अश्विन पर धोनी नहीं युवराज सिंह का है प्रभाव, जानिए दिलचस्प वजह

किंग्स इलेवन पंजाब ने अश्विन को इस साल नीलामी में 7.6 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Mar 13, 2018, 07:50 PM IST
अश्विन पर धोनी नहीं युवराज सिंह का है प्रभाव, जानिए दिलचस्प वजह
मंगलवार को पंजाब टीम की आधिकारिक जर्सी लॉन्च की गई. फोटो : आईएएनएस

नई दिल्ली : भारतीय टेस्ट टीम के नियमित सदस्य और इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें संस्करण में किंग्स इलेवन पंजाब टीम के नवनियुक्त कप्तान रविचंद्रन अश्विन ने मंगलवार को कहा है कि कप्तानी उनके लिए दबाव नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है. पंजाब ने अश्विन को इस साल नीलामी में 7.6 करोड़ रुपये में अपनी टीम में शामिल किया है. अश्विन ने टीम की जर्सी लांच के मौके पर संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जबाव में कहा, "आप कप्तानी को ताकत और दबाव के रूप में देख सकते हैं, लेकिन मैं इसे जिम्मेदारी के रूप में देखता हूं। मैं इसे लेकर काफी उत्साहित हूं."

अश्विन इससे पहले आठ साल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेल चुके हैं. लेकिन उनकी कप्तानी पर महेंद्र सिंह धोनी नहीं बल्कि युवराज सिंह का प्रभाव ज्यादा होगा. इस मौके पर खुद अश्विन ने इस बात का खुलासा किया.

अपनी पूर्व टीम चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी से कप्तानी के गुर सीखने के बारे में पूछे जाने पर अश्विन ने कहा, ‘मैं कई खिलाड़ियों की कप्तानी में खेला हूं. मैं वीरू (सहवाग) की कप्तानी में खेला हूं. मैं यह सुनिश्चित करने की कोशिश करूंगा की रणनीतिक तौर पर आगे रहूं. आईपीएल में 111 मैचों में 100 विकेट लेने वाले अश्विन ने कहा, ‘शुरूआती दिनों में चैलेन्जर ट्राफी में मैं युवराज की कप्तानी में खेला. मैं आज जो भी हूं, उनका मुझ पर गहरा प्रभाव है.’

20 साल की उम्र में बन गए थे तमिलनाडु के कप्तान
तमिलनाडु को 2008-09 में अपनी कप्तानी में विजय हजारे ट्राफी का खिताब दिलाने वाले अश्विन ने कहा, ‘जब मैं पहली बार राज्य टीम का कप्तान बना, तब मेरी उम्र सिर्फ 20 साल थी. कोच को मुझमें कुछ दिखा जिससे उन्होंने मुझे कप्तानी करने को कहा. वो मेरे लिए नया अनुभव था लेकिन अब मैं काफी परिपक्व हो गया हूं. कप्तानी में मेरा रिकार्ड ठीक-ठाक है, लेकिन मैं पहली बार टी-20 टीम की कप्तानी कर रहा हूं.’

सहवाग बोले- गेंदबाज कप्तानी में ज्यादा सफल
इस मौके पर सहवाग ने कहा कि गेंदबाज कप्तानी के लिये बल्लेबाज से ज्यादा सफल हो सकते हैं और अश्विन की कप्तानी में टीम पहली बार चैम्पियन बन सकती है. उन्होंने कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है गेंदबाज मैच में जीत दिलाने में ज्यादा मदद करता है. गेंदबाज के सोचने के तरीका दूसरा होता है, वह दूसरे गेंदबाजों को मैदान में योजना लागू करने में भी मदद कर सकता है.’

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उन्होंने कहा, ‘मैं कपिल देव और इमरान खान की कप्तानी का बहुत बड़ा फैन हूं, इसमें वसीम अकरम भी शामिल है. कपिल और इमरान ने अपने देश को विश्व कप का विजेता बनाया. वसीम अकरम और वकार युनूस वर्ल्डकप के फाइनल तक खेले तो इसलिए मुझे लगता है गेंदबाज अच्छी योजना बना सकता है.’

सहवाग ने कहा, ‘गेल और युवराज का बेस प्राइज में ही टीम के साथ में जुड़ना हमारे लिए अच्छी बात है. अगर दूसरी फ्रेंचाइजी उन पर बोली लगाती तो उनकी कीमत ज्यादा हो सकती थी. वे मैच विजेता खिलाड़ी हैं, अगर अपने दम पर दो या तीन मैच में भी टीम को जीत दिला देते हैं तो हमारे पैसे वसूल हो जाएंगे.’

इनपुट : भाषा/ आईएएनएस