ज़ी स्पेशल

उपेंद्र कुशवाहा के बगैर सामाजिक न्याय की बात बेमानी

उपेंद्र कुशवाहा के बगैर सामाजिक न्याय की बात बेमानी

नीतीश कुमार इस स्पेस पर बड़ी दावेदारी करते रहे हैं, लेकिन इनका सामाजिक न्याय नकद प्रोत्साहन भत्ता तक सीमित होता जा रहा है.

राहुल कुमार | Nov 18, 2018, 03:30 PM IST
'माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज'

'माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज'

अखबारों की पूरी विज्ञापन सीरीज भी शिवराज सिंह चौहान के व्यक्तित्व को केंद्र में रखकर रची गई है. विज्ञापन की टैग लाइन है-माफ करो महाराज! हमारा नेता शिवराज.

संतोष मानव | Nov 18, 2018, 02:48 PM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

पाताल में समाती नैतिकता

पाताल में समाती नैतिकता

पुरानी मॉब लिंचिंग (पीट-पीट कर मार डालने) की घटनाओं पर कठोर कार्रवाई और तीखी सामाजिक प्रतिक्रिया न आने की वजह से, इनकी पुरावृत्ति लगातार बढ़ती जा रही है.

चिन्मय मिश्र | Sep 6, 2018, 10:27 PM IST
काश कि खुशियां सबके दामन में हों, वह दिन कब आएगा

काश कि खुशियां सबके दामन में हों, वह दिन कब आएगा

हिन्दुस्तान की गरीबी दूर करने के लिए मतगणना, जनगणना व जातिगणना से ज्यादा जरुरी है रोजगार गणना.

रेखा गर्ग | Sep 6, 2018, 05:02 PM IST
डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

हमने सुख-दुख, जीवन के अनुभवों को ‘एक्‍सक्‍लूसिव’ मान लिया, जबकि यह जीवन के सामान्‍य राग हैं. इनमें कुछ भी विशेष नहीं. हमें इनका साक्षी बनकर जीवन जीना है, इनका चौकीदार बनकर नहीं.

दयाशंकर मिश्र | Sep 6, 2018, 08:38 AM IST
शिक्षक वो जो ‘कहे ऐसा भी हो सकता है’

शिक्षक वो जो ‘कहे ऐसा भी हो सकता है’

हम आज भी लॉर्ड मैकाले के तरीके का अनुसरण कर रहे है. जिसका मकसद भारत में शिक्षा फैलाना नहीं था बल्कि ऐसी बाबुओं की कौम तैयार करना था जो सत्ता की कमांड को मान सके.

पंकज रामेंदु | Sep 5, 2018, 08:14 PM IST
शिक्षक दिवस- गूगल गुरु के सामने लाचार विश्व गुरु

शिक्षक दिवस- गूगल गुरु के सामने लाचार विश्व गुरु

भारत में अंग्रेजी के प्रति व्यामोह और मैकाले की शिक्षा प्रणाली की वजह से अधिकांश मां-बाप अपने बच्चों को बड़े स्कूल और कालेज में पढ़ाना चाहते हैं. 

विराग गुप्ता | Sep 5, 2018, 07:28 PM IST
डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

हमारी सोच, सपने के साकार होने के लिए एक अकेला जीवन काफी नहीं है. एक अकेले हम काफी नहीं हैं. जीवन इसलिए अकेला नहीं, उसका सारांश साथ में है. जीवन असल में सह-जीवन है. दूसरों के साथ समन्‍वय है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 5, 2018, 08:23 AM IST
जेलों और सत्ता के बीच संवाद का डर

जेलों और सत्ता के बीच संवाद का डर

बिहार की हजारीबाग जेल में अपने अनुभवों पर आधारित किताब 'माई ईयर्स इन एन इंडियन प्रिजन' के जरिए मेरी टेलर ने भारतीय जेलों के हर कोने को पूरी सच्चाई से अपने शब्दों में पिरो दिया है

वर्तिका नंदा | Sep 5, 2018, 12:11 AM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

निर्णय तो दो में से किसी एक का ही हो सकता है, लेकिन मन तो नहीं बंटना चाहिए.’ ऐसी खूबसूरत बात अनुभव की अंगीठी में ही पक सकती है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 4, 2018, 07:43 AM IST
हरियाणा में बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी की नई पार्टी से BJP को ही हो सकता है फायदा

हरियाणा में बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी की नई पार्टी से BJP को ही हो सकता है फायदा

अगर कहीं खट्टर सरकार ने वाड्रा-हुड्डा केस को भ्रष्टाचार का मुहावरा बनाकर जन समर्थन अपनी तरफ खींच लिया और सैनी ने कांग्रेस के गैर जाट वोट में सेंध लगा दी तो खट्टर की डगमगाती नैया पार लग सकती है.

पीयूष बबेले | Sep 4, 2018, 06:06 AM IST
आदिवासी समाज के बिना पर्यावरण संरक्षण एक आत्मघाती सोच है...

आदिवासी समाज के बिना पर्यावरण संरक्षण एक आत्मघाती सोच है...

