देखें: गंभीर सूखे के लिए जिम्‍मेदार कौन- भगवान या सरकार? देखें: गंभीर सूखे के लिए जिम्‍मेदार कौन- भगवान या सरकार?

महाराष्‍ट्र समेत देश के कई राज्‍यों में भीषण सूखे की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में सूखे से बुरी तरह प्रभावित मराठवाड़ा क्षेत्र में इस समस्या से निबटने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। लातूर एवं बीड में स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि अधिकारी जिला जेल में बंदियों को स्थानांतरित करने के बारे में सोच रहे हैं। लातूर में पानी की भीषण किल्ल्त को देखते हुए वहां वाटर ट्रेन भेजा गया है। वहीं, नासिक जिले के कुछ हिस्सों में सूखे जैसी स्थिति हो गयी है। पिछले तीन सालों से अपर्याप्त वर्षा होने के कारण जिले की 15 तहसीलों में पानी की भीषण किल्लत है। महाराष्ट्र, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, राजस्थान, आन्ध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत नौ राज्यों में सूखे और पेयजल की कमी के कारण लोगों के पलायन से समस्या न सिर्फ गम्भीर चिन्ता का विषय बन गई है, बल्कि इस समस्या से निपटने के लिये सरकार के सार्थक प्रयास किये जाने के दावे नाकाफी हो गए हैं। गौर हो कि शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने यह कहकर बीते दिनों विवाद को जन्म दे दिया कि महाराष्ट्र के मंदिरों में साई बाबा की पूजा की परंपरा के कारण ही वहां सूखा पड़ गया है। ऐसे सूखे जैसी आपदाएं तो आएंगी ही।

शनि शिंगनापुर मंदिर ट्रस्ट में ऐतिहासिक बदलाव, पहली बार चुनी गई महिला अध्‍यक्ष शनि शिंगनापुर मंदिर ट्रस्ट में ऐतिहासिक बदलाव, पहली बार चुनी गई महिला अध्‍यक्ष

शनि शिंगनापुर मंदिर ट्रस्ट में बीते दिनों ऐतिहासिक बदलाव हुआ है। 40 वर्षीय गृहिणी अनिता शेटये को अहमदनगर जिले में शनि शिंगनापुर मंदिर ट्रस्ट की पहली महिला अध्यक्ष चुना गया है। कुछ दिन पहले ही अनीता शेट्टे और वैशाली लांडे मंदिर ट्रस्ट की सदस्य चुनी गई हैं। यह मंदिर हाल में एक महिला की ओर से वहां पूजा कर मंदिर की परम्परा को तोड़ने के कारण चर्चा में था। अध्यक्ष चुने जाने के तुरंत बाद शेटये ने संवाददाताओं से कहा कि वह उस परम्परा को जारी रखेगी और चौथारा (मंदिर प्लेटफॉर्म) पर महिलाओं को जाने की अनुमति देने की कोई योजना नहीं है।



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