202 पन्नों की थीसिस में हुआ खुलासा, क्यों खत्म हुआ इरफान पठान का करियर

इरफान ने भी माना है, '2012 में मैं बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहा था. तब मुझे यह पूरी उम्मीद थी कि मुझे टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. लेकिन दुर्भाग्य से उसी समय मैं फिर चोटिल हो गया. चोटिल होने के बाद भी 10 दिनों में से 9 दिन मैं मैदान पर खेलने गया, यह चोट मेरा टर्निंग प्वाइंट रहा.' 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 06:06 PM IST
202 पन्नों की थीसिस में हुआ खुलासा,  क्यों खत्म हुआ इरफान पठान का करियर
क्यों खत्म हुआ इरफान पठान का करियर?

नई दिल्ली : टीम इंडिया से बाहर चल रहे इरफान पठान की राष्ट्रीय टीम में वापसी लगभग नामुमकिन सी लगती है. 32 साल के क्रिकेट खिलाड़ी इरफान पठान ने एक दौर में अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों के मन में खौफ पैदा कर रखा था. एक जमाना था जब इरफान पठान को टीम इंडिया का सबसे बेहतरीन गेंदबाज माना जाता था. उनकी गेंदों में इतनी धार थी कि बल्लेबाज अक्सर उनके सामने हथियार डाल देते थे. करीब चार सालों तक अपने करियर में नई-नई ऊंचाईयां छूने के बाद पठान का करियर ढलान पर आ गया.

उन्हें पाकिस्तान के पूर्व महान तेज गेंदबाज वसीम अकरम का उत्तराधिकारी माना जाता था. फिर ऐसा कुछ हुआ कि उनके क्रिकेट करियर पर ग्रहण सा लग गया और अब उनका करियर ढलान की तरफ जा पहुंचा है. पठान का करियर कैसे ढलान पर पहुंचा, इसका खुलासा एक पीएचडी की थीसिस में हुआ है. पूर्व महिला क्रिकेटर तनवीर शेख ने हाल ही में पठान के क्रिकेट करियर पर पीएचडी की है. तनवीर शेख ने 202 पेज की थीसिस में बताया- आखिर कैसे क्रिकेट की ऊंचाइयां हासिल करने के बाद इरफान का करियर तेजी से ढलान पर पहुंचा. 

तनवीर शेख की इस थीसिस को हाल ही में इरफान पठान ने ही लॉन्च किया है. थीसिस में बताया गया है कि पठान अपने करियर के दौरान कई बार चोटिल हुए. इस दौरान उन्हें कई लोग सलाह देने वाले होते थे. पठान को जो भी सलाह देता था वह उसे झट से मान लेते थे. सबकी सलाह मान लेना ही उनके करियर के लिए खतरनाक साबित हुआ. और यहीं से उनका करियर ढलान पर चला गया. इस बात को खुद इरफान पठान ने भी माना है.

खुद पठान ने माना, डाउनफॉल की यही वजह

इरफान ने भी माना है, '2012 में मैं बहुत अच्छा परफॉर्म कर रहा था. तब मुझे यह पूरी उम्मीद थी कि मुझे टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. लेकिन दुर्भाग्य से उसी समय मैं फिर चोटिल हो गया. चोटिल होने के बाद भी 10 दिनों में से 9 दिन मैं मैदान पर खेलने गया, यह चोट मेरा टर्निंग प्वाइंट रहा.' इस बारे में मीडिया से बात करते हुए इरफान ने कहा, 'राखी पर मेरे लिए इससे अच्छा गिफ्ट नहीं हो सकता. तनवीर आपा ने तो मुझ पर पीएचडी कर दी.'

200 पेजों की थीसिस बनाने वाली तनवीर शेख मेहंदी शेख की बेटी हैं. मेहंदी शेख इरफान पठान के पूर्व कोच हैं. तनवीर ने ‘अ केस स्टडी ऑन इंटरनेशनल क्रिकेटर इरफान पठान’ विषय पर शोध किया है. तनवीर को इस शोध में अहमदाबाद के एचएल कॉलेज ऑफ कॉमर्स के फिजिकल एजुकेशन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एनजे चनियारा ने गाइड किया.

तनवीर ने बताया, ''मैंने अपनी पीएचडी की थीसिस के लिए इरफान की क्रिकेटिंग जिंदगी का विषय चुना. इसके लिए मुझे 5 साल लगे. मैंने इरफान के टीम के साथी, कोच, उनके अंपायर, परिवार के सदस्यों और दोस्तों से बात की है. उन सभी ने उनकी प्रशंसा की.” इरफान पठान साल 2012 में टीम इंडिया के लिए खेलते नजर आए थे. तबसे वह वापसी करने में कामयाब नहीं हुए हैं.

इरफान ने 29 टेस्ट, 120 वनडे, 24 टी-20 मैच खेले

तनवीर ने कहा कि इस शोध को पूरा करने के लिए उन्होंने लगभग 200 लोगों को एक प्रश्नावली भेजी, जिसमें से 180 ने जवाब दिया. इरफान ने अपने टेस्ट करियर में 29 मैच खेलकर 100 विकेट झटके. साथ ही उन्होंने 31.57 की औसत से 1105 रन भी बनाए. वनडे करियर में पठान ने 120 मैच खेलकर 173 विकेट लिए. जबकि 23.39 की औसत से 1544 रन भी बनाए. टी-20 इंटरनेशनल में उन्होंने 24 मैचों में 28 विकेट चटकाए.