नीति आयोग की ताजा रिपोर्ट “कम्पोसिट वाटर मेनेजमेंट इंडेक्स-2018” के बारे में आप जानते ही होंगे, जो कहती है कि देश के 60 करोड़ लोग पानी के “उच्च से अति उच्च” स्तर के जलसंकट का सामना कर रहे हैं.

सचिन कुमार जैन | Sep 3, 2018, 06:19 PM IST
कृष्ण: मुक्ति संघर्ष के महानायक

कृष्ण: मुक्ति संघर्ष के महानायक

कृष्ण आदि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे. स्वराज, स्वाधीनता और स्वतंत्रता क्या है कृष्णचरित के जरिए अच्छे से समझा जा सकता है.

जयराम शुक्ल | Sep 3, 2018, 01:32 PM IST
डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

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जिंदगी वन-वे ट्रैफिक नहीं है. जहां सड़क ठीक मिले तो आपको मनचाही गति मिल जाती है. दूसरे के कहीं और से ‘प्रवेश’ की चिंता नहीं होती. बस अपनी ड्राइविंग पर ध्‍यान लगाकर मंजिल तक पहुंचा जा सकता है!

दयाशंकर मिश्र | Sep 3, 2018, 09:36 AM IST
वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

वाणी लोककल्याण का उपकरण थी मुनिश्री तरुण सागर के लिए

मुनिश्री तरुण सागर आचार्य पुष्पदंत के शिष्य थे, जब वे लोकमुक्त हुए उस समय वे दिल्ली में वर्षावास कर रहे थे. 

सुविज्ञा जैन | Sep 2, 2018, 11:26 PM IST
कैलाश मानसरोवर यात्रा: क्या राहुल गांधी के नए आस्तिक कवच को भेद पाएगी बीजेपी

कैलाश मानसरोवर यात्रा: क्या राहुल गांधी के नए आस्तिक कवच को भेद पाएगी बीजेपी

राहुल गांधी ने पिछले कुछ वर्ष में जिस तरह मंदिर-दर्शन को अपने राजनैतिक कार्यक्रमों का अभिन्न अंग बना लिया है, उससे बड़ी मेहनत से कांग्रेस पर थोपी गई मुस्लिमपरस्ती की छवि जरा धूमिल हुई है.

पीयूष बबेले | Sep 2, 2018, 06:42 PM IST
श्रद्धांजलि:  चला गया युवाओं को उत्साह और हिंसा का भेद समझाने वाला राष्ट्रसंत

श्रद्धांजलि: चला गया युवाओं को उत्साह और हिंसा का भेद समझाने वाला राष्ट्रसंत

आज जैन मुनि तरुण सागर महाराज जब हम सबके बीच नहीं हैं, तब हम सब उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि देते हैं और उसके साथ ही सबसे निवेदन करते हैं कि उनकी बातों को बहुत ध्यान से सुना जाए और ह्रदय में बसाया जाए. 

हम कब समझेंगे पानी की एक बूंद की कीमत

हम कब समझेंगे पानी की एक बूंद की कीमत

पानी की कमी हमें कहां तक ले जाएगी, ये आज का गम्भीर विषय है. हमें समय रहते ही सचेत होना होगा. पानी की कमी से हमें भविष्य में अनेक मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है.

रेखा गर्ग | Sep 1, 2018, 12:36 PM IST
नक्सलवाद यदि असहमति का मर्ज, फिर नजरबंदी का इलाज क्यों?

नक्सलवाद यदि असहमति का मर्ज, फिर नजरबंदी का इलाज क्यों?

नक्सलवाद पर सभी दलों की राजनीति- पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने जिन 128 संगठनों के खिलाफ कार्रवाई के लिए राज्य सरकारों को पत्र लिखा था उनमें इन आरोपियों के संगठनों का भी नाम था. 

विराग गुप्ता | Aug 31, 2018, 05:47 PM IST
मैं ब्राह्मण हूं और महिला हूं, इसलिए समाजवादी पार्टी में मेरे लिए नहीं थी जगह: पंखुड़ी पाठक

मैं ब्राह्मण हूं और महिला हूं, इसलिए समाजवादी पार्टी में मेरे लिए नहीं थी जगह: पंखुड़ी पाठक

समाजवादी पार्टी छोड़ने के बाद पार्टी की युवा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने पहली बार ZEE NEWS डिजिटल पर खोले अपने दिल के राज.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Aug 31, 2018, 03:27 PM IST
डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

अकेले होने के अर्थ पुराने हो चले हैं. अब अकेले होने के मायने हो गए हैं, आप एक कमरे में चुपचाप मोबाइल के साथ अकेले हैं! आप वीडियो गेम के साथ अकेले हैं. अकेले में आप चैटिंग कर रहे होते हैं.

दयाशंकर मिश्र | Aug 31, 2018, 08:08 AM IST
...क्योंकि ध्यानचंद हॉकी के 'भगवान' नहीं बने!

...क्योंकि ध्यानचंद हॉकी के 'भगवान' नहीं बने!

29 अगस्त को दद्दा के जन्मदिन को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है. इस दिन खेल से जुड़े सभी सम्मान व पुरस्कार बांटे जाते हैं. जिस किसी ने उनकी स्मृति को अक्षुण्ण रखने के लिए यह निर्णय लिया है वह स्तुत्य है.

जयराम शुक्ल | Aug 30, 2018, 07:33 PM IST

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