प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है धूम्रपान : विशेषज्ञ

प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है धूम्रपान : विशेषज्ञ

ध्रुम्रपान पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने के साथ-साथ ही उनके शुक्राणुओं को कमजोर बनाता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है।

स्मोकिंग कम करने में मददगार होती है ई-सिगरेट : रिपोर्ट स्मोकिंग कम करने में मददगार होती है ई-सिगरेट : रिपोर्ट

नये अध्ययन से पता चलता है कि ई-सिगरेट युवा लोगों के धूम्रपान को घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कई मामलों में इसने कश लेने से रोकने का भी काम किया है। ब्रिटेन में 16 से 25 साल की उम्र के लोगों के साथ विश्लेषणात्मक साक्षात्कारों में अधिकतर भागीदारों का नजरिया था कि ई सिगरेट उनमें भी और अन्य लोगों में धूम्रपान की संभावना घटाती है।

युवा, मोटे लोग हो रहे हैं दिल की बीमारी के शिकार युवा, मोटे लोग हो रहे हैं दिल की बीमारी के शिकार

दिल की बीमारी पर किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि अब ऐसे युवा, मोटे लोग दिल की बीमारी के शिकार हो रहे हैं जो धूम्रपान करते हैं और उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह से ग्रस्त होते हैं। इस शोध में भारतीय मूल के एक अनुसंधानकर्ता भी शामिल हैं।

सनी लियोनी सिर्फ 11 मिनट में छुड़ा देगी आपकी स्मोकिंग की लत! देखें VIDEO सनी लियोनी सिर्फ 11 मिनट में छुड़ा देगी आपकी स्मोकिंग की लत! देखें VIDEO

बॉलीवुड अदाकारा सनी लियोनी एक नए अंदाज में दिखी है। 11 मिनट के इस वीडियो में सनी लियोन एंटी स्मोक कैंपेन में दिखी है। इसमें उनके साथ आलोक नाथ और दीपक डोभरियाल ने भी अभिनय किया है। इस शॉर्ट फिल्म को देखकर आप खूब हंसेगे और 11 मिनट के इस एंटी स्मोक कैंपेन फिल्म को देखकर अगर आप सिगरेट पीते हैं तो इसे देखकर अगली बार सिगरेट पीने से पहले एक बार जरूर सोचेंगे।

...एक हफ्ते बाद फिर सिगरेट पीने लगे पॉप सिंगर जस्टिन बीबर ...एक हफ्ते बाद फिर सिगरेट पीने लगे पॉप सिंगर जस्टिन बीबर

पॉप सिंगर (गायक) जस्टिन बीबर धूम्रपान करने की लत छोड़ने का संकल्प लेने के मात्र एक सप्ताह बाद सिगरेट पीते दिखे। एसशोबिज के अनुसार 21 वर्षीय बीबर ने पिछले सप्ताह ‘द बर्ट शो’ में बताया था कि नए साल में उनका एक संकल्प धूम्रपान की आदत से छुटकारा पाना है।

आपका धूम्रपान आपकी पत्नी के बांझपन का कारण तो नहीं! आपका धूम्रपान आपकी पत्नी के बांझपन का कारण तो नहीं!

एक नए शोध के मुताबिक सिगरेट पीने की लत से महिलाओं में बांझपन का खतरा बढ़ सकता है। धूमपान की बढ़ती लत और तंबाकू सेवन करने वाली महिलाएं बांझपन और रजोनिवृति का शिकार हो सकती है। एक नए शोध के मुताबिक यह चेतावनी दी गई है कि एक्टिव और पैसिव दोनों प्रकार के धूम्रपान से महिलाओं में बांझपन और समय से पहले रजोनिवृति का खतरा बढ़ सकता है।  

इस वीडियो को देखकर आप पेट्रोल पंप पर मोबाइल का इस्तेमाल करना भूल जाएंगे इस वीडियो को देखकर आप पेट्रोल पंप पर मोबाइल का इस्तेमाल करना भूल जाएंगे

पेट्रोल पंपों पर जहां धूम्रपान वर्जित है। वहीं मोबाइल के इस्तेमाल की भी मनाही है। देशभर में पंपों पर पेट्रोल या डीजल भरने के दौरान मोबाइल के प्रयोग पर रोक के निर्देश हैं। इसका कारण यह है कि इस दौरान आग लग सकती है और ऐसा करना बेहद खतरनाक होता है। आप देख सकते है कि इस वीडियो में कैसे एक व्यक्ति के मोबाइल के इस्तेमाल से आग लग गई।

