ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

हौसले की जरूरत केवल हिंद महासागर में नहीं होती. हर दिन की जिंदगी इससे कम मुश्किल वाली नहीं होती. हमारे आसपास बिखरा तनाव, निराशा और डिप्रेशन समुद्री तूफान जितना ही जानलेवा है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 26, 2018, 09:30 AM IST
डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 25, 2018, 09:35 AM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

प्रेम का बन्धन अटूट है

प्रेम का बन्धन अटूट है

पति-पत्नी एक-दूसरे के साथ अहम की लड़ाई पर आ जाते हैं. भूल जातें है कि जब रिश्ते बंधे तब किसी की नहीं सुनी, ना समाज की, ना माता-पिता की, ना जात-पात के बन्धनों की. 

रेखा गर्ग | Aug 20, 2018, 08:24 PM IST
डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

दोस्‍तों और परिवार की छांव की ओर लौटिए, उनसे दिल का हाल साझा कीजिए. बात कितनी भी क्‍यों न बिगड़ जाए, उसे संभाला जा सकता है. यह बात अपने दिल, दिमाग और दीवार पर साफ-साफ लिख दीजिए.

दयाशंकर मिश्र | Aug 20, 2018, 08:25 AM IST
एशियन गेम्स में हमें इन खेलों में मिल सकती सबसे ज्यादा कामयाबी

एशियन गेम्स में हमें इन खेलों में मिल सकती सबसे ज्यादा कामयाबी

एशियाड में अभी तक हमने कुल 616 पदक जीते हैं. जिसमें सर्वाधिक पदक एथलेटिक्स में हमें मिले हैं. यही ऐसा खेल है जो हमें पदक तालिका में सुपर 10 में बनाए रखता है.

अटल जी और उनका चहेता लखनऊ

अटल जी और उनका चहेता लखनऊ

अटल जी प्रधानमंत्री पद पर रहे हों या नहीं, उन्होंने लखनऊ और लखनवियों से सदैव रिश्ता कायम रखा. हरदम कोई न कोई मौका खोज वह लखनऊ आते-जाते रहे.

हरीश मिश्र | Aug 17, 2018, 10:44 AM IST
डियर जिंदगी :  'भीतर' कितनी टीस बची है...

डियर जिंदगी : 'भीतर' कितनी टीस बची है...

हमारे आसपास ऐसे लोगों की संख्‍या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो तनाव, उदासी और डिप्रेशन का सामना करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं. इसके कारण उनकी मानसिक, शारीरिक सेहत दोनों प्रभावित हो रही हैं.

 

दयाशंकर मिश्र | Aug 17, 2018, 08:34 AM IST
जो मृत्यु के सामने भी ‘अटल’ रहा, जिसकी “मौत से ठन गई”

जो मृत्यु के सामने भी ‘अटल’ रहा, जिसकी “मौत से ठन गई”

बहुमुखी प्रतिभा के धनी अटल जहां अपनी राजनीतिक शालीनता, सभ्यता, शिष्टाचार के कारण एक शिरोमणि हैं, वहीं उनकी कविताओं में छुपा गहरा दर्शन, भाव, और राष्ट्रवाद कठोर से कठोर व्यक्ति के ह्रदय में भी संवेदना उत्पन्न करने में सक्षम है.

पवन चौरसिया | Aug 16, 2018, 11:26 PM IST
वाजपेयी अटल रहेंगे लखनऊ की यादों में

वाजपेयी अटल रहेंगे लखनऊ की यादों में

पुराने लखनऊ के निवासी, कई बार विधायक और एक बार सांसद रहे भारतीय जनता पार्टी के नेता लालजी टंडन वाजपेयी के करीबी रहे हैं, और 90 के दशक में वाजपेयी की हर लखनऊ यात्रा पर लगातार उनके साथ रहते थे. 

रतनमणि लाल | Aug 16, 2018, 10:07 PM IST
अजातशत्रु नहीं थे अटल बिहारी वाजपेयी

अजातशत्रु नहीं थे अटल बिहारी वाजपेयी

1957 में जनसंघ के चार चुने सांसदों में से एक वाजपेयी जी का 1996 में भाजपा के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर बहुत रोचक रहा है.

व्यालोक | Aug 16, 2018, 09:06 PM IST
चले गए भाजपा को 'सबका' साथ दिलाने वाले अटल

चले गए भाजपा को 'सबका' साथ दिलाने वाले अटल

अटल जी को पता था कि भारत भावनाओं से चलने वाला मुल्क है. वह किसी वाद से जुड़ तो सकता है, लेकिन चल नहीं सकता.

पीयूष बबेले | Aug 16, 2018, 05:38 PM IST
सीरीज के बाकी के मैचों में भी टीम इंडिया की मुसीबत कम नहीं होने वाली

सीरीज के बाकी के मैचों में भी टीम इंडिया की मुसीबत कम नहीं होने वाली

भारतीय बल्लेबाजों का आत्मविश्वास ही लड़खड़ाया हुआ लगने लगा है. विराट कोहली अगर अच्छा खेल रहे हैं तो पीठ में दर्द की समस्या से विचलित हें. आर अश्विन अगर स्पिन के जाल में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को फंसा कर उन पर दबाव डाल रहे हैं तो वह भी बाएं हाल में लगी चोट से परेशान हैं.

