ज़ी स्पेशल

फिल्म उद्योग की “ऑक्सीजन” फिल्में

फिल्म उद्योग की “ऑक्सीजन” फिल्में

अंग्रेजों के दौर पर बनी ‘ठग्स ऑफ हिन्दुस्तान’ ने दर्शकों को जितना अधिक निराश किया है, शायद ही अब तक किसी फिल्म ने किया हो.

डॉ. विजय अग्रवाल | Nov 16, 2018, 07:12 PM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो...

डियर जिंदगी: जब मन का न हो...

तुलना से बचना, मुश्किल में अपने ऊपर भरोसा रखना एक कला है, जिसके भीतर जितना धैर्य, साहस, भरोसा होगा, वह इस कला का उतना ही बेहतर उपयोग कर पाएगा...

दयाशंकर मिश्र | Nov 16, 2018, 08:45 AM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : ‘बड़े’ बच्‍चों को भी चाहिए प्रेम

डियर जिंदगी : ‘बड़े’ बच्‍चों को भी चाहिए प्रेम

बच्‍चा कितना ही बड़ा हो जाए, माता-पिता के लिए बच्‍चा ही है. और उसके बच्‍चा बने रहने में कोई गलती नहीं, वह बस थोड़े से स्‍नेह का स्‍पर्श ही तो मांग रहा है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 27, 2018, 10:02 AM IST
खिलाड़ियों की तरह ही लोकप्रिय थे जसदेव सिंह

खिलाड़ियों की तरह ही लोकप्रिय थे जसदेव सिंह

उम्र के उस पड़ाव पर भी उनकी गंभीरता प्रभावित करने वाली थी. जिसने मुझे बहुत कुछ सिखाया. तब समझ में आया कि क्यों खेल कमेन्ट्री के क्षेत्र में व अन्य राष्ट्रीय आयोजनों में उनकी तूती बोलती थी.

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

हौसले की जरूरत केवल हिंद महासागर में नहीं होती. हर दिन की जिंदगी इससे कम मुश्किल वाली नहीं होती. हमारे आसपास बिखरा तनाव, निराशा और डिप्रेशन समुद्री तूफान जितना ही जानलेवा है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 26, 2018, 09:30 AM IST
डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 25, 2018, 09:35 AM IST
डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

डियर जिंदगी : दुख का संगीत!

अपने भीतर एक ऐसी दुनिया का निर्माण हम करते जाते हैं, जो हमसे ही लडऩे के लिए, हमें ही हराने के लिए कमर कसे हुए हैं.

दयाशंकर मिश्र | Sep 24, 2018, 08:45 AM IST
छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बसपा ने कांग्रेस को दिया झटका

छत्‍तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बसपा ने कांग्रेस को दिया झटका

कांग्रेस को अब भी मध्य प्रदेश में बसपा से गठबंधन की उम्मीद बनी हुई है, लेकिन बसपा ने इस फैसले से उसके ऊपर अपनी शर्तों को मानने के लिए दबाव तो बना ही दिया है.

सत्येंद्र सिंह | Sep 23, 2018, 12:28 PM IST
स्वार्थ के आगे बौनी है पर्यावरण की चिंता

स्वार्थ के आगे बौनी है पर्यावरण की चिंता

स्वामी ज्ञानस्वरूप सानंद यानि प्रोफेसर जीडी अग्रवाल गंगा एक्ट बनाने के लिए लड़ाई लड़ रहे हैं, जिसका मूल यही है कि गंगा के उद्गम से 250 किमी के दायरे तक कम से कम उसके किनारे किसी तरह का कोई निर्माण ना किया जाए.

पंकज रामेंदु | Sep 22, 2018, 10:25 AM IST
कितने बदले हैं 498ए में गिरफ़्तारी के प्रावधान?

कितने बदले हैं 498ए में गिरफ़्तारी के प्रावधान?

 इस धारा के मुताबिक 7 साल से कम की सजा के प्रावधान वाले मामलों में पुलिस सीधे गिरफ्तार नहीं कर सकती, इसके लिए पुलिस को कारण सहित मजिस्ट्रेट की परमिशन की ज़रूरत होती है. 

विनय जायसवाल | Sep 21, 2018, 07:57 PM IST
डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

डियर जिंदगी : कितना सुनते हैं!

जब हमें गुस्‍सा दिलाने के लिए अब शब्‍दों की जगह आंख भर से काम हो जाए तो हमें समझना होगा कि हम कितने गंभीर स्‍तर पर पहुंच गए हैं! हम अंदर से इतने उबल रहे हैं कि ‘तापमान’ में जरा सा बदलाव हमारे गुस्‍से को ज्‍वालामुखी में बदल देता है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 21, 2018, 09:57 AM IST
धारा 377 के खत्म होने से हर अल्पसंख्यक तबके को मिली मौलिक अधिकारों की गारंटी

धारा 377 के खत्म होने से हर अल्पसंख्यक तबके को मिली मौलिक अधिकारों की गारंटी

हम अतीत में झांके तो लोकतांत्रिक व्यवस्था को भारत में पहली सीधी चुनौती सन 1975 में अपातकाल के माध्यम से मिली थी.

