चैम्पियंस ट्रॉफी 2017: माइक हसी बोले- इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया होगा फ़ाइनल, लेकिन भारत को नकारना मुश्किल

Last Updated: Friday, May 26, 2017 - 21:18
चैम्पियंस ट्रॉफी 2017: माइक हसी बोले- इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया होगा फ़ाइनल, लेकिन भारत को नकारना मुश्किल
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइक हसी की फाइल फोटो.

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया की ओर से 185 एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले हसी को लगता है कि स्टीव स्मिथ की अगुआई वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास खिताब जीतने का अच्छा मौका है. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि ऑस्ट्रेलिया की काफी अच्छी संभावना है. टीम काफी मजबूत है, लेकिन यह काफी कड़ी प्रतियोगिता है क्योंकि सभी टीमें काफी अच्छी हैं और आप अपने अभियान के दौरान किसी गलती का जोखिम नहीं उठा सकते. टीम अगर अच्छी शुरुआत करती है और उनका मनोबल बढ़ता है तो फिर उन्हें रोकना मुश्किल होगा.’ 

स्मिथ और आईपीएल के ऑरेंज कैप विजेता डेविड वॉर्नर काफी अच्छी फॉर्म में हैं जो ऑस्ट्रेलिया के लिए काफी अच्छी स्थिति है. हसी ने कहा, ‘लेकिन वे हमेशा अच्छी फॉर्म में लगते हैं. वे दोनों ऑस्ट्रेलिया की संभावना के लिए महत्वपूर्ण हैं, वे हमेशा होते हैं. यह अच्छा है कि वे क्रिकेट खेल रहे हैं और टूर्नामेंट से पहले काफी अच्छी फॉर्म में हैं.’ 

हसी को लगता है कि चैम्पियंस ट्रॉफी का फाइनल इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीमित ओवरों की एशेज प्रतिद्वंद्विता हो सकता है, लेकिन उन्हें भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया फाइनल से भी परहेज नहीं है. उन्होंने कहा, ‘बेशक, ऐसा हो सकता है, अगर भारत फाइनल में पहुंच जाए तो. मैं सिर्फ आपको छेड़ रहा था.’

हसी ने कहा, कोहली को चुका हुआ मानना नुकसानदेह

विराट कोहली भले ही आईपीएल के हाल में खत्म हुए टूर्नामेंट में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हो लेकिन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज माइक हसी ने कहा है कि विरोधी टीमें अपने जोखिम पर ही भारतीय कप्तान को हल्के में ले सकती हैं.

हसी ने आईसीसी प्रतियोगिता से पहले बातचीत के दौरान कहा, ‘वह विश्वस्तीय खिलाड़ी है और जो भी इस टूर्नामेंट में उसे चुका हुआ मानना चाहता है उसे नुकसान उठाना होगा. आप उसके जैसे खिलाड़ी को लंबे समय तक शांत नहीं रख सकते और मुझे यकीन है कि वह इंग्लैंड में अच्छा प्रदर्शन करने और दुनिया को एक बार फिर अपना स्तर दिखाने को लेकर काफी प्रतिबद्ध है.’ 

हसी ने साथ ही कहा कि शीर्ष भारतीय बल्लेबाजों की फॉर्म का भी गत चैम्पियन टीम की संभावनाओं पर असर नहीं पड़ेगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि इसका अधिक असर होगा. यह अलग देश में अलग टूर्नामेंट है, अलग टीमें और अलग हालात हैं. यह सिर्फ अच्छी शुरुआत करना और कुछ लय हासिल करने के अलावा टूर्नामेंट के शुरू में आत्मविश्वास हासिल करना है.’ 

दो बार के विश्व कप विजेता इसी ने भारतीय बल्लेबाजों को सलाह दी है कि वे इंग्लैंड में गेंद को जितना अधिक हो उतना देर से खेलें. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि बल्लेबाजी के नजरिये से आपको गेंद का अधिक इंतजार करना होगा और जितना संभव हो उतना देर से खेलें. ऑस्ट्रेलियाई हालात में पिचें सामान्यत: असमान उछाल वाली नहीं होती और आप गेंद की लाइन में आकर खेल सकते हैं.’ 

हसी को साथ ही लगता है कि तीन स्थलों बर्मिंघम, कार्डिफ और द ओवल में स्पिनरों की भी भूमिका हो सकती है. उन्होंने कहा, ‘मैंने पिचें नहीं देखी हैं इसलिए मेरे लिए कुछ भी बोलना मुश्किल है लेकिन अगर वे सूखी हैं तो मुझे निश्चित तौर पर लगता है कि स्पिनर टूर्नामेंट में भूमिका निभा सकते हैं.’

एजेंसी

First Published: Friday, May 26, 2017 - 21:18
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