`कसाब को फांसी न दे पाने का मलाल`

पूरे देश की तरह इस परिवार को भी मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार आमिर अजमल कसाब की फांसी का बेसब्री से इंतजार था। लेकिन बुधवार को कसाब को फांसी होने के बाद भी दिवंगत मम्मू सिंह जल्लाद का परिवार थोड़ा मायूस है, क्योंकि कसाब को अपने हाथों से फांसी देने की मम्मू जल्लाद की इच्छा अधूरी रह गई।

कसाब की अंतिम ख्‍वाहिश थी: फांसी के बारे में अम्मी को बता दें

मुंबई पर चार वर्ष पहले आतंकी हमले में शामिल लश्कर-ए-तोएबा के आतंकी अजमल कसाब को जब 21 नवंबर को फांसी दिए जाने के बारे में बताया गया तो उसने कहा कि मेरी अम्मी को बता दें। लगता है कि कसाब की मां नूरी लाइ उसके सबसे करीब थीं। फांसी पर लटकाने से पहले जब उससे उसकी आखरी इच्छा के बारे में पूछा गया तो उसने उन्हीं का नाम लिया।

मुंबई आतंकी हमले का काला चेहरा कसाब

बेपरवाह सी कार्गो पैंट, ढीला ढाला नीला स्वेटशर्ट, पीठ पर बैग और हाथों में असाल्ट राइफल..यही था अजमल कसाब मुंबई पर खौफनाक आतंकी हमले का काला चेहरा, जिसने पाकिस्तान में रची गई नापाक साजिश को अमली जामा पहनाने में अहम किरदार निभाया।