एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप: सौरभ चौधरी ने जीता गोल्ड, मनु रहीं चौथे स्थान पर

एशियन एयरगन चैंपियनशिप में सौरभ ने टीम स्पर्धा और व्यक्तिगत मुकाबले दोनों में ही गोल्ड जीता है.  

एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप: सौरभ चौधरी ने जीता गोल्ड, मनु रहीं चौथे स्थान पर
सौरभ ने इससे पहले अगस्त में एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के साथ विश्व निशानेबाजी चैम्पियनशिप और पिछले महीने युवा ओलंपिक खेलों में भी स्वर्ण पदक हासिल किया था.

कुवैत सिटी: भारत के युवा निशानेबाज सौरभ चौधरी ने अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखते हुए गुरूवार को एशियाई एयरगन चैम्पियनशिप की 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल जीता. जो व्यक्तिगत स्पर्धा में चार महीने में उनका चौथा पीला तमगा रहा. वहीं भारतीय महिला जूनियर टीम की मनु भाकर मेडल से चूक गयीं और फाइनल में चौथे स्थान पर रहीं
 
मेरठ के 16 साल के सौरभ ने अर्जुन सिंह चीमा और अनमोल जैन के साथ मिलकर कुल 1731 अंक के साथ टीम स्पर्धा का भी स्वर्ण मेडल जीता. उन्होंने आठ खिलाड़ियों के व्यक्तिगत फाइनल में 239.8 के अंक के साथ अपना दूसरा गोल्ड जीता. इस प्रतियोगिता में अर्जुन ने 237.7 अंक के साथ सिल्वर मेडल हासिल किया जबकि ब्रॉन्ज मेडल चीनी ताइपै के हुआंग वेई्-ते (218) के नाम रहा. अनमोल (195.1) चौथे स्थान पर रहे. 

सौरभ ने इससे पहले अगस्त में एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने के साथ विश्व निशानेबाजी चैम्पियनशिप और पिछले महीने युवा ओलंपिक खेलों में भी स्वर्ण मेडल हासिल किया था. युवा ओलंपिक चैम्पियन मनु भाकर हालांकि व्यक्तिगत मेडल से चूक गयीं और 10 मीटर एयर पिस्टल फाइनल में 196.4 अंक से चौथे स्थान पर रहीं. अभिदन्या पाटिल ने भी आठ महिलाओं के व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश किया लेकिन वह सातवें स्थान पर रहीं.
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भारतीय महिला जूनियर टीम में मनु, अभिदन्या पाटिल और नेहा शामिल थीं जिन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में 1694 अंक से टीम स्पर्धा का सिल्वर मेडल जीता. टीम चीन से पिछड़ गयी जिसने 1704 अंक जुटाए. 

टूर्नामेंट में भारत की मेडल की संख्या 10 हो गई है जिसमें तीन स्वर्ण, पांच सिल्वर और दो ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं.

निशानेबाजी के लिए घरवालों से बगावत कर बैठे थे सौरभ
एशियाई खेलों में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले सबसे युवा एथलीट 16 साल के निशॉनेबाज सौरभ चौधरी का प्रतिस्पर्धी निशानेबाजी का सफर घरवालों से बगावत के साथ शुरू हुआ था. सौरभ ने जब घरवालों को बताया कि वह प्रतिस्पर्धी निशानेबाजी करना चाहते हैं तो उनके घर वाले इसके खिलाफ नजर आए. सौरभ को तो निशानेबाजी करनी थी और इसीलिए उन्होंने घरवालों से रार ठान ली. खाना-पीना छोड़ दिया, अंत में थक-हारकर घरवालों ने उन्हें इसकी इजाजत दे ही दी.  

सौरभ के पिता जगमोहन चौधरी ने बताया कि उन्होंने सौरभ को निशानेबाजी के लिए मना कर दिया था. इसके बाद सौरभ नाराज हो गया और जिद पर अड़ गया. ऐसे में परिवार को उसकी जिद मानकर हां कहनी पड़ी.
 
(इनपुट भाषा)

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