शिवसेना ने पूछा- गरीबों के लिए कब आएंगे ‘अच्छे दिन’

पुणे में एक गरीब बच्चे को मैकडॉनल्ड्स रेस्त्रां से बाहर फेंके जाने के बाद पैदा विवाद के बीच महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार के सहयोगी दल शिवसेना ने सोमवार को पूछा है कि देश में गरीबों के लिए ‘अच्छे दिन’ कब आएंगे? शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखे एक संपादकीय लेख में कहा है कि यह (मैकडॉनल्ड्स) प्रकरण इस देश में अमीर और गरीब के बीच के अंतर को दिखाता है। इस तरह की घटनाओं पर चर्चाएं जारी रहेंगी लेकिन सिर्फ चर्चाओं से गरीब बच्चों की समस्या हल नहीं होगी। हमें सड़कों, फ्लाईओवरों के नीचे, सिगनलों के पास या रेलवे स्टेशनों पर और रेस्त्रांओं के बाहर अपने पेट पर हाथ रखकर खड़े गरीब बच्चे मिलते रहेंगे।

शिवसेना का विपक्ष के नेता पद पर दावा, वार्ता को भी तैयार शिवसेना का विपक्ष के नेता पद पर दावा, वार्ता को भी तैयार

शिवसेना ने विरोधाभासी संकेत देते हुए सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के पद पर दावा कर दिया लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि वह सरकार में शामिल होने को लेकर भाजपा के साथ समझौता वार्ता को तैयार हैं ‘जब भी वह आगे आये।’ शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा भाजपा को यह अल्टीमेटम देने के बाद कि वह अपनी अल्पमत सरकार को बचाने के लिए राकांपा से समर्थन लेने के बारे में निर्णय दो दिन के भीतर स्पष्ट करे, शिवसेना ने अचानक विधानसभा सचिव को पत्र सौंपकर अपने विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे को विपक्ष के नेता का पद दिये जाने की मांग कर दी।