चार साल में कसाब पर 30 करोड़ रूपये खर्च

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने अजमल कसाब को मुंबई के आर्थर रोड केंद्रीय कारागार में रखे जाने के दौरान उसे भोजन, सुरक्षा, दवा और कपड़े मुहैया करने पर करीब 29.5 करोड़ रूपये खर्च किए।

जल्लाद को भी नहीं पता था कि वह किसको फांसी देगा

पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी दिए जाने में आज इस हद तक गोपनीयता बरती गयी कि आखिरी वक्त तक जल्लाद को भी नहीं पता था कि वह किसे फांसी देने जा रहा ।

`सी-7096` से होती थी कसाब की पहचान

कारागार में प्रवास के दौरान अजमल कसाब की पहचान संख्या ‘ सी-7096 ’ रही । उसे फांसी देने के लिए तैयार किये गये सरकारी दस्तावेज में भी यही पहचान संख्या लिखी गयी थी ।



लाइव स्कोर कार्ड