शराब छोड़ना चाहते हैं, तो स्मोकिंग से कीजिए तौबा शराब छोड़ना चाहते हैं, तो स्मोकिंग से कीजिए तौबा

यदि आप शराब छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, तो सिगरेट छोड़ने पर ध्यान केंद्रित कीजिए, यह आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होगा। एक नए शोध में यह बात सामने आई है। शोधकर्ताओं ने पाया कि धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों द्वारा धूम्रपान न करने वालों की तुलना में शराब का सेवन दोबारा शुरू करने का जोखिम अधिक होता है।

जीवनशैली सुधारें, दिल रहेगा तंदुरुस्त जीवनशैली सुधारें, दिल रहेगा तंदुरुस्त

यह विश्व हृदय मास है। यह जानते हुए कि हम ऐसे देश में रहते हैं जो जल्द ही दिल की बीमारियों की विश्व-राजधानी बनने वाला है, हम सब को मिलकर अपने घरों को अपने घरों में सेहतमंद दिल रखने वाला माहौल बनाना होगा। जीवनशैली में थोड़ा बदलाव कर हम अपने और अपने परिवार को दिल की बीमारियों व दिल के दौरे से बचा सकते हैं।

परोक्ष धूम्रपान से बच्चों में मोटापे का खतरा परोक्ष धूम्रपान से बच्चों में मोटापे का खतरा

  एक ताजा अध्ययन के मुताबिक, धूम्रपान करने वाले परिजनों के बच्चे 10 वर्ष का होते-होते अन्य बच्चों की अपेक्षा चौड़ी कमर वाले हो जाते हैं तथा उनमें बॉडी मॉस इंडेक्स (बीएमआई) भी उच्चतर होता है। अध्ययन के मुताबिक, छोटे बच्चों के आस-पास धूम्रपान करना गर्मावस्था के दौरान धूम्रपान जितना ही हानिकारक होता है। अध्ययन के मुख्य लेखक एवं कनाडा के मॉण्ट्रियल विश्वविद्यालय की प्राध्यापक लिंडा पागानी ने कहा कि बच्चों के बीच धूम्रपान करने वाले परिजनों के बच्चों की कमर 10 वर्ष का होते-होते इसी अवस्था के अन्य बच्चों की अपेक्षा चौड़ी हो जाती है।

धूम्रपान छोड़ें और जिंदगी को गले लगाएं धूम्रपान छोड़ें और जिंदगी को गले लगाएं

धूम्रपान मौत का एक ऐसा कारण है जिसे रोका जा सकता है। इसकी वजह से हर साल पूरी दुनिया में 60 लाख लोग मर जाते हैं। नियमित रूप से धूम्रपान करने वाले 50 प्रतिशत लोग तंबाकू से होने वाली बीमारियों जैसे कि दिल का दौरा, कैंसर और दमा वाली फेफड़ों की बीमारियों का शिकार होकर मौत के मुंह में चले जाते हैं।

कम धूम्रपान भी है खतरनाक कम धूम्रपान भी है खतरनाक

धूम्रपान करने वाले आमतौर पर सोचते हैं कि सिगरेट या बीड़ी की संख्या में कमी लाकर वे अपने ऊपर इनके सेवन से होने वाले खतरे को कम कर सकते हैं तो वे गलतफहमी में जी रहे हैं। जो लोग धूम्रपान करते हैं, उन्हें अच्छी तरह पता है कि ऐसा करना उनके लिए कैंसर का कारण बन सकता है लेकिन कुछ लोग इस गलतफहमी में भी जीते हैं कि कम धूम्रपान से वे इस खतरे से बच सकते हैं।

संसदीय समिति से हटने के लिए नहीं कहा गया: भाजपा MP श्याम चरण गुप्ता

धूम्रपान का कोई असर नहीं होने की टिप्पणी पर विवाद के बीच, बीड़ी कारोबारी और भाजपा सांसद श्याम चरण गुप्ता ने आज इन खबरों को खारिज किया कि उनसे एक संसदीय समिति से हटने के लिए कहा गया है लेकिन कहा कि वह अपनी पार्टी के आलाकमान के निर्देशों का पालन करेंगे।

