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डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

डियर जिंदगी : ‘बलइयां’ कौन लेगा…

बलइयां लेने का अर्थ जो न समझ रहे हों, उनके लिए बस इतना ही कि हमसे बड़े, हमारे हितकारी ऐसे लोग जो हमें हर बला (मुसीबत) से दूर रखने का काम करते थे.

Sep 14, 2018, 08:11 AM IST
डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

डियर जिंदगी : कोमल मन के द्वार…

कोमलता की खोज में बहुत इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं, वह तो ऐसी सरल चीज है तो खामोशी से आपके भीतर रहती है, बस उसे सुनने और समझने की जरूरत होती है.  

Sep 13, 2018, 09:12 AM IST
डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

डियर जिंदगी : 'अलग' हो जाइए, पर जिंदा रहिए...

हम बाहरी दुनिया, गरीबी, कड़ी मेहनत से नहीं टूटते, लेकिन जैसे ही दस-बाई-दस के कमरे में तनाव पति-पत्‍नी, मित्र, प्रेमी-प्रेमिका से लिपटता है, तो उसकी पकड़ से निकलना मुश्किल हो जाता है. क्‍यों! 

Sep 12, 2018, 09:35 AM IST
डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

एक बार दुखी रहने का निर्णय लेते ही हम ‘निर्दोष’ दुखी होते जाते हैं. यानी बिना किसी के ‘दोष’ के. रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों, चीजों में हम दुख तलाशने निकल जाते हैं.

Sep 11, 2018, 08:59 AM IST
डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

अगर आपके भीतर सत्‍यबोध है, तो केवल उस आवाज पर भरोसा करिए जो अंतर्मन से आए. दुनिया के नजरिए की फ्र‍िक मत करिए, बस अपने इरादे, चुनाव पर कायम रहिए.

Sep 10, 2018, 07:18 AM IST
डियर जिंदगी: सत्‍य के प्रयोग- 1

डियर जिंदगी: सत्‍य के प्रयोग- 1

तब तक ‘मुन्‍ना भाई एमबीबीएस’ नहीं आई थी, लेकिन गांधी के पास मेरे प्रश्‍न, तनाव और निर्णय लेने की क्षमता जैसे जटिल प्रश्‍न के सारे हल थे.

Sep 7, 2018, 09:54 AM IST
डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

डियर जिंदगी : ‘अनुभव’ को संभालना कैसे है…

हमने सुख-दुख, जीवन के अनुभवों को ‘एक्‍सक्‍लूसिव’ मान लिया, जबकि यह जीवन के सामान्‍य राग हैं. इनमें कुछ भी विशेष नहीं. हमें इनका साक्षी बनकर जीवन जीना है, इनका चौकीदार बनकर नहीं.

Sep 6, 2018, 08:38 AM IST
डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

डियर जिंदगी: जीवन सफर है, मंजिल नहीं…

हमारी सोच, सपने के साकार होने के लिए एक अकेला जीवन काफी नहीं है. एक अकेले हम काफी नहीं हैं. जीवन इसलिए अकेला नहीं, उसका सारांश साथ में है. जीवन असल में सह-जीवन है. दूसरों के साथ समन्‍वय है.

Sep 5, 2018, 08:23 AM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

निर्णय तो दो में से किसी एक का ही हो सकता है, लेकिन मन तो नहीं बंटना चाहिए.’ ऐसी खूबसूरत बात अनुभव की अंगीठी में ही पक सकती है.

Sep 4, 2018, 07:43 AM IST
डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

जिंदगी वन-वे ट्रैफिक नहीं है. जहां सड़क ठीक मिले तो आपको मनचाही गति मिल जाती है. दूसरे के कहीं और से ‘प्रवेश’ की चिंता नहीं होती. बस अपनी ड्राइविंग पर ध्‍यान लगाकर मंजिल तक पहुंचा जा सकता है!

Sep 3, 2018, 09:36 AM IST
डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

डियर जिंदगी: अकेले रहने के मायने!

अकेले होने के अर्थ पुराने हो चले हैं. अब अकेले होने के मायने हो गए हैं, आप एक कमरे में चुपचाप मोबाइल के साथ अकेले हैं! आप वीडियो गेम के साथ अकेले हैं. अकेले में आप चैटिंग कर रहे होते हैं.

