चार साल में कसाब पर 30 करोड़ रूपये खर्च

केंद्र और महाराष्ट्र सरकार ने अजमल कसाब को मुंबई के आर्थर रोड केंद्रीय कारागार में रखे जाने के दौरान उसे भोजन, सुरक्षा, दवा और कपड़े मुहैया करने पर करीब 29.5 करोड़ रूपये खर्च किए।

बुधवार को गुनाह, बुधवार को ही सजा

अजमल कसाब के लिए बुधवार का दिन खास मायने रखता है क्योंकि वह इसी दिन लश्कर ए तैयबा के अपने नौ साथियों के साथ मुंबई में घुसा था और बुधवार को ही उसे फांसी के फंदे से लटका दिया गया।

कसाब का अंत: 26/11 के पीड़ितों को इंसाफ

देश की वाणिज्यिक राजधानी मुबइ में 26 नवंबर, 2008 को आतंकवादी हमले को अंजाम देने वालों में शुमार और एकमात्र जीवित पाकिस्तानी आतंकी अजमल आमिर कसाब को बुधवार सुबह पुणे की यरवडा जेल में फांसी दे दी गई। मुंबई हमले के पीडि़तों को कसाब की फांसी के साथ-साथ आज इंसाफ मिल गया।

जल्लाद को भी नहीं पता था कि वह किसको फांसी देगा

पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी दिए जाने में आज इस हद तक गोपनीयता बरती गयी कि आखिरी वक्त तक जल्लाद को भी नहीं पता था कि वह किसे फांसी देने जा रहा ।

`सी-7096` से होती थी कसाब की पहचान

कारागार में प्रवास के दौरान अजमल कसाब की पहचान संख्या ‘ सी-7096 ’ रही । उसे फांसी देने के लिए तैयार किये गये सरकारी दस्तावेज में भी यही पहचान संख्या लिखी गयी थी ।

मुंबई आतंकी हमले का काला चेहरा कसाब

बेपरवाह सी कार्गो पैंट, ढीला ढाला नीला स्वेटशर्ट, पीठ पर बैग और हाथों में असाल्ट राइफल..यही था अजमल कसाब मुंबई पर खौफनाक आतंकी हमले का काला चेहरा, जिसने पाकिस्तान में रची गई नापाक साजिश को अमली जामा पहनाने में अहम किरदार निभाया।