ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

डियर जिंदगी : ‘फूल बारिश में खिलते हैं, तूफान में नहीं…’

हौसले की जरूरत केवल हिंद महासागर में नहीं होती. हर दिन की जिंदगी इससे कम मुश्किल वाली नहीं होती. हमारे आसपास बिखरा तनाव, निराशा और डिप्रेशन समुद्री तूफान जितना ही जानलेवा है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 26, 2018, 09:30 AM IST
डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

डियर जिंदगी : तुम आते तो अच्‍छा होता!

जब सपनों की शहर में आपके पांव अच्‍छी तरह जम जाएं तो होता यह है कि अपनों की बातें आप तक पहले तो पहुंचती ही नहीं और पहुंच भी जाए तो अच्‍छी बात भी ‘कड़वी’ लगने लगती है.

दयाशंकर मिश्र | Sep 25, 2018, 09:35 AM IST

अन्य ज़ी स्पेशल

डियर जिंदगी : शुक्रिया, एंटोइन ग्रीजमैन!

डियर जिंदगी : शुक्रिया, एंटोइन ग्रीजमैन!

जिस विनम्रता, कृतज्ञता का उन्‍होंने बेहद जुनूनी, उत्‍तेजना के पल में परिचय दिया वह बेमिसाल है. उन्होंने साबित किया कि जीवन मूल्‍य अगर आत्‍मा तक उतरे हों, तो बाहर 'चादर' कैसी भी हो, वह कभी मैले नहीं होते. 

दयाशंकर मिश्र | Jul 11, 2018, 07:08 AM IST
टी-20 में भारत को हराना मुश्किल है

टी-20 में भारत को हराना मुश्किल है

इस टी-20 श्रृंखला में भी पैसा जमकर बरसा. फुटबॉल के मौसम में भी क्रिकेट की टीआरपी अगर नहीं गिरी, तो इससे यह भी साबित हो गया कि भारतीय मूलत: क्रिकेट पसंद लोग हैं. 

सुशील दोषी | Jul 10, 2018, 05:55 PM IST
सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण - कब दिखेगी न्यायिक क्रांति?

सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का सीधा प्रसारण - कब दिखेगी न्यायिक क्रांति?

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विराग गुप्ता | Jul 10, 2018, 04:59 PM IST
डियर जिंदगी : थोड़ा वक्‍त उनको, जिन्होंने हमें खूब दिया...

डियर जिंदगी : थोड़ा वक्‍त उनको, जिन्होंने हमें खूब दिया...

नीम का पेड़ लगाने से नीम और आम का पेड़ तैयार करने से आम होता है. यह प्रकृति का शास्‍वत नियम है. सब पर बिना भेदभाव लागू होता है.

दयाशंकर मिश्र | Jul 10, 2018, 07:47 AM IST
संस्कृति और राष्ट्रवाद का नाम लेकर महिलाओं को गाली देने वाले इस देश को तबाह कर देंगे

संस्कृति और राष्ट्रवाद का नाम लेकर महिलाओं को गाली देने वाले इस देश को तबाह कर देंगे

सोशल मीडिया पर जिस तरह ट्रोल गुंडों की फौज खड़ी हो गई है, वह अपने आपमें बहुत खतरनाक है. ये कोई अकेले सिरफिरे लोग नहीं हैं, जो, जो मन में आए लिख देते हैं.

डियर जिंदगी : ‘बीच’ में कौन आ गया!

डियर जिंदगी : ‘बीच’ में कौन आ गया!

सोशल मीडिया पर संबंध उनके लिए हैं, जिनके पास शायद असली जिंदगी में रिश्‍ते, दोस्‍तों की कमी है. उनके लिए नहीं जो इसकी कीमत पर असली संबंधों को ही तबाह किए जा रहे हैं. 

दयाशंकर मिश्र | Jul 9, 2018, 07:42 AM IST
यादें शेष: लोकमन में भीगा अमृत छलका गए वेगड़

यादें शेष: लोकमन में भीगा अमृत छलका गए वेगड़

पुण्य सलिला नर्मदा का यह मानस पुत्र छः जुलाई की सुबह नौ दशक की आयु पूरी कर महायात्रा पर निकल पड़ा. 

विनय उपाध्याय | Jul 7, 2018, 09:08 PM IST
अमृतलाल वेगड़ : चला गया नर्मदा का एक और प्रेमी

अमृतलाल वेगड़ : चला गया नर्मदा का एक और प्रेमी

वेगड़ जी हम लेखकों की तरह नहीं थे. न ही छायावादियों जैसे स्वप्नदर्शी और स्वप्नजीवी ही. तब भी उनके पास सपने तो थे, जिन्हें वे उसी जीवन को मथकर उसी में रमकर निकालते थे.

श्रद्धांजलि अमृतलाल वेगड़ : आज नर्मदा निपूती हो गई...

श्रद्धांजलि अमृतलाल वेगड़ : आज नर्मदा निपूती हो गई...

वेगड़जी के पीछे आज नर्मदा भी सोचती तो जरूर होगी कि आखिर यह उसका कैसा बेटा था, जो उससे कुछ नहीं मांगता था. न पानी, न रेत, न पुण्य, न मोक्ष. बस अपनी मां को निहारता था और उसके सौंदर्य को शब्दों में पिरोता रहता था...