Aug 31, 2018, 08:08 AM IST
डियर जिंदगी: घर के भीतर प्रवेश करने की कला...

डियर जिंदगी: घर के भीतर प्रवेश करने की कला...

प्रेम को पढ़ा तो हमने बहुत, लेकिन उसे ठहरकर जीना सरल नहीं है. इसे मन को समझाना होगा.

Aug 30, 2018, 06:45 AM IST
डियर जिंदगी: दुख का आत्‍मा की 'काई' बन जाना...

डियर जिंदगी: दुख का आत्‍मा की 'काई' बन जाना...

बाढ़ का पानी अगर शहर में एक बार घुस जाए तो आसानी से कहां निकलता है... और असली परेशानी तो पानी निकलने के बाद शुरू होती है!

Aug 29, 2018, 07:50 AM IST
डियर जिंदगी: साथ छूटने से ‘बाहर’ आना…

डियर जिंदगी: साथ छूटने से ‘बाहर’ आना…

कुछ लोग उम्र, रिश्‍तों के ‘खास’ मोड़ पर एक-दूसरे का साथ छूट जाने से इतने दुखी, व्‍याकुल और उदास हो जाते हैं कि जिंदगी का मूल्‍य उसके सदके कर देते हैं. यह प्रेम नहीं जीवन के प्रति कृतज्ञता के भाव की कमी है.

Aug 28, 2018, 07:38 AM IST
डियर जिंदगी : ‘मन’ की ओर से इतनी बेरुखी क्‍यों…

डियर जिंदगी : ‘मन’ की ओर से इतनी बेरुखी क्‍यों…

हम खुद का ‘रिव्‍यू’ करने से बहुत दूर हैं. जो चीजें, रिश्‍ते हमें रात-दिन चुभते र‍हते हैं, उनके बारे में ‘दो टूक’ निर्णय लेने की जगह हम सारी उम्र उनके आसपास भटकते हुए गुजार देते हैं.

Aug 27, 2018, 07:50 AM IST
डियर जिंदगी: कहां है सुख और सुखी कौन!

डियर जिंदगी: कहां है सुख और सुखी कौन!

सुख के अपने-अपने घोंसले हैं. किसी को बया की क्रिएटिविटी लुभाती है, तो कोई ‘चट्टानों’ के बीच चैन खोजता है. जैसे परीक्षा में ‘कम से कम’ नंबर लाना जरूरी होता है, वही फॉर्मूला दूसरों को सुख देने के बारे में हमें अपनाना होगा. 

Aug 24, 2018, 08:07 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चों को कितना स्‍नेह चाहिए!

डियर जिंदगी : बच्‍चों को कितना स्‍नेह चाहिए!

हम बच्‍चे के लिए बहुत अधिक जुटाने के फेर में उसे बहुत अधिक अकेला छोड़ रहे हैं. उसके अंदर का अकेलापन उसे रूखा बना रहा है. कठोर, जिद्दी और रेत की तरह स्‍नेह से दूर.

Aug 23, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी : आंसू सुख की ओर ‘मुड़’ जाना है...

डियर जिंदगी : आंसू सुख की ओर ‘मुड़’ जाना है...

दूसरों को नीचा दिखाने, छोटी-छोटी बात पर एक-दूसरे की जान लेने पर आमादा, हर दूसरे वाक्‍य में मां-बहन की गाली देने वाले लोग कौन हैं! यह समाज का वही हिस्‍सा है, जिसकी आंखों में आंसू का उतरना वर्जित है. इनकी आंखों में 'नमी' के साथ, स्‍नेह, प्रेम और आत्‍मीयता भी घटती जा रही है.

Aug 22, 2018, 09:55 AM IST
डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

हमें आत्‍महत्‍या के विचार के विरुद्ध जमकर लोहा लेना होगा. न कि सहानुभूति! आत्‍महत्‍या करने वालों के प्रति उदारता से हम समाज को सृजनात्मक नहीं बना सकते.

Aug 21, 2018, 08:46 AM IST
डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

दोस्‍तों और परिवार की छांव की ओर लौटिए, उनसे दिल का हाल साझा कीजिए. बात कितनी भी क्‍यों न बिगड़ जाए, उसे संभाला जा सकता है. यह बात अपने दिल, दिमाग और दीवार पर साफ-साफ लिख दीजिए.

Aug 20, 2018, 08:25 AM IST

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