चैंपिंयस ट्राफी में टीम इंडिया के इन 5 बॉलरों ने खींचा दुनिया का ध्यान, आंकड़े दे रहे गवाही

Last Updated: Monday, June 19, 2017 - 16:03
चैंपिंयस ट्राफी में टीम इंडिया के इन 5 बॉलरों ने खींचा दुनिया का ध्यान, आंकड़े दे रहे गवाही
चैंपियंस ट्रॉफी में इन पांच गेंदबाजों ने मचाया धमाल
Mridula Bhardwaj

नई दिल्ली : कहते हैं मैच गेंदबाज जितवाते हैं. अंतिम मैच को छोड़ दें तो भारतीय गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की. खासतौर पर जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने, लेकिन भारत के ट्रंप कार्ड कहे जाने वाले आर. अश्विन इस पूरे टूर्नामेंट में असफल साबित हुए. 

चैंपियंस ट्रॉफी के लिए रवाना होने से पहले अश्विन ने कहा था कि उनके तरकश में कुछ नये तीर हैं जिन्हें वे चैंपियंस ट्रॉफी में इस्तेमाल करेंगे. लेकिन ऐसा कोई तीर दिखाई नहीं दिया. आइये नजर डालते हैं चैंपियंस ट्रॉफी में कुछ भारतीय गेंदबाजों पर: 

जसप्रीत बुमराह

इस चैंपियंस ट्रॉफी से पहले ही यह उम्मीद की जा रही थी कि बुमराह को इंग्लैंड की पिचें बहुत मदद करेंगी. बुमराह ने इस उम्मीद पर खरे उतरते हुए शानदार गेंदबाजी की. भारत को फाइनल तक पहुंचाने में बुमराह का खासा योगदान है. उन्होंने चार मैचों में विकेट तो चार ही लिए हैं लेकिन बल्लेबाज उनकी गेंदों पर खुल कर शॉट नहीं खेल पाये हैं. उन्होंने 4.3 रन प्रति अोवर ही खर्च किये हैं. यह शानदार इकॉनामी रेट है. उनकी गेंदबाजी के सामने कोई भी टीम रन नहीं बना पाई है. किंतु अंतिम मैच में बुमराह ने खासी खराब गेंदबाजी की. उन्होंने 9 ओवरों में 68 रन दिये और उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला.

भुवनेश्वर कुमार

चैंपियंस ट्रॉफी में भुवनेश्वर पर भी सबकी निगाहें थीं. भुवनेश्वर लाइन और लैंथ पर गेंदें डालते हैं और बल्लेबाजों को लगातार परेशान करते हैं. वह विकेट टेकिंग गेंदबाज हैं. उमेश यादव और बुमराह के साथ मिलकर उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में अब तक शानदार गेंदबाजी की है. उन्होंने इस टूर्नामेंट के 5 मैचों में 7  विकेट लिए. अंतिम मैच से पहले तक उनका रन देने का औसत 4.7 था, जो एक दिवसीय के लिहाज से बहुत अच्छा इकॉनामी रेट है. अंतिम मैच में भी केवल भुवनेश्वर ने ही अच्छी गेंदबाजी की. उन्होंने 10 ओवरों में 2 मैडेन रखते हुए 44रन देकर एक विकेट हासिल की. 

रविचंद्रन अश्विन

विराट कोहली ने चैंपियंस ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों में आर. आश्विन को नहीं खिलाया. उन्होंने अपनी पेस बेटरी-उमेश यादव, भुवनेश्वर और बुमराह पर ही भरोसा किया. लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने आश्विन को मैदान में उतारा. इसके लिए उमेश यादव को बाहर बैठना पड़ा. आश्विन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की और 2 विकेट चटकाए. इसकी वजह से ही भारत को इस मैच में विजय मिली. बांग्लादेश के खिलाफ आश्विन को विकेट नहीं मिली लेकिन टीम में उनका होना गेंदबाजों का मनोबल लगातार बढ़ाता रहा. किंतु अंतिम मैच में आश्विन ने बेहद खराब गेंदबाजी की. उन्होंने दस अोवरों में 70 रन दिये और कोई विकेट उन्हें नहीं मिला.

उमेश यादव

उमेश यादव एक बेहतरीन गेंदबाज हैं. चैंपियंस ट्रॉफी के अपने पहले ही मैच में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी थी. उन्होंने 7.4 ओवरों में एक मैडेन रखते हुए महज 30 रन देकर 3 विकेट लिए. लेकिन श्रीलंका के खिलाफ उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. इसके बाद किसी मैच में उन्हें प्लेयिंग इलेविन में शामिल नहीं किया गया. कपतन विराट कोहली ने उनकी जगह आर आश्विन को खिलाया. अंतिम मैच में भी आलोचक यही कह रहे हैं कि यदि आश्विन या रविंद्र जडेजा की जगह उमेश यादव खेल रहे होते तो हालात कुछ और होते. 

रविंद्र जडेजा

रविंद्र जडेजा भारतीय टीम में एक ऑल राउंडर की हैसियत से खेलते हैं. पिछली चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत में उनका अहम योगदान रहा था. लेकिन इस बार उनके लिए चैंपियंस ट्रॉफी बहुत अच्छी नहीं रही. हालांकि उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 3 विकेट हासिल किए. पाकिस्तान के साथ खेले गये पहले ही मैच में जडेजा ने 8 ओवर में 43रन देकर दो विकेट हासिल किये थे. श्रीलंका के खिलाफ उनकी गेंदबाजी बेहद खराब रही. उन्होंने 6 ओवरों में 52 रन खर्च कर दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला. हां, दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने दस ओवरों में 39 रन देकर एक विकेट हासिल किया. लेकिन टूर्नामेंट के अंतिम मैच में उनकी गेंदबाजी बेहद खराब रही. उन्होंने 8 ओवरों में 67 रन दिये और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.

ज़ी न्यूज़ डेस्क

First Published: Monday, June 19, 2017 - 16:00
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