ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

अपने भीतर एक ऐसी दुनिया का निर्माण हम करते जाते हैं, जो हमसे ही लडऩे के लिए, हमें ही हराने के लिए कमर कसे हुए हैं.

दयाशंकर मिश्र | Sep 24, 2018, 08:45 AM IST
छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बसपा ने कांग्रेस को दिया झटका

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बसपा ने कांग्रेस को दिया झटका

कांग्रेस को अब भी मध्य प्रदेश में बसपा से गठबंधन की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन बसपा ने इस फैसले से उसके ऊपर अपनी शर्तों को मानने के लिए दबाव तो बना ही दिया है.

सत्येंद्र सिंह | Sep 23, 2018, 12:28 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

नारियों के नरक निकेतन

नारियों के नरक निकेतन

जरूरत इस बात की है नारी निकतनों को जाल न बनाया जाए, बल्कि भविष्य की संभावनाओं का आश्रय बनाया जाए. 

पीयूष बबेले | Aug 7, 2018, 05:03 PM IST
महिलाएं और ओपन जेल : तिहाड़ से उम्मीद की एक किरण

महिलाएं और ओपन जेल : तिहाड़ से उम्मीद की एक किरण

भारत की जेलों में इस समय करीब 17,000 महिलाएं कैद हैं. इनमें से करीब 6000 आजीवन कारावास पर हैं. देश में महिलाओं के लिए कुल 18 जेलें हैं और सिर्फ 4 जेलें खुली जेलें हैं.

वर्तिका नंदा | Aug 7, 2018, 02:09 PM IST
Opinion: बालिका गृह की लड़कियो, तुम्हारा 'वजूद' ही नहीं है...

Opinion: बालिका गृह की लड़कियो, तुम्हारा 'वजूद' ही नहीं है...

बालिका गृह में जिंदगी बिता रहीं लड़कियां, घर से भागी हुईं ये लड़कियां, किसी नशे में गिरफ्त ये लड़कियां या किसी की भूल समझे जाने पर यूं ही सड़क पर छोड़ दी गईं ये लड़कियां आसान शिकार इसलिए भी हैं, क्योंकि समाज में इनका कोई अस्तित्व नहीं है.

पंकज रामेंदु | Aug 7, 2018, 01:27 PM IST
डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

भारत का सबसे बड़ा रोग यही है, ‘लोग क्‍या कहेंगे.’ जबकि लोग अक्‍सर कुछ नहीं कहते. जिसके पास आपके दुख में खड़े होने की शक्ति नहीं, उसके कहने से हम इतना क्‍यों डरते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Aug 7, 2018, 07:46 AM IST
एससी/एसटी कानून- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संसद के यू-टर्न से संकट

एससी/एसटी कानून- सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संसद के यू-टर्न से संकट

एससी/एसटी और तीन तलाक जैसे मामलों में कानून बनाने की तेजी दिखाने वाले राजनेता गर्वनेंस से जुड़े मुद्दों पर कानूनी बदलाव में टाल-मटोल करते रहते हैं.

विराग गुप्ता | Aug 6, 2018, 07:00 PM IST
भारत की निरंतरता और स्थिरता का नेहरू दर्शन नहीं समझ पाए नामवर

भारत की निरंतरता और स्थिरता का नेहरू दर्शन नहीं समझ पाए नामवर

प्राचीन विदेशी यात्रियों की किताबों में लिखे वर्णन शायद अतिरंजित और कल्पना पर आधारित ही अधिक लगते, अगर भारत की धरती से सदियों बाद उनके पुरातात्विक ढांचे न निकल आए होते, उन विवरणों से हूबहू मिलते.

आलोक श्रीवास्तव | Aug 6, 2018, 02:07 PM IST
डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

कठोर होना है तो अपने प्रति होइए. उदार होना है तो दूसरों के प्रति. सारी समस्‍या की जड़ इस सरल नियम का उल्‍टा होते जाना है.

दयाशंकर मिश्र | Aug 6, 2018, 08:11 AM IST
शिवमंगल सिंह सुमन: कालिदास की शेषकथा के अमर गायक

शिवमंगल सिंह सुमन: कालिदास की शेषकथा के अमर गायक

सुमनजी लिखते तो अद्भुत थे ही, उससे अच्छा प्रस्तुत करते थे..उनकी भाषणकला बेहतर थी या लेखन कला तय कर पाना मुश्किल. दिखने में तो शुभ्रवस्त्रावृता थे ही साक्षात् वाणी पुत्र लगते थे. उनकी स्मृति को नमन...

जयराम शुक्ल | Aug 5, 2018, 03:46 PM IST
बिना राग की रग-रग जाने, अपनी ही राह बनाने वाले किशोर कुमार

बिना राग की रग-रग जाने, अपनी ही राह बनाने वाले किशोर कुमार

हर साल उनके जन्मदिन पर उनके गानों और उनके निजी जीवन के कई पलों की बात होती है. उनके मसखरेपन और उनके सनक वाले किस्से खूब सुनने को मिलते हैं. लेकिन किशोर कुमार का वह पहलू हमेशा पीछे छिप जाता है, जिसने उन्हें सिनेमा के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचा दिया.

रवि भदौरिया | Aug 4, 2018, 12:46 PM IST
मां नंदा को कुमाऊं लाया था यह राजा, जीता था कैलाश मानसरोवर

मां नंदा को कुमाऊं लाया था यह राजा, जीता था कैलाश मानसरोवर

1655 ईस्वी में बाज बहादुर चंद ने गढ़वाल पर आक्रमण किया और रियासत जीत ली. उस वक्त गढ़वाल की रानी कर्णावती थी.

