महात्मा गांधी से जुड़ी वो बातें जो आप नहीं जानते

महात्मा गांधी से जुड़ी वो बातें जो आप नहीं जानते

पूरा देश आज अहिंसा के पुजारी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को स्मरण कर उनकी 164वीं जयंती मना रहा है। महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर को गुजरात के पोरबंदर में हुआ था। उनका पूरा नाम मोहनदास करमचंद्र गांधी था।  भारत को ब्रिटिश साम्राज्य से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी ने अहम योगदान निभाया था।  महात्मा गांधी की प्रेरणा के बल पर ही 15 अगस्‍त 1947 को भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। महात्मा गांधी के पिता का नाम करमचंद और माता का नाम पुतलीबाई था।

वन रैंक वन पेंशन, लैंड बिल को लेकर अन्ना करेंगे आंदोलन

वन रैंक वन पेंशन, लैंड बिल को लेकर अन्ना करेंगे आंदोलन

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि वह विवादास्पद भूमि अधिग्रहण विधेयक और सैनिकों के लिए एक रैंक एक पेंशन (ओआरओपी) योजना को जल्द लागू करने की मांग को लेकर दो अक्तूबर को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करेंगे।

2 अक्तूबर को छुट्टी नहीं, सरकारी कर्मी लेंगे स्वच्छता की शपथ

नरेंद्र मोदी सरकार के ‘स्वच्छ भारत’ अभियान के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों से कहा गया है कि वे आगामी दो अक्तूबर को स्वच्छता की शपथ लेने के लिए अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें। दो अक्तूबर को गांधी जयंती होती है और इस मौके पर राष्ट्रीय अवकाश होता है।

चीन और ऑस्ट्रेलिया में मनाई गई गांधी 144वीं जयंती

चीन और आस्ट्रेलिया में आज महात्मा गांधी की 144वीं जयंती मनाई गई। चीन के बीजिंग के खूबसूरत छाओ यांग पार्क में महात्मा गांधी की 144वीं जयंती पर बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

गांधी का अहिंसा धर्म आज भी प्रासंगिक

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पिछले महीने सांप्रदायिक सद्भाव खंड-खंड हो गया। समाज के दो कौम एक मामले को लेकर जिसे आसानी सुलझाया जा सकता था एक-दूसरे के रक्त पिपासु हो गए। इस हिंसा ने समाज में सौहार्द बनाए रखने के लिए एक और गांधी की अवश्यकता महसूस कराई।

महात्मा गांधी पर बनी फिल्में हैं उनके विचारों का आईना

अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के जीवन दर्शन और सुविचारों की प्रासंगिकता को इसी बात से समझा जा सकता है कि आज, उनके जन्म के 144वें वर्ष में भी कई फिल्मकार उनके दर्शन और उपदेशों को अपनी फिल्मों में उतारना चाहते हैं, और कई फिल्मकार इस दिशा में लगे भी हुए हैं।

बापू के सत्य, अहिंसा के संदेश पर बच्चों ने बनाई एनिमेशन फिल्म

महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के संदेश पर देश के सुदूर और पिछड़े इलाकों के सरकारी स्कूल के बच्चों ने एनिमेशन फिल्म बनायी है और इन बच्चों ने स्कूलों में एनिमेशन को कोर्स के रूप में शामिल करने की मांग की है।

इस कला पर है महात्मा गांधी की छाप

महात्मा गांधी के ‘सर्वोदय’ और ‘स्वधर्म’ के सिद्धांतों ने एक कलाकार की कलाकृतियों में प्रेरणा के नए रंग भर दिए हैं। इस कलाकार ने महिलाओं द्वारा सिलाई किए गए खादी के कपड़े पर अजरख प्रिंट वाली कलाकृतियां तैयार करके इनका प्रदर्शन मल्टीमीडिया वाले काव्य पाठ के साथ किया।

महात्मा गांधी का भारत

काल की कठोर आवश्यकताएं महापुरुषों को जन्म देती हैं और घटाटोप अंधकार से घिरे समय में बिजली कौंध कर आगे बढ़ने का रास्ता दिखा जाती है। समय अपने नायकों को ढूंढ लेता है। ये नायक कभी कबीर, तुलसीदास, विवेकानंद तो कभी मार्टिन लूथर, नेल्सन मंडेला और महात्मा गांधी के रूप में हमारे सामने आते हैं।