रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने रचा इतिहास; देश के लिए जीता सिल्वर मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई

बैडमिंटन के महिला सिंगल्स के फाइनल में शुक्रवार को पीवी सिंधु स्पेन की विश्व नंबर एक महिला खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से हार गईं। फाइनल में हारने की वजह से वह देश को गोल्ड मेडल नहीं दिला सकीं और रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सिंधु ओलंपिक पदक जीतने वाली 5वीं भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।  ओलंपिक में भारत के लिए इतिहास बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु को बधाई दी।

रियो ओलंपिक में पीवी सिंधु ने रचा इतिहास; देश के लिए जीता सिल्वर मेडल, पीएम मोदी ने दी बधाई

रियो डि जेनेरियो : बैडमिंटन के महिला सिंगल्स के फाइनल में शुक्रवार को पीवी सिंधु स्पेन की विश्व नंबर एक महिला खिलाड़ी कैरोलिना मारिन से हार गईं। फाइनल में हारने की वजह से वह देश को गोल्ड मेडल नहीं दिला सकीं और रजत पदक से संतोष करना पड़ा। सिंधु ओलंपिक पदक जीतने वाली 5वीं भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।  ओलंपिक में भारत के लिए इतिहास बनाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधु को बधाई दी। पीएम ने कहा कि उसकी उपलब्धि ऐतिहासिक है और वर्षों तक याद रहेगी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, ‘रजत पदक के लिये बधाई पीवी सिंधु। बहुत बढ़िया खेली। रियो 2016 में तुम्हारी उपलब्धि ऐतिहासिक है और वर्षों तक याद की जायेगी।’

आठ साल पहले बीजिंग ओलंपिक में दिग्गज निशानेबाज अभिनव बिंद्रा के स्वर्ण पदक प्रदर्शन की बराबरी करने के इरादे से उतरी 21 साल की सिंधु के भारत के लिए दूसरा व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने का सपना दो बार की विश्व चैम्पियन मारिन ने तोड़ दिया। टूर्नामेंट में अब तक अजेय रही दुनिया की 10वें नंबर की खिलाड़ी सिंधु मारिन के बनाये दबाव के आगे टूट गई और उन्हें यहां रियो सेंटर में एक घंटा और 23 मिनट चले मुकाबले में पहला गेम जीतने के बावजूद 21-19, 12-21, 15-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।

सिंधु निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ (एथेंस 2004) और विजय कुमार (लंदन 2012) तथा पहलवान सुशील कुमार (लंदन 2012) के बाद ओलंपिक में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाली चौथी भारतीय हैं। विश्व चैम्पियनशिप की दो बार की कांस्य पदक विजेता सिंधु भारत के लिए ओलंपिक में पदक जीतने वाली 5वीं महिला और रजत जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी हैं। वह ओलंपिक में पदक जीतने वाले सबसे युवा भारतीय खिलाड़ी हैं। भारोत्तोलक कर्णम मल्लेश्वरी (सिडनी 2000), मुक्केबाज एमसी मैरीकोम (लंदन 2012), बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल (लंदन 2012) और पहलवान साक्षी मलिक (रियो 2016) भारत की ओर से खेलों के महाकुंभ में पदक जीतने वाली महिला खिलाड़ी हैं। 

अन्य भारतीय खिलाड़ियों में संदीप तोमर कुश्ती स्पर्धा के 57 किग्रा भार वर्ग के पहले दौर में रूस के दो बार के विश्व चैंपियन विक्टर लेबदेव से अंकों के आधार पर 3-7 से हारकर बाहर हो गये। तोमर के पास इसके बाद रेपेचेज के जरिये कांस्य पदक के मुकाबले में बने रहने का मौका था लेकिन क्वार्टर फाइनल में ईरान के हसन सबजलि रहीमी ने लेबदेव को 6-1 से हराकर भारतीय खिलाड़ी की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। ट्रैक एवं फील्ड में भारतीय एथलीटों का निराशाजनक प्रदर्शन आज भी जारी रहा जब संदीप कुमार पुरूष 50 किमी पैदल चाल स्पर्धा में 34वें स्थान पर रहे। राष्ट्रीय रिकार्ड धारक संदीप ने चार घंटे सात मिनट 55 सेकेंड का समय निकाला।

खुशबीर कौर ने भी महिला 20 किमी स्पर्धा में निराश किया और वह एक घंटे 40 मिनट 33 सेकंेड का समय निकालकर 54वें स्थान पर रहीं। वह अपनी स्पर्धा के दौरान एक बार शीर्ष 40 में भी जगह नहीं बना पाई और 12 किमी के बाद 50वें स्थान पर चल रही थी। इसी स्पर्धा में हिस्सा ले रही एक अन्य भारतीय महिला धावक सपना स्पर्धा पूरी नहीं कर पाई। वह आठ किमी के बाद जब 49वें स्थान पर चल रही थी तो स्पर्धा से हट गई। भारतीय गोल्फर अदिति अशोक तीसरे दौर में आठ ओवर 79 के लचर प्रदर्शन के साथ महिला स्पर्धा में संयुक्त 31वें स्थान पर खिसक गई। अदिति पहले दो दौर के बाद संयुक्त आठवें स्थान पर चल रही थी लेकिन आज आठ ओवर का स्कोर ही बना सकी जिससे वह पदक की दौड़ से लगभग बाहर हो गई हैं। अदिति का कुल स्कोर दो ओवर 215 है।