पीयूष बबेले | Jul 6, 2018, 03:15 PM IST
स्‍मृति शेष: अमृतलाल वेगड़ के सदेह हमारे बीच न होने के मायने...

स्‍मृति शेष: अमृतलाल वेगड़ के सदेह हमारे बीच न होने के मायने...

वेगड़ ने बहुत पीड़ा के साथ कहा था, ‘हम हत्यारे हैं, अपनी नदियों के हत्यारे. क्या हाल बना दिया है हमने नदियों का?'

पंकज शुक्ला | Jul 6, 2018, 02:11 PM IST
डियर जिंदगी:  फि‍र भी 'सूखा' मन के अंदर...

डियर जिंदगी: फि‍र भी 'सूखा' मन के अंदर...

जिंदगी में ऐसे पड़ाव तब आते हैं, जब जिंदगी को सपनों के पंख मिल चुके होते हैं. हम उड़ना शुरू कर चुके होते हैं, लेकिन इस लंबी यात्रा का यह पल अपने साथ कई चुनौतियां लेकर आता है.

दयाशंकर मिश्र | Jul 6, 2018, 07:13 AM IST
कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

कितनी बड़ी घटना है एमएसपी का ऐलान

सब जानते हैं कि सरकारी खरीद देर से शुरू होती है. उधर किसान पर फौरन बेचने का दबाव होता है. सरकारी मंडियों में एक साथ आवक होने के कारण ही हायतौबा मचती है. 

सुविज्ञा जैन | Jul 5, 2018, 08:15 PM IST
कौए के पीछे भागने से पहले कान देख लें...

कौए के पीछे भागने से पहले कान देख लें...

हाल ही कुछ जगह लोगों की पीट पीट कर हत्या करने के मामले सामने आए थे. इसके लिए वॉट्सएप के ज़रिये फैलाए गए भड़काऊ संदेशों को कारण बताया जा रहा है.

पंकज रामेंदु | Jul 5, 2018, 03:53 PM IST
डियर जिंदगी: सुख की प्रतीक्षा में...

डियर जिंदगी: सुख की प्रतीक्षा में...

पहले हम कहीं अधिक संतोष में थे. सुख में थे. उसकी वजह एक समाज के रूप में संतोषी होना ही नहीं था, बल्कि उसके मूल में जीवन की प्रक्रिया में गहरा भरोसा था.

दयाशंकर मिश्र | Jul 5, 2018, 08:03 AM IST
राजकुमार हिरानी की 'संजू' का संदेश : मीडिया बोलता है अब बस हो गया!

राजकुमार हिरानी की 'संजू' का संदेश : मीडिया बोलता है अब बस हो गया!

शायद बॉलीवुड सतही मनोरंजन और नकली दुनिया के साथ एक अलग ही दुनिया में रहता है. 

प्रसाद सान्याल | Jul 4, 2018, 10:02 PM IST
सुप्रीम कोर्ट का फैसला: विवाद सुलझेंगे या अब राष्ट्रपति भवन उनके दायरे में आएगा!

सुप्रीम कोर्ट का फैसला: विवाद सुलझेंगे या अब राष्ट्रपति भवन उनके दायरे में आएगा!

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या होगा अंजाम- सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर केन्द्र शासित राज्यों के अलावा विपक्षी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की निगाह बनी हुई थी, जहाँ दिल्ली में गतिरोध के मुद्दे पर केन्द्र सरकार के विरुद्ध राजनीतिक धुव्रीकरण का प्रयास हो रहा था. 

विराग गुप्ता | Jul 4, 2018, 01:19 PM IST
डियर जिंदगी: आप किसके साथ हैं!

डियर जिंदगी: आप किसके साथ हैं!

परेशानी अगर है तो इसमें कि आप पहले हामी भरते हैं, फि‍र उसे बिसरा देते हैं. कितनी आसानी से हम कह देते हैं, ‘मैं हूं ना’

दयाशंकर मिश्र | Jul 4, 2018, 08:05 AM IST
लड़कों से होने वाले बलात्कार को छिपाना सामाजिक नियम है!

लड़कों से होने वाले बलात्कार को छिपाना सामाजिक नियम है!

भारत में केवल लड़कियां ही असुरक्षा के जाल में नहीं फंसी हैं. लड़के भी बलात्कार और यौन शोषण के शिकार होते हैं. इस विषय को पेश करने का मकसद यह साबित करना कतई नहीं है कि समाज में लड़के असुरक्षित है और लड़कियां सुरक्षित हैं!

सचिन कुमार जैन | Jul 3, 2018, 10:43 PM IST
सुषमा और प्रियंका की ट्रोलिंग पर मैत्रेयी पुष्पा: स्त्री तेरे साथी कहां हैं?

सुषमा और प्रियंका की ट्रोलिंग पर मैत्रेयी पुष्पा: स्त्री तेरे साथी कहां हैं?

अब क्या हुआ इन पढ़े लिखे लोगों को? राजनैतिक कुर्सियों के ओहदेदारों को? स्त्रियों पर कब तक गालियों अपशब्दों के कोड़े चलवाते रहेंगे? ये ट्रोल सेनायें क्या सोशल मीडिया पर औरतों को पछाड़ने के लिये उतारी हैं? 

मैत्रेयी पुष्पा | Jul 3, 2018, 07:13 PM IST

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