यह साबित करना मुश्किल है कि धूम्रपास से कैंसर होता है या नहीं: बीजेपी सांसद

धूम्रपान पर भाजपा के एक सांसद ‘बीड़ी कारोबारी’ के बयान से उपजे विवाद के बीच पार्टी के एक और सांसद राम प्रसाद शर्मा यह दावा करते हुए आज विवाद में उतर गए कि सिगरेट और कैंसर के बीच संबंधों को स्थापित करने वाला कोई स्पष्ट सबूत नहीं है और उन्हें तो यह भी लग रहा कि कहीं तंबाकू में कोई औषधीय गुण तो नहीं है।

धूम्रपान की लत से छुटकारा दिलाने में कारगर है योग धूम्रपान की लत से छुटकारा दिलाने में कारगर है योग

  धूम्रपान के नुकसान से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इस लत को छोड़ पाने में सभी बेहद लाचार साबित होते हैं। लेकिन ताजा अध्ययन में पता चला है कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। योग के विशेषज्ञ बताते हैं कि योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है। योग केवल धूम्रपान की आदतों से ही लोगों को दूर नहीं रखता बल्कि शरीर पर हुए दुष्प्रभाव को भी दूर कर देता है।

योग करें, धूम्रपान से छुटकारा पाएं  योग करें, धूम्रपान से छुटकारा पाएं

  धूम्रपान के नुकसान से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन इस लत को छोड़ पाने में सभी बेहद लाचार साबित होते हैं। लेकिन ताजा अध्ययन में पता चला है कि योग के जरिए धूम्रपान की लत से छुटकारा पाने में आसानी होती है। प्राण योग के विशेषज्ञ दीपक झा ने बताया कि योग, धूम्रपान छोड़ने का एक समग्र समाधान है। साथ ही दीपक यह भी बताते हैं कि योग केवल धूम्रपान की आदतों से ही लोगों को दूर नहीं रखता बल्कि शरीर पर हुए दुष्प्रभाव को भी दूर कर देता है।

ज्यादा काम करनेवाले ज्यादा सिगरेट पीते हैं! ज्यादा काम करनेवाले ज्यादा सिगरेट पीते हैं!

यदि आप भी लंबे समय तक काम करते हैं, तो आपको धूम्रपान की अपनी आदत पर गौर करने की जरूरत है। एक नए शोध में पता चला है कि जो लोग लंबे समय तक काम करते हैं, वे ज्यादा धूम्रपान करते हैं। ब्रिटेन के लॉगबोरोग युनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि लंबे समय तक काम करने वाले लोगों के लिए धूम्रपान त्यागना काफी मुश्किल होता है। यहां तक कि जो लोग धूम्रपान त्याग चुके होते हैं, उन्हें फिर से धूम्रपान की लत लगने का खतरा होता है।

भारतीय महिलाएं धूम्रपान में विश्व में दूसरे स्थान पर

कौन नहीं चाहेगा कि महिलाएं हर क्षेत्र में विकास करें, लेकिन हाल ही में आए एक अध्ययन में भारत की महिलाओं ने जिस क्षेत्र में विकास किया है उसे शायद ही कोई सराहे, और वह है धूम्रपान। एक शोध पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक भारतीय महिलाएं धूम्रपान करने में अमेरिका के बाद विश्व में दूसरे स्थान पर हैं।

कैंसर के बाद भी धूम्रपान बढ़ाता है जोखिम : अध्ययन

अमेरिकी शोधकर्ताओं ने कहा कि कैंसर का पता लगने के बाद भी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति में मौत का जोखिम धूम्रपान छोड़ चुके व्यक्ति की अपेक्षा कहीं अधिक होता है।

अब लग जाएगी हर किस्म के पान मसाला पर रोक

केन्द्र सरकार ने देश में हर किस्म के गुटखा पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन करते हुये मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से इस संबंध में उचित आदेश पारित करने का अनुरोध किया। केन्द्र का कहना था कि इसमें तंबाकू नहीं होने के बावजूद यह लत लगाने वाले और हानिकारक है।

धूम्रपान से करें तौबा, कर सकता है दृष्टिहीन

धूम्रपान से होने वाले नुकसान से हर कोई वाकिफ है, लेकिन शायद ही कोई जानता हो कि धूम्रपान 50 या उससे अधिक की उम्र के लोगों की आंख की रोशनी चले जाने का कारण भी बन सकता है। इसे एज रिलेटेड मैक्युलर डिजेनरेशन (एएमडी) कहते हैं, जिसके अंतर्गत रेटीना के क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण आंख की रोशनी चली जाती है। नए अध्ययनों के अनुसार, धूम्रपान लोगों में दृष्टिहीनता के प्रमुख कारण के रूप में उभरी है।