dear zindagi

डियर जिंदगी :  'भीतर' कितनी टीस बची है...

डियर जिंदगी : 'भीतर' कितनी टीस बची है...

हमारे आसपास ऐसे लोगों की संख्‍या तेजी से बढ़ती जा रही है, जो तनाव, उदासी और डिप्रेशन का सामना करने में परेशानी महसूस कर रहे हैं. इसके कारण उनकी मानसिक, शारीरिक सेहत दोनों प्रभावित हो रही हैं.  

Aug 17, 2018, 08:34 AM IST
डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

डियर जिंदगी : अधूरे ख्‍वाबों की कहानी…

अगर हमारे सपने में भय है. आशंका है. विश्‍वास की कमी है तो कैसे ख्‍वाब पूरे होंगे. उसके बाद सारी जिंदगी बहाने खोजते हुए, ‘बहानेसाइटिस’ में खर्च होगी.

Aug 16, 2018, 08:19 AM IST
डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

याद रखिए, प्रेम, आत्‍मीयता और स्‍नेह समाज से इसलिए कम हो रहे हैं, क्‍योंकि इनकी चिंता में घुलने वाले तो बहुत हैं, लेकिन इन्‍हें दूसरों तक पहुंचाने वाले बहुत कम हैं. और जिस चीज के समर्थन में कम लोग होते हैं, वह चीज धीरे-धीरे गायब होती जाती है.

Aug 14, 2018, 07:56 AM IST
डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

'अलग’ हो जाना या ठीक कर लेना, देखने में यह अलग-अलग बातें दिखती हैं, लेकिन असल में यह ‘एक’ ही हैं.

Aug 13, 2018, 08:58 AM IST
डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

डियर जिंदगी : 'क्‍या गम है, जो मुझसे छुपा रहे हो…'

एक-दूसरे से खुलकर दिल की बातें कहने का हुनर अभी हम नहीं सीख पाएं हैं. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि हम खुलकर आसानी से अपने दिल का ‘हाल’ एक-दूसरे से बयां नहीं करते.

Aug 10, 2018, 08:19 AM IST
डियर जिंदगी: किसी के साथ होने का अर्थ...

डियर जिंदगी: किसी के साथ होने का अर्थ...

अगर हम अपने कहे पर कायम हैं, तो यह बात अंतत: हमारे पक्ष में ही जाती है, क्‍योंकि ऐसा करके हम अपने समीप एक ऐसी दुनिया रच रहे हैं, तो एक-दूसरे के प्रति कृतज्ञ  है.

Aug 9, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी : यादों का डस्‍टबिन!

डियर जिंदगी : यादों का डस्‍टबिन!

हर बरस की अगर पांच-पांच बातें भी दिमाग में जमी रह गईं और आपकी उम्र कम से कम तीस-चालीस बरस है तो सोचिए कितनी यादें दिल, दिमाग और चेतन-अवचेतन मन पर अमरबेल की तरह पसरी हैं.

Aug 8, 2018, 08:27 AM IST
डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

भारत का सबसे बड़ा रोग यही है, ‘लोग क्‍या कहेंगे.’ जबकि लोग अक्‍सर कुछ नहीं कहते. जिसके पास आपके दुख में खड़े होने की शक्ति नहीं, उसके कहने से हम इतना क्‍यों डरते हैं.

Aug 7, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

कठोर होना है तो अपने प्रति होइए. उदार होना है तो दूसरों के प्रति. सारी समस्‍या की जड़ इस सरल नियम का उल्‍टा होते जाना है.

Aug 6, 2018, 08:11 AM IST
डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

पति और पत्‍नी इस दुनिया में एक-दूसरे को छोड़कर बाकी सबको समझने योग्‍य मानते हैं! ऐसा क्‍या है इस रिश्‍ते में, जो उल्‍लास, आनंद, खुशी के ख्‍वाब से आरंभ होता है, वह कुछ ही दिनों में हिचकोले खाने लगता है.

Aug 3, 2018, 07:31 AM IST
डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

यहां बच्‍चे को जरा सी खरोच, चोट, बुखार पर डॉक्‍टर को दिखाने का रिवाज है, लेकिन हम मन से भी बीमार हो सकते हैं. इसकी ओर किसी का ध्‍यान नहीं...

Aug 2, 2018, 07:32 AM IST
डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

परिवार, मित्र ऐसे व्‍यक्‍ति को दिन-रात समझाने में जुटे रहते हैं, जो हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहता हो! उसे ‘करेक्‍ट’ करने की कोशिश की जाती है कि दूसरों के चक्‍कर में कहां पड़े रहते हो.

Aug 1, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

 हमेशा 'हिसाब' में डूबे रहने वाले  अक्‍सर तनाव की छोटी नहर में भी डूब जाते हैं.  जिंदगी की नदी का मिजाज समझिए. हमेशा दूसरों से कुछ हासिल कर लेने, उनका उपयोग करने की चाहत से ऊपर उठिए.

Jul 31, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डर एक ऐसी अंधेरी 'सुरंग' है, जिससे बाहर निकलने के दरवाजे पर बड़ी चट्टान रखी हुई है. जिसे बाहर से नहीं हटाया जा सकता, उसे केवल ‘भीतर’से हटाना संभव है.

Jul 30, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

समय की नाव तो हमें, संबंधों को नए, अ‍लग तटों की यात्रा कराना चाहती है, लेकिन हम भीतर के विरोध से इतने भरे हैं कि ‘चश्‍मे’ के आगे कुछ देखना ही नहीं चाहते! 

Jul 27, 2018, 10:07 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चे, कहानी और सपने…

डियर जिंदगी : बच्‍चे, कहानी और सपने…

‘कहानी खत्‍म हो गई है, क्‍या! कहीं मिलती नहीं. बच्‍चे जिद करते हैं कि कहानी सुनाओ, लेकिन हम तो सारी कहानियां भूल गए हैं, बच्‍चों को कहां से सुनाएं.’

Jul 26, 2018, 08:12 AM IST
डियर जिंदगी: ‘अपने’ मन से दूरी खतरनाक!

डियर जिंदगी: ‘अपने’ मन से दूरी खतरनाक!

हमने यह तो पढ़ा, लिखा और सुना है कि मन चंचल है. मन पागल है. मन मनमौजी है, लेकिन हमारा मन हमसे दूर हो गया! भला यह क्‍या बात हुई…

Jul 25, 2018, 07:49 AM IST
डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

मनुष्‍य बने रहने के लिए. जिंदगी को ख्‍वाहिश का जंगल बनने से बचाना होगा. हमेशा ख्‍वाहिश के पीछे दौड़ते रहने से जिंदगी का स्‍वाद कैसे मिलेगा, जिसके लिए पचास तरह के प्रयास किए जा रहे हैं.

Jul 24, 2018, 07:28 AM IST
डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

हर व्‍यक्‍ति के लिए उसका ‘घना’ साया अलग-अलग लोग हो सकते हैं. जैसे सचिन तेंदुलकर के लिए उनका ‘घना’ साया उनके भाई अजित तेंदुलकर थे. कवि नीरज के लिए एसडी वर्मन थे.

Jul 23, 2018, 07:42 AM IST
डियर जिंदगी : वह ख़त क्‍या हुए…

डियर जिंदगी : वह ख़त क्‍या हुए…

हमने सोचा था जैसे चिट्ठी अल्‍फाज के बहाने जज्‍बात बयां कर देती थी, वही काम एसएमएस, व्‍हाट्सअप कर देगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इनसे प्रेम की जगह गुस्‍सा बयां हो रहा है. 

Jul 20, 2018, 08:14 AM IST

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close