सिंधु पहले गेम में एक समय 16-19 से पिछड़ रही थी लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार पांच अंक जीतकर पहला गेम अपने नाम कर लिया। भारतीय खिलाड़ी ने हालांकि दूसरा गेम आसानी से गंवा दिया जिससे मुकाबला 1-1 से बराबर हो गया। तीसरे और निर्णायक गेम में भी सिंधु एक समय 1-6 से पिछड़ रही थी लेकिन 10-10 के स्कोर पर बराबरी हासिल करने में सफल रही। वह हालांकि ब्रेक के बाद लय बरकरार नहीं कर सकी जिसके बाद मारिन ने शानदार खेल दिखाते हुए बैडमिंटन में स्पेन को पहला स्वर्ण पदक दिला दिया।

पिछले दो साल में दोनों खिलाड़ियों के बीच हुए पांच मुकाबलों में मारिन ने सिंधु को चार बार हराया है जबकि भारतीय खिलाड़ी ने पिछले साल डेनमार्क सुपर सीरीज के दौरान जीत दर्ज की थी लेकिन आज इस प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रही। मारिन ने रोमांचक मुकाबले में अपने ताकतवर और सटीक स्मैश से दबाव बनाया जिसका कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ी के पास कोई जवाब नहीं था। सिंधु ने इसके अलावा काफी शाट बाहर भी मारे जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ा। पहले गेम में स्पेन की खिलाड़ी ब्रेक तक 11-8 से आगे थी। मारिन ने सिंधु को रैली में उलझाया और फिर नेट पर भी शानादार खेल दिखाते हुए 15-11 की बढ़त बना ली।

मारिन ने इसके बाद नेट पर शाट मारा और एक शाट बाहर खेल गई जिससे सिंधु को दो अंक मिले। स्पेन की खिलाड़ी ने हालांकि 17-15 की बढ़त बनाए रखी। मारिन ने एक और शॉट बाहर मारा लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने वीडियो रैफरल में अंक गंवाया जिससे मारिन 18-16 से आगे हो गई। मारिन ने विनर के जरिये एक और अंक जुटाकर स्कोर 19-16 किया। मारिन ने इसके बाद दो शाट बाहर मारे और नेट पर भी चूकी जिससे सिंधु ने स्कोर 19-19 कर दिया। मारिन ने एक बार फिर नेट पर शाट मारा जिससे सिंधु ने गेम में पहली बार 20-19 से बढ़त बनाई। स्पेन की खिलाड़ी इसके बाद सिंधु के रिटर्न को वापस भेजने में नाकाम रही जिससे भारतीय खिलाड़ी ने हार की स्थिति में होने के बावजूद पहला गेम जीत लिया। मारिन ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और जल्द ही 4-0 की बढ़त बना ली। सिंधु मारिन को रैली में उलझाने में नाकाम रही और उन्हें अपने स्मैश और फ्लिक को लेकर भी जूझना पड़ा जिससे ब्रेेक तक मारिन 11-2 से आगे थी।

ब्रेक के बाद सिंधु ने मारिन की लय तोड़ने की कोशिश की लेकिन स्पेन की खिलाड़ी ने रैली में दबदबा बनाए रखा और कुछ अच्छे क्रास कोर्ट शाट खेलकर बढ़त 17-9 तक पहुंचा दी। सिंधु अपने शाट में गलती भी कर रही थी जिससे मारिन ने बढ़त को 19-12 तक पहुंचाया। मारिन ने इसके बाद बेसलाइन से ओवरहैड रिटर्न के जरिये गेम प्वाइंट हासिल किया और फिर ड्राप शाट के साथ दूसरा गेम अपने नाम करते हुए मुकाबला 1-1 से बराबर कर दिया। तीसरे और निर्णायक गेम में मारिन ने अच्छी शुरूआत की लेकिन सिंधु ने 10-10 के स्कोर पर बराबरी हासिल की। स्पेन की खिलाड़ी ने हालांकि धर्य बरकरार रखते हुए गेम और मैच जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इससे पहले पुरूष 50 किमी पैदल चाल में संदीप कुमार ने 34वें स्थान पर रहकर निराश किया। उन्होंने चार घंटे सात मिनट और 55 सेकेंड का समय लिया जबकि उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन घंटे 56 मिनट और 22 सेकेंड का है। संदीप ने राष्ट्रीय रिकार्ड तीन मई 2014 को चीन के ताइकांग में आईएएएफ विश्व पैदल चाल कप के दौरान बनाया था। संदीप तोमर भी 57 किग्रा भार वर्ग के पहले दौर में हार गए। रूसी पहलवान शुरू में ही तोमर पर हावी हो गया और उन्होंने उसे उबरने का मौका नहीं दिया। पहले पीरियड में लेबदेव ने तीन अंक बनाये जबकि इस बीच भारतीय पहलवान को एक बार चेतावनी भी मिली।

तोमर ने दूसरे पीरियड में कुछ अच्छा खेल दिखाया और उन्होंने लेबदेव के सामने कड़ी चुनौती पेश करके तीन अंक बनाये लेकिन रूसी पहलवान ने उन्हें इससे आगे नहीं बढ़ने दिया। लेबदेव ने चार अंक बनाकर अपनी जीत सुनिश्चित की। कुश्ती में अब भारत का दारोमदार लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता योगेश्वर दत्त पर टिका है जो 21 अगस्त को 65 किग्रा भार वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे। नरसिंह यादव (74 किग्रा) पर चार साल का प्रतिबंध लगने के कारण वह मुकाबले में नहीं उतरे और उनके प्रतिद्वंद्वी फ्रांस के जालिमखान खादीव को वाकओवर मिला।

(एजेंसी इनपुट के साथ)