सुशील दोषी | Aug 16, 2018, 04:47 PM IST
डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

अगर हमारे सपने में भय है. आशंका है. विश्‍वास की कमी है तो कैसे ख्‍वाब पूरे होंगे. उसके बाद सारी जिंदगी बहाने खोजते हुए, ‘बहानेसाइटिस’ में खर्च होगी.

दयाशंकर मिश्र | Aug 16, 2018, 08:19 AM IST
आजादी के 71 साल: 'खड़िया के घेरे' में हैं इंसान की आजादी

आजादी के 71 साल: 'खड़िया के घेरे' में हैं इंसान की आजादी

हम अपनी आज़ादी की 71वीं वर्षगांठ मना रहे हैं लेकिन क्या हम वाकई में आजाद हैं. दरअसल सभ्यता के विकास से लेकर अब तक हम कभी आजाद हुए ही नहीं है. जिस तरह से लाश को श्मशान तक ले जाते वक्त कंधे बदले जाते हैं उसी तरह हमने बस गुलामी के कंधे बदले हैं. 

पंकज रामेंदु | Aug 15, 2018, 09:22 AM IST
अंग्रेजों से आजादी मिल गई, लेकिन 'इस' आजादी को बचाने की फिक्र भी कीजिए

अंग्रेजों से आजादी मिल गई, लेकिन 'इस' आजादी को बचाने की फिक्र भी कीजिए

15 अगस्त राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक और ऐसे ही तमाम बंधनों से मुक्ति का पर्व है.

पंकज शुक्ला | Aug 15, 2018, 09:08 AM IST
आजादी के 71 साल: न हो कमीज तो पांवों से पेट ढंक लेंगे

आजादी के 71 साल: न हो कमीज तो पांवों से पेट ढंक लेंगे

पूंजीवाद का पुरखा अमेरिका है. यह तमगा अब ड्रैगन और लायनवाला एशिया छीनने जा रहा है. पूंजीवाद का रोड रोलर सबकुछ कुचलता, रौंदता हुआ चलता है- इच्छाएं, संवेदनाएं, आवाज़, अंदाज, समरसता, मनुष्यता.

जयराम शुक्ल | Aug 15, 2018, 08:47 AM IST
डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

याद रखिए, प्रेम, आत्‍मीयता और स्‍नेह समाज से इसलिए कम हो रहे हैं, क्‍योंकि इनकी चिंता में घुलने वाले तो बहुत हैं, लेकिन इन्‍हें दूसरों तक पहुंचाने वाले बहुत कम हैं. और जिस चीज के समर्थन में कम लोग होते हैं, वह चीज धीरे-धीरे गायब होती जाती है.

दयाशंकर मिश्र | Aug 14, 2018, 07:56 AM IST
नेहरू की छवि मलिन कर हम अपना भविष्य धूमिल कर रहे हैं...

नेहरू की छवि मलिन कर हम अपना भविष्य धूमिल कर रहे हैं...

नेहरू ने तो पराक्रमी और महान जीवन जिया. आज का भारत उनके आधुनिक मन का ही विस्तार अपने सार्वजनिक जीवन की समस्त सकारात्मकताओं में समेटे हुए है.

आलोक श्रीवास्तव | Aug 13, 2018, 07:55 PM IST
शहरों की प्लानिंग में ही खिंचा है आपदा का नक्शा

शहरों की प्लानिंग में ही खिंचा है आपदा का नक्शा

चौमासा बीतने में अभी डेढ़ महीना बाकी है और देश में 774 लोग बाढ़ और बारिश से मारे जा चुके हैं

पीयूष बबेले | Aug 13, 2018, 06:38 PM IST
डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

'अलग’ हो जाना या ठीक कर लेना, देखने में यह अलग-अलग बातें दिखती हैं, लेकिन असल में यह ‘एक’ ही हैं.

दयाशंकर मिश्र | Aug 13, 2018, 08:58 AM IST
लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

लॉर्ड्स टेस्ट: फटाफट क्रिकेट का असर तो नहीं है ये

अगर विश्व रैंकिग में नंबर एक टीम के विश्व रैंकिग में नंबर एक खिलाड़ी को 57 गेंदें रक्षात्मक तरीके से खेलने में लगातार दिक्कत आई हो तो हमें यह मान लेना चाहिए कि फटाफट क्रिकेट ने टेस्ट मैच के लिए जरूरी माने जाने वाले धैर्य को चलता कर दिया है.

सुविज्ञा जैन | Aug 11, 2018, 10:48 PM IST
डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

एक-दूसरे से खुलकर दिल की बातें कहने का हुनर अभी हम नहीं सीख पाएं हैं. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि हम खुलकर आसानी से अपने दिल का ‘हाल’ एक-दूसरे से बयां नहीं करते.

दयाशंकर मिश्र | Aug 10, 2018, 08:19 AM IST

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