्मी, पली, बढ़ीं और पढ़ी. इसी एक अक्टूबर को उनके निधन के बाद जो संस्मरण पढ़ने को मिल रहे हैं उनमें एक मूलस्वर यही है.

जयराम शुक्ल | Oct 2, 2018, 07:15 PM IST
#Gandhi150: गांधी के समाजवाद को किसने लगाया पलीता?

#Gandhi150: गांधी के समाजवाद को किसने लगाया पलीता?

यह समाजवाद के प्रति गांधी की आस्था का ही नतीजा था कि उन्होंने अपना उत्तराधिकारी सरदार पटेल या राजेन्द्र प्रसाद के बजाय एक ‘समाजवादी’ जवाहरलाल नेहरू को बनाया. गांधी को लगता था कि नेहरू की समाजवाद में आस्था वास्तविक है.

सत्येंद्र सिंह | Oct 2, 2018, 01:09 PM IST
#Gandhi150: वर्तमान के आकाश पर जगमगाता भविष्य का सुनहरा तारा

#Gandhi150: वर्तमान के आकाश पर जगमगाता भविष्य का सुनहरा तारा

निश्चित रूप से गांधीजी का मूल्यांकन होना अभी बाकी है. जैसे-जैसे समय आगे बढ़ता जाएगा, गांधी की चमक निश्चित रूप से निखरती चली जाएगी.

डॉ. विजय अग्रवाल | Oct 2, 2018, 12:49 PM IST
#Gandhi150: गांधी जयंती का उत्सव तो ठीक है, उनका अनुकरण करना जरूरी

#Gandhi150: गांधी जयंती का उत्सव तो ठीक है, उनका अनुकरण करना जरूरी

चाहे बात रही हो स्वच्छता की, या ग्राम रोज़गार की, या अस्पृश्यता दूर करने की; सांप्रदायिक सद्भाव की या रूढ़िवाद के विरुद्ध जागरूकता की – गांधीजी ने तो जीवन और समाज के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर लोगों को एक रास्ता दिखने की कोशिश की थी. उनका अपना जीवन भी ऐसी बुराइयों के खिलाफ शांतिपूर्ण आन्दोलन चलाते बीता.

रतनमणि लाल | Oct 2, 2018, 11:33 AM IST

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