dear zindagi

डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

डियर जिंदगी : तुम समझते/समझती क्‍यों नहीं...

पति और पत्‍नी इस दुनिया में एक-दूसरे को छोड़कर बाकी सबको समझने योग्‍य मानते हैं! ऐसा क्‍या है इस रिश्‍ते में, जो उल्‍लास, आनंद, खुशी के ख्‍वाब से आरंभ होता है, वह कुछ ही दिनों में हिचकोले खाने लगता है.

Aug 3, 2018, 07:31 AM IST
डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

डियर जिंदगी: दिल के रिश्‍ते ‘दिमाग’ से नहीं सुधरते…

यहां बच्‍चे को जरा सी खरोच, चोट, बुखार पर डॉक्‍टर को दिखाने का रिवाज है, लेकिन हम मन से भी बीमार हो सकते हैं. इसकी ओर किसी का ध्‍यान नहीं...

Aug 2, 2018, 07:32 AM IST
डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

डियर जिंदगी: ‘छोटा’ होता मन…

परिवार, मित्र ऐसे व्‍यक्‍ति को दिन-रात समझाने में जुटे रहते हैं, जो हमेशा सबकी मदद के लिए तैयार रहता हो! उसे ‘करेक्‍ट’ करने की कोशिश की जाती है कि दूसरों के चक्‍कर में कहां पड़े रहते हो.

Aug 1, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

 हमेशा 'हिसाब' में डूबे रहने वाले  अक्‍सर तनाव की छोटी नहर में भी डूब जाते हैं.  जिंदगी की नदी का मिजाज समझिए. हमेशा दूसरों से कुछ हासिल कर लेने, उनका उपयोग करने की चाहत से ऊपर उठिए.

Jul 31, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डर एक ऐसी अंधेरी 'सुरंग' है, जिससे बाहर निकलने के दरवाजे पर बड़ी चट्टान रखी हुई है. जिसे बाहर से नहीं हटाया जा सकता, उसे केवल ‘भीतर’से हटाना संभव है.

Jul 30, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

डियर जिंदगी: खुश नहीं हैं, तो बताना चाहिए…

समय की नाव तो हमें, संबंधों को नए, अ‍लग तटों की यात्रा कराना चाहती है, लेकिन हम भीतर के विरोध से इतने भरे हैं कि ‘चश्‍मे’ के आगे कुछ देखना ही नहीं चाहते! 

Jul 27, 2018, 10:07 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चे, कहानी और सपने…

डियर जिंदगी : बच्‍चे, कहानी और सपने…

‘कहानी खत्‍म हो गई है, क्‍या! कहीं मिलती नहीं. बच्‍चे जिद करते हैं कि कहानी सुनाओ, लेकिन हम तो सारी कहानियां भूल गए हैं, बच्‍चों को कहां से सुनाएं.’

Jul 26, 2018, 08:12 AM IST
डियर जिंदगी: ‘अपने’ मन से दूरी खतरनाक!

डियर जिंदगी: ‘अपने’ मन से दूरी खतरनाक!

हमने यह तो पढ़ा, लिखा और सुना है कि मन चंचल है. मन पागल है. मन मनमौजी है, लेकिन हमारा मन हमसे दूर हो गया! भला यह क्‍या बात हुई…

Jul 25, 2018, 07:49 AM IST
डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

मनुष्‍य बने रहने के लिए. जिंदगी को ख्‍वाहिश का जंगल बनने से बचाना होगा. हमेशा ख्‍वाहिश के पीछे दौड़ते रहने से जिंदगी का स्‍वाद कैसे मिलेगा, जिसके लिए पचास तरह के प्रयास किए जा रहे हैं.

Jul 24, 2018, 07:28 AM IST
डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

हर व्‍यक्‍ति के लिए उसका ‘घना’ साया अलग-अलग लोग हो सकते हैं. जैसे सचिन तेंदुलकर के लिए उनका ‘घना’ साया उनके भाई अजित तेंदुलकर थे. कवि नीरज के लिए एसडी वर्मन थे.

Jul 23, 2018, 07:42 AM IST
डियर जिंदगी : वह ख़त क्‍या हुए…

डियर जिंदगी : वह ख़त क्‍या हुए…

हमने सोचा था जैसे चिट्ठी अल्‍फाज के बहाने जज्‍बात बयां कर देती थी, वही काम एसएमएस, व्‍हाट्सअप कर देगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं. इनसे प्रेम की जगह गुस्‍सा बयां हो रहा है. 

