भारत में हर साल पैदा होता है 18.5 लाख टन ई-कचरा : स्टडी

भारत में हर साल 18.5 लाख टन ई-कचरा पैदा होगा। एक अध्ययन में कहा गया है कि देश में निकलने वाले ई-कचरे में सबसे बड़ा हिस्सा मुंबई और दिल्ली-एनसीआर का है। इसमें कहा गया है कि सालाना आधार पर ई-कचरे में 25 प्रतिशत की दर से इजाफा हो रहा है। इस तरह 2018 तक ई-कचरे का आंकड़ा 30 लाख टन पर पहुंच जाएगा।

भारत में ई-कचरा चिंताजनक दर से बढ़ रहा है : संसदीय समिति

देश में ई-कचरे के चिंताजनक रफ्तार से बढ़ने की बात को रेखांकित करते हुए एक संसदीय समिति ने इस पर लगाम लगाने के लिए विधायी एवं प्रवर्तन तंत्र स्थापित करने की सिफारिश की है ताकि भारत को विकसित देशों के ई-कचरा निपटारा करने का स्थल बनने से रोका जा सके।

वर्ष 2020 तक भारत में डेढ़ लाख टन ई-कचरा होगा

आईटी हार्डवेयर उद्योगों के संगठन मैट ने कहा है कि भारत को ई-कचरे की रिसाइक्लिंग पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है। मैट ने कहा कि 2020 तक हर साल देश में इलेक्ट्रॉनिक्स के इस्तेमाल से डेढ़ लाख टन ई-कचरा पैदा होगा।

वैश्विक स्तर पर सालाना 4 करोड़ टन ई-कचरा : सिब्बल

दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा है कि वैश्विक स्तर पर हर साल 4 से 5 करोड़ टन इलेक्ट्रानिक अपशिष्ट या ई-कचरा पैदा होता है जिसमें से भारत की हिस्सेदारी केवल 8 लाख टन है।



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