चेन्नई में मेरा शतक चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक : विराट कोहली

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां चौथे एकदिवसीय मैच में मैच विजयी शतक जड़ने के बाद थके हुए लेकिन खुश भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि यह पारी उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक है।

भाषा | Updated: Oct 23, 2015, 02:34 PM IST
चेन्नई में मेरा शतक चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक : विराट कोहली

चेन्नई : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ यहां चौथे एकदिवसीय मैच में मैच विजयी शतक जड़ने के बाद थके हुए लेकिन खुश भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि यह पारी उनके करियर की सबसे चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक है।

भारत ने कोहली के 138 रन की मदद से आठ विकेट 299 रन बनाए और फिर कप्तान एबी डिविलियर्स के शतक के बावजूद दक्षिण अफ्रीका को 35 रन से हराकर पांच मैचों की श्रृंखला 2-2 से बराबर कर ली। कोहली ने कहा, ‘यह एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मेरी अधिक चुनौतीपूर्ण पारियों में से एक है विशेषकर उनके गेंदबाजी आक्रमण को देखते हुए। दक्षिण अफ्रीका इस श्रृंखला में काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहा है। पिच इतनी तेज नहीं थी कि हम पूरे मैच के दौरान बाउंड्री लगा पाएं।’ 

उन्होंने कहा, ‘इसलिए मुझे काफी दौड़ना पड़ा और रन बनाने के लिए जगह ढूंढनी पड़ी जिससे कि पूरी पारी के दौरान दौड़ सकूं। संभवत: यही कारण है कि पारी के अंत में जकड़न की समस्या हो गई क्योंकि शरीर पर काफी असर पड़ता है। दोपहर में चेन्नई में काफी मुश्किल हो जाती है और बल्लेबाजी के लिए हालात काफी मुश्किल होते हैं। लेकिन अब मैं काफी अच्छा महसूस कर रहा हूं।’ कोहली ने अपनी पारी के दौरान 66 सिंगल और नौ दो रन बनाए और इस बल्लेबाज ने कहा कि हालात को देखते हुए उन्हें पता था कि उन्हें बल्लेबाजी करते हुए अधिक जोर लगाना होगा।

कोहली ने कहा, ‘लगभग 70 से 75 रन तक सिर्फ तीन बाउंड्री और दो छक्के लगे थे। पूरी पारी के दौरान सिर्फ छह चौके मारे जो काफी अधिक नहीं थे। लगतार यह प्रयास कर रहा था कि स्ट्राइक रोटेट करता रहूं और दो रन भी लेता रहूं।’ लेकिन कोहली ने कहा कि यह शारीरिक थकान काम आई क्योंकि इसने मैच जीतने में योगदान दिया।

कोहली ने कहा, ‘बड़ा शतक बनाना विशेष होता है विशेषकर तब जब आप श्रृंखला में 1-2 से पिछड़ रहे हो। टीम जीते और आप शतक बनाओ, बेशद यह विशेष दिन होता है। यह कुछ ऐसी चीज है जिसे तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए टीम के लिए करने की जरूरत है। मुझे पता था कि यह पिच 260-270 रन वाली पिच है लेकिन शतक बनाने के बाद मैने और जोर लगाया।’ 

उन्होंने कहा, ‘मुझे जकड़न की थोड़ी समस्या हो रही थी लेकिन मैंने स्वयं से कहा कि अगर मैं यहां 30 या 35 रन और बना पाया तो टीम संभवत: 300 रन के करीब पहुंच जाएगी। यही कारण है कि मैंने जोर लगाया और बेहतरीन लगता है कि अब हम श्रृंखला में 2-2 से बराबर हैं। अब मुंबई में निर्णायक मुकाबला होगा।’ कोहली का पिछली 13 पारियों में यह पहला शतक है लेकिन उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भी उन्हें कभी अपने ऊपर कोई संदेह नहीं था।