Jul 20, 2018, 08:14 AM IST
डियर जिंदगी: काश! से बाहर निकलें…

डियर जिंदगी: काश! से बाहर निकलें…

अतीत की गलियां हमारा सबसे प्रिय आश्रय हैं. वर्तमान के आंगन में जरा सी धूप आते ही हम हम अतीत की गलियों में दुबकने लगते हैं. 

Jul 19, 2018, 08:13 AM IST
डियर जिंदगी: सबकुछ सुरक्षित होने का ‘अंधविश्‍वास'

डियर जिंदगी: सबकुछ सुरक्षित होने का ‘अंधविश्‍वास'

हमारी सोच-समझ और विश्‍वास धीमे-धीमे बनते हैं, लेकिन उनकी जड़ें बरगद जैसी होती हैं. एक बार उनके बन जाने पर मनुष्‍य की चेतना में परिवर्तन लगभग असंभव जैसा होता है. 

Jul 18, 2018, 09:14 AM IST
डियर जिंदगी: बस एक दोस्‍त चाहिए, जिससे सब कहा जा सके...

डियर जिंदगी: बस एक दोस्‍त चाहिए, जिससे सब कहा जा सके...

कम से कम एक दोस्‍त, हमख्‍याल बनाइए, जिससे सबकुछ कहा जा सके. जो हर हाल में आपके साथ रहे. भले दुनिया मुंह फेर ले. भले कोई आवाज न दे. लेकिन उसके पास आपकी आवाज सुनने का वक्‍त रहे और आप तक उसकी आवाज आती रहे!

Jul 17, 2018, 07:21 AM IST
डियर जिंदगी : आत्‍महत्‍या 'रास्‍ता' नहीं, सजा है…

डियर जिंदगी : आत्‍महत्‍या 'रास्‍ता' नहीं, सजा है…

जीवन संघर्ष, तनाव, रिश्‍ते से दुखी, अपराधबोध से भीगे मन तेजी से आत्‍महत्‍या की ओर बढ़ रहे हैं. बाहर से सफल, सुखी दिखने वाले मन के भीतर उमड़-घुमड़ रहे डिप्रेशन और अकेलेपन को समझना सहज नहीं.

Jul 16, 2018, 07:30 AM IST
डियर जिंदगी : 'तेरे-मेरे सपने एक रंग नहीं हैं…'

डियर जिंदगी : 'तेरे-मेरे सपने एक रंग नहीं हैं…'

सपनों के प्रति सतर्क रहें. उनके लिए पागल बनें. दूसरों के लिए उनको दांव पर न लगाएं, बल्कि उनके हिसाब से ‘दूसरी’ चीजें तय करें.

Jul 13, 2018, 08:06 AM IST
डियर जिंदगी : जो माता-पिता को ‘आश्रम‘ छोड़ने जा रहे हैं…

डियर जिंदगी : जो माता-पिता को ‘आश्रम‘ छोड़ने जा रहे हैं…

बच्‍चे असल में बच्‍चे नहीं होते. वह तो हमारा विस्‍तार हैं. हमारी समझ, सोच और संवेदना का. किसी बड़े से कुछ छिप सकता है, लेकिन उस घर के बच्‍चे से नहीं. 

Jul 12, 2018, 07:28 AM IST
डियर जिंदगी : शुक्रिया, एंटोइन ग्रीजमैन!

डियर जिंदगी : शुक्रिया, एंटोइन ग्रीजमैन!

जिस विनम्रता, कृतज्ञता का उन्‍होंने बेहद जुनूनी, उत्‍तेजना के पल में परिचय दिया वह बेमिसाल है. उन्होंने साबित किया कि जीवन मूल्‍य अगर आत्‍मा तक उतरे हों, तो बाहर 'चादर' कैसी भी हो, वह कभी मैले नहीं होते. 

Jul 11, 2018, 07:08 AM IST
डियर जिंदगी : थोड़ा वक्‍त उनको, जिन्होंने हमें खूब दिया...

डियर जिंदगी : थोड़ा वक्‍त उनको, जिन्होंने हमें खूब दिया...

नीम का पेड़ लगाने से नीम और आम का पेड़ तैयार करने से आम होता है. यह प्रकृति का शास्‍वत नियम है. सब पर बिना भेदभाव लागू होता है.

Jul 10, 2018, 07:47 AM IST
डियर जिंदगी : ‘बीच’ में कौन आ गया!

डियर जिंदगी : ‘बीच’ में कौन आ गया!

सोशल मीडिया पर संबंध उनके लिए हैं, जिनके पास शायद असली जिंदगी में रिश्‍ते, दोस्‍तों की कमी है. उनके लिए नहीं जो इसकी कीमत पर असली संबंधों को ही तबाह किए जा रहे हैं. 

Jul 9, 2018, 07:42 AM IST