श्रीगणेश की 16 मूर्ति से मिलेगी 16 सिद्धि

श्रीगणेश की 16 मूर्ति से मिलेगी 16 सिद्धि

गणेश परब्रह्म और अक्षर स्वरूप हैं। मुद्गल पुराण के अनुसार गणपति अनादि रूप हैं। ऋग्वेद का पहला श्लोक इनके नाम से शुरु होता है-गणानाम त्व गणपति। वेदों के अनुसार गणपति सबके गण है जिसमें विघ्न भी एक गण है और गणपति इसी विघ्न रूपी गण को जीवन से दूर करते हैं। गणपति वाक यानि वाणी के भी देवता हैं। उनके जन्म का रहस्य गणपति पुराण में विस्तार से मिलता है। 

हमाम में सब नंगे हैं

हमाम में सब नंगे हैं- ये कहावत सियासी लोगों के बारे में समय-समय पर पढ़ने और सुनने को मिलती रही हैं। दिल्ली में हुई बहुचर्चित गैंग-रेप की घटना और उसके बाद नेताओं के बयानों पर बारीकी से नज़र डालने पर ये बात साबित भी हो जाती है।



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