कार्तिक पूर्णिमा: गंगा स्नान, दीपदान और मनोकामनाओं को पूर्ण करने का दिन

कार्तिक पूर्णिमा: गंगा स्नान, दीपदान और मनोकामनाओं को पूर्ण करने का दिन

कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा कही जाती है। इस दिन यदि कृत्तिका नक्षत्र हो तो यह 'महाकार्तिकी' होती है, भरणी नक्षत्र होने पर विशेष रूप से फलदायी होती है और रोहिणी नक्षण होने पर इसका महत्व बहुत ही अधिक बढ़ जाता है। विष्णु भक्तों के लिए यह दिन इसलिए अहम है क्योंकि इस दिन संध्याकाल में भगवान विष्णु का प्रथम अवतार मत्स्यावतार हुआ था। 25 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा का दिन बुधवार को पड़ने से विशेष फलदायी है।

तुलसी के पांच उपायों से भरेगी झोली, विष्णु जी सुनेंगे बात तो होगा विवाह

तुलसी के पांच उपायों से भरेगी झोली, विष्णु जी सुनेंगे बात तो होगा विवाह

तुलसी विष्णु प्रिया हैं। कार्तिक में तो तुलसी पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। अगर कोई अपने मन की बात, भगवान को सीधे न कह सके, तो वह तुलसी के माध्यम से अपनी बात, भगवान तक पहुंचा सकता है। भगवान कृष्ण भी किसी की बात सुनें या न सुनें, लेकिन तुलसी जी की बात, हर हाल में सुनते हैं। तो अगर आपको सुख, दु:ख भगवान से शेयर करना हो तो उसके लिये पुराणों में बताई गई विधि से, तुलसी माता की पूजा करनी होगी। इसी विधि से भगवान श्रीहरि विष्णु ने भी तुलसी को प्रसन्न किया था। 

यमुना तुम कभी ना बहना...

इन तस्वीरों को देखकर शायद आप अचरज में पड़ होंगे कि भला यह है क्या। यह तस्वीर हमारे देश की उस पौराणिक नदी की है जिसका जिक्र हमारे पुराणों में आता है।