ललित फुलारा | Aug 3, 2018, 08:41 PM IST
डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

पति और पत्‍नी इस दुनिया में एक-दूसरे को छोड़कर बाकी सबको समझने योग्‍य मानते हैं! ऐसा क्‍या है इस रिश्‍ते में, जो उल्‍लास, आनंद, खुशी के ख्‍वाब से आरंभ होता है, वह कुछ ही दिनों में हिचकोले खाने लगता है.

दयाशंकर मिश्र | Aug 3, 2018, 07:31 AM IST
जो बच्चे हमारे नहीं हैं

जो बच्चे हमारे नहीं हैं

बच्चों पर केंद्रित तमाम अध्ययन उनकी शिक्षा, उनके विकास, उनके स्वास्थ्य आदि को लेकर बेहद चिंतित नजर आते हैं. उन्हें सदाशय और देशभक्त बनाने पर भी खूब शोर मचाते हैं. 

चिन्मय मिश्र | Aug 2, 2018, 09:16 PM IST
डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

यहां बच्‍चे को जरा सी खरोच, चोट, बुखार पर डॉक्‍टर को दिखाने का रिवाज है, लेकिन हम मन से भी बीमार हो सकते हैं. इसकी ओर किसी का ध्‍यान नहीं...

दयाशंकर मिश्र | Aug 2, 2018, 07:32 AM IST
गन्ने के गणित में क्या छुपा रही है सरकार

गन्ने के गणित में क्या छुपा रही है सरकार

मोदी सरकार ने उचित एवं लाभकारी मूल्यों में 20 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि जरूर की है लेकिन किसानों को गत वर्ष की तुलना मे मात्र 6.60 रुपये प्रति क्विंटल ही अधिक मिलेंगे. 

सुधीर पंवार | Aug 1, 2018, 09:16 PM IST
NRC पर हम जो करेंगे, उससे हमारी इंसानियत की परीक्षा होगी

NRC पर हम जो करेंगे, उससे हमारी इंसानियत की परीक्षा होगी

ऐसा भारत जिसे रवींन्द्रनाथ ठाकुर ने महामानवों का समुद्र कहा और पूरी दुनिया ने उसे वैसा माना भी. वह भारत जो अपने पांच हजार साल के भव्य इतिहास में शक, हूण, कुषाण, आर्य, अनार्य, द्रविण, मुस्लिम, ईसाई और न जाने कितनी नस्ल, धर्म और जातियों को अपने भीतर समेटता रहा है. वह आज लाखों लोगों को मरने के लिए न सही, तो अमानुष की तरह जीने के लिए छोड़ देगा?

पीयूष बबेले | Aug 1, 2018, 04:08 PM IST
डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

परिवार, मित्र ऐसे व्‍यक्‍ति को दिन-रात समझाने में जुटे रहते हैं, जो हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहता हो! उसे ‘करेक्‍ट’ करने की कोशिश की जाती है कि दूसरों के चक्‍कर में कहां पड़े रहते हो.

दयाशंकर मिश्र | Aug 1, 2018, 07:46 AM IST
प्रेमचंद: वे केवल लेखक नहीं एक सांस्कृतिक मशाल थे...

प्रेमचंद: वे केवल लेखक नहीं एक सांस्कृतिक मशाल थे...

हमें इस बात पर गर्व करना चाहिए कि प्रेमचंद केवल हिंदी और हिंदुस्तान के ही महान लेखक नहीं हैं. उर्दू भाषी पाकिस्तान के भी हैं. आखिर वे कौन-से कारण हैं कि राष्ट्रीय राजनीति में एक-दूसरे से त्रस्त देशों में प्रेमचंद उसी तरह स्वीकृत और मान्य हैं जिस तरह मीर-ग़ालिब और फैज या फिर मंटो.

मैं प्रेमचन्द की धनिया...

मैं प्रेमचन्द की धनिया...

लोग गोदान की धनिया को बहादुर कहते हैं. हां, इसी रूप में मैंने घर और घूंघट में से समय समय पर अपनी आवाज़ बुलंद की है. बुलंद आवाज़ में बोलना मेरा धर्म रहा है लेकिन आवाज़ तो मेरी थी मगर स्वर वही था जो होरी के कंठ से आना चाहिये था. होरी डरपोक था, मैंने अपनी दिलेरी अर्पण कर दी. औरत पतिव्रता एक ही तरह से नहीं होती, पतिव्रत कितनी कितनी जगह दिखाया जा सकता है यह कोई किसान या मज़दूर औरतों से पूछे.

मैत्रेयी पुष्पा | Jul 31, 2018, 08:43 AM IST
डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

 हमेशा 'हिसाब' में डूबे रहने वाले  अक्‍सर तनाव की छोटी नहर में भी डूब जाते हैं.  जिंदगी की नदी का मिजाज समझिए. हमेशा दूसरों से कुछ हासिल कर लेने, उनका उपयोग करने की चाहत से ऊपर उठिए.

दयाशंकर मिश्र | Jul 31, 2018, 07:39 AM IST
भारतीय राजनीतिः उतार चढ़ाव के नए रंग

भारतीय राजनीतिः उतार चढ़ाव के नए रंग

समाजवादी पार्टी के नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जिस तेजी से एक ‘युवा’ नेता के तौर पर उभरे थे, उसी तेजी से वे बसपा और कांग्रेस से गठबंधन करने की संभावनाओं पर सार्वजानिक कोशिश करने के बाद कमजोर पड़ते दिख रहे हैं.

रतनमणि लाल | Jul 30, 2018, 06:33 PM IST

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