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डियर जिंदगी : तर्क के दंगल और 'संतुलन' की सुंदरता!

डियर जिंदगी : तर्क के दंगल और 'संतुलन' की सुंदरता!

असल में शुरू में तो सबकुछ सुंदर ही दिखता है. किसी भी रिश्‍ते में. दूर से हम एक-दूसरे को कहां अच्‍छे से समझ पाते हैं. यह बात और है कि हम पास आकर भी कई बार चीजों में इतने उलझ जाते हैं कि हर बात में अपने वादों, दावों और सपनों को खोजने लगते हैं.

Jan 31, 2018, 10:52 PM IST
डियर जिंदगी : फूल-पत्‍तों में उलझे, जड़ों को भूल गए...

डियर जिंदगी : फूल-पत्‍तों में उलझे, जड़ों को भूल गए...

क्‍या स्‍कूल जाना. अच्‍छे, नहीं खूब अच्‍छे नंबर लाना ही जीवन का एकमात्र लक्ष्‍य है. उसके बाद करियर की तलाश. बढ़िया नौकरी. उसके बाद शादी वगैरह! हमने इसे ही जीवन मान लिया है.

Jan 30, 2018, 04:24 PM IST
डियर जिंदगी : आपको भी निर्णय नहीं लेने की आदत है!

डियर जिंदगी : आपको भी निर्णय नहीं लेने की आदत है!

जब बात अपनी हो, अपने बारे में फैसले करने की हो तो हम एकदम से बैकफुट पर चले जाते हैं. इतने पीछे की कई बार ‘अंपायर’ की बात सुनकर भी क्रीज पर नहीं लौटते. बल्कि इसे इस तरह से समझिए कि लौट ही नहीं पाते. क्‍योंकि पांव पर ‘अ’निर्णय की जंजीरें पड़ी रहती हैं.

Jan 26, 2018, 01:32 PM IST
डियर जिंदगी : जयपुर लिटरेचर फेस्‍टिवल; रास्‍ता न सही पगडंडी सही…

डियर जिंदगी : जयपुर लिटरेचर फेस्‍टिवल; रास्‍ता न सही पगडंडी सही…

बच्‍चों, युवाओं के लिए जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल आयोजन रास्‍ता न सही, लेकिन पगडंडी बनाने का काम तो करते ही हैं. बच्‍चों को उनका साथ मिलता है, जिनको वह पढ़ते सुनते आए हैं. उनके लिए यह कुछ ऐसा ही है, जैसा किसी किताब में नदी के बारे में पढ़ना और किसी दिन नदी किनारे बैठना.

Jan 25, 2018, 04:00 PM IST
डियर जिंदगी : समाधान 'भीतर' ही हैं...

डियर जिंदगी : समाधान 'भीतर' ही हैं...

हम घर से निकलते समय कई बार छोटी-छोटी बातों से नाराज होकर निकलते हैं. इस नाराजगी का असर कई बार सड़क पर दुर्घटना के रूप में निकलता है तो कई बार ऐसी बहस के रूप में जो दिन का सारा विमर्श ही पलटकर रख देती है.

Jan 24, 2018, 05:57 PM IST
डियर जिंदगी : तनाव और 'अ'सोशल टेक्‍नोलॉजी

डियर जिंदगी : तनाव और 'अ'सोशल टेक्‍नोलॉजी

भारतीय समाज. जो सबसे अधिक अपने मिलनसार स्‍वभाव. मित्रता और उत्‍सवप्रियता के लिए जाना जाता था. उस समाज की दीवारें अब दरकने लगी हैं. हम मिलने की जगह मैसेंजर से संतुष्‍ट रहने लगे हैं.

Jan 23, 2018, 04:24 PM IST
डियर जिंदगी : दुनिया के रंग और 'शीशमहल'...

डियर जिंदगी : दुनिया के रंग और 'शीशमहल'...

हर समस्‍या के समाधान के लिए बाहरी विशेषज्ञ की जरूरत नहीं होती, कई बार बस थोड़ा सा अपने भीतर झांकते ही 'सही' रास्‍ता मिल जाता है. बस उसके लिए उचित अवलोकन दृष्टि और साफ मन होना चाहिए.

Jan 22, 2018, 06:59 PM IST
डियर जिंदगी : 'जागते' रहो को भूलते हुए...

डियर जिंदगी : 'जागते' रहो को भूलते हुए...

हमारे पास खुद की विचार प्रक्रिया को समझने का समय नहीं है. हम अंतर्मन से इतने दूर निकल गए हैं कि अंतर्मन और दिमाग के फर्क को अक्‍सर भूल जाते हैं.

Jan 19, 2018, 04:14 PM IST
डियर जिंदगी : ‘स्‍नेह' के गांव में ‘रेगिस्‍तान’

डियर जिंदगी : ‘स्‍नेह' के गांव में ‘रेगिस्‍तान’

हर कोई महसूस कर सकता है कि हमारे बीच अनुराग कम हो रहा है. पड़ोसी, दोस्‍त, परिवार की खुशी में हमारी रुचि घटती ही जा रही है. करियर की दौड़ में एक-दूसरे को अनदेखा करने की आदत गंभीर बीमारी की ओर बढ़ रही है.

Jan 18, 2018, 07:05 PM IST
डियर जिंदगी : सबकुछ खोजना, अपने को मिटाकर!

डियर जिंदगी : सबकुछ खोजना, अपने को मिटाकर!