चिन्मय मिश्र | Sep 20, 2018, 06:20 PM IST
सुरमई पंखों पर सवार होकर आई संजा परंपरा का लोक स्वर

सुरमई पंखों पर सवार होकर आई संजा परंपरा का लोक स्वर

कहते हैं संजा एक लोक देवी है जो हर साल अपनी सखी-कन्याओं के बीच श्राद्ध पक्ष के 15  दिनों तक हंसी-ठिठोली करने अपने अंचल में आ पहुंचती है.

विनय उपाध्याय | Sep 20, 2018, 04:15 PM IST
डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

डियर जिंदगी : जब बच्‍चों के नंबर 'कम' आएं...

स्‍कूल बच्‍चों के रिजल्‍ट को 'सेल' करके नई फ्रेंचाइजी बनाने में व्‍यस्‍त हैं. उनका बच्‍चों पर से ध्‍यान पूरी तरह गायब है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 20, 2018, 07:31 AM IST
दक्षिणपंथ जेएनयू में वामपंथ से निपट सकता है बशर्ते...

दक्षिणपंथ जेएनयू में वामपंथ से निपट सकता है बशर्ते...

वामपंथ का दूसरा मजबूत मोर्चा है, मीडिया. भले ही चार साल से आप सुन रहे होंगे कि मीडिया पर सरकार ने कब्जा कर लिया है, संघ या भाजपा उसे डिक्टेट कर रही है, लेकिन यह सरकार इस मोर्चे पर बहुत बुरी तरह असफल रही है. 

व्यालोक | Sep 19, 2018, 03:19 PM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

डियर जिंदगी : बच्‍चों के निर्णय!

दिलों में प्रेम तो है लेकिन वह रिवाजों के जाल में कहीं बंध गया है. ऐसे में थोड़े सा स्‍नेह जिंदगी के सारे तनाव को बिसार सकता है. 

दयाशंकर मिश्र | Sep 19, 2018, 09:13 AM IST
समलैंगिक रिश्तों के कानूनी पहलुओं को कैसे करेंगे हल?

समलैंगिक रिश्तों के कानूनी पहलुओं को कैसे करेंगे हल?

मौजूदा कानूनी लड़ाई की शुरुआत भले ही नाज़ फाउंडेशन द्वारा दिसंबर, 2001 में दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल याचिका से शुरू हुई हो लेकिन आईपीसी 377 के खिलाफ पहली याचिका एड्स भेदभाव संगठन ने 1994 में दाखिल की गई थी.

विनय जायसवाल | Sep 18, 2018, 10:55 PM IST
दलित राजनीति में क्या होगी चंद्रशेखर की बिसात

दलित राजनीति में क्या होगी चंद्रशेखर की बिसात

पिछले कुछ समय से चंद्रशेखर को लेकर उत्तर प्रदेश की अनुसूचित जाति की राजनीति में हलचल मची हुई है. लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठता रहा है कि चंद्रशेखर आजाद का यह उभार पानी के बुलबुले की तरह क्षणिक है या यह प्रदेश की अनुसूचित जाति की राजनीति पर कोई स्थायी प्रभाव छोड़ पाएगा?

सत्येंद्र सिंह | Sep 18, 2018, 01:48 PM IST
डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

आपसे विनम्र अनुरोध है कि अपने बच्‍चों की परवरिश से दुविधा, अनिर्णय, कठोरता और अपने ‘भोगे’ को हमेशा के लिए बाहर कर दें.

दयाशंकर मिश्र | Sep 18, 2018, 08:40 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

बच्‍चे का जीवन सबसे मूल्‍यवान है, उससे बढ़कर आपके लिए कुछ नहीं. न समाज, न कोई परीक्षा और न ही कोई रिजल्‍ट आपके और बच्‍चे के बीच आना चाहिए.

दयाशंकर मिश्र | Sep 17, 2018, 08:07 AM IST
 'श्रीनिवास तिवारी' अष्टधातुई देवों से अलग एक जन नेता

'श्रीनिवास तिवारी' अष्टधातुई देवों से अलग एक जन नेता

भाजपाई इस मामले में ज्यादा चतुर हैं. श्रीनिवास तिवारी के निधन के बाद सबसे पहले पहुंचने वाले बड़े नेताओं में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान थे.

जयराम शुक्ल | Sep 16, 2018, 08:14 PM IST
जब आकाशवाणी 25 रुपए में कराता था हिंदी कमेंटरी, तब क्रिकेटर कतराते थे

जब आकाशवाणी 25 रुपए में कराता था हिंदी कमेंटरी, तब क्रिकेटर कतराते थे

सन 1975 से 1982 तक तो रेडियो की हिंदी कमेंटरी का स्वर्णकाल था. टेलिविजन तब था नहीं. पूरा देश रेडियो लगा कर दिलचस्पी के साथ कमेंटरी सुनता था.

सुशील दोषी | Sep 14, 2018, 06:23 PM IST

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close