अब हम बच्‍चे को वही बनाने पर आमादा हो गए हैं, जो फैशन में है. गाना फैशन में तो बच्‍चा गायक. गणित फैशन में हो तो बच्‍चा वहां दिमाग खपाए, भले ही उसकी रुचि गायन में हो. मांग क्रिकेट की तो बच्‍चा क्रिकेटर, भले ही वह मुक्‍केबाज़ बनने को बेकरार हो.

Jan 17, 2018, 12:49 PM IST
डियर जिंदगी : कल्‍पना के ‘स्‍वेटर’ और रिश्‍तों में दरार

डियर जिंदगी : कल्‍पना के ‘स्‍वेटर’ और रिश्‍तों में दरार

रिश्‍तों के जाले वक्‍त के साथ साफ होने चाहिए. उनकी उलझनों से अपनों को दुविधा देने की जगह रोशनी देनी चाहिए. लेकिन दुर्भाग्‍य से कई बार हमारे अपने ही हमारे जीवन में रोशनी की जगह अपनी परेशानी, दुविधा और नासमझी का अंधेरा डालने पर आमादा हो जाते हैं.

Jan 16, 2018, 01:00 PM IST
डियर जिंदगी : अपने ‘सुर’ में होने का सुख…

डियर जिंदगी : अपने ‘सुर’ में होने का सुख…

ऐसा व्‍यक्ति जिसे सुख के लिए बाहर, दुनिया के आंगन में झांकने की जरूरत नहीं है, वही तो सुखी है. जो अपने स्‍वर में है, वही सुखी है. जो दूसरों को देख स्‍वर बदले, वह कैसे सुख तक पहुंच सकता है.

Jan 15, 2018, 12:41 PM IST
डियर जिंदगी :  जिंदगी 'धूप' में ही संवरती है...

डियर जिंदगी : जिंदगी 'धूप' में ही संवरती है...

समय अपनी गति से ही बढ़ रहा है. हां, हुआ इतना है कि पहले सबसे बड़ी रुकावट आर्थिक थी. अब वह अलग-अलग रूपों में हमारे सामने है. अब से पहले शायद ही कभी युवा में डिप्रेशन के इतने लक्षण दिखते थे.

Jan 12, 2018, 01:36 PM IST
डियर जिंदगी :  'मौन' को देखा है!

डियर जिंदगी : 'मौन' को देखा है!

एक दशक पहले तक 'मौन' खूबसूरत, महत्‍वपूर्ण गुण था. मौन हमारे समाज, चिंतन प्रक्रिया का अहम हिस्‍सा था. मौन में अकेला अवकाश ही नहीं है, जो हमें भीतर से ऊर्जा देता था. बल्कि हमें उन गैरजरूरी चीजों में उलझने से रोकता है, जो हमारी क्षमता, ऊर्जा और स्‍नेह को सोख लेती हैं.

Jan 11, 2018, 06:08 PM IST
डियर जिंदगी : 'तुम' पहले जैसे नहीं रहे...

डियर जिंदगी : 'तुम' पहले जैसे नहीं रहे...

दुनिया तेजी से बदल रही है. जिम्‍मेदारी बदल रही है. काम का बोझ बढ़ रहा है. ऐसे में रिश्‍तों के बीच प्रेम का संतुलन गड़बड़ा गया है.

Jan 10, 2018, 07:30 PM IST
डियर जिंदगी : हमें पुल बनाने हैं, दीवारें नहीं...

डियर जिंदगी : हमें पुल बनाने हैं, दीवारें नहीं...

दोस्‍तों, परिवार और सहकर्मियों के बीच अक्‍सर जरा-जरा सी बात पर मनमुटाव से शुरू हुई बाधा 'दीवार' का रूप लेती जाती है. हम समझ नहीं पाते, टालते रहते हैं. टलते-टलते दीवारें अक्‍सर हमारे मन, मस्तिष्‍क से होते हुए हमारी कोमल और उदार भावना को चट कर जाती हैं.

Jan 9, 2018, 05:34 PM IST
डियर जिंदगी : मिट्टी के बंधन से मुक्‍ति पेड़ के लिए आजादी नहीं!

डियर जिंदगी : मिट्टी के बंधन से मुक्‍ति पेड़ के लिए आजादी नहीं!

जरा सोचिए, हम कितने खतरनाक विचारों से घिरे लोगों के बीच रह रहे हैं. कहीं से खबर आ रही है कि बेटों की चाह में परिवार बेटियों को नदी, नालों से लेकर समंदर तक में फेंक रहे हैं तो कहीं बेटे अपनी बीमार मां की सेवा से तंग आकर उसका जीवन छीन रहे हैं.

Jan 8, 2018, 08:13 PM IST
डियर जिंदगी :  रिश्‍तों पर भारी पड़ती 'धारणा'

डियर जिंदगी : रिश्‍तों पर भारी पड़ती 'धारणा'

हमारे पास संवाद के साधन हर दिन बढ़ रहे हैं. हमारे पास हर रोज नई तकनीक आ रही है, लेकिन क्‍या वजह है कि संवाद कम होता जा रहा है. हम संवाद की जगह बहस, मनमुटाव और एक-दूसरे के साथ तुलना में जुटे हुए हैं.

Jan 5, 2018, 07:26 PM IST
डियर जिंदगी : अर्थहीन, मैं हूं ना !

डियर जिंदगी : अर्थहीन, मैं हूं ना !

संकट मनुष्‍य की सबसे बड़ी पाठशाला है. यहां से जीवन के प्रति, मनुष्‍यता के प्रति जो श्रद्धा सीखी/समझी जा सकती है, वह किसी किताब, प्रवचन से मिलना संभव नहीं है.

Jan 4, 2018, 07:51 PM IST
डियर जिंदगी: रिश्‍तों का समंदर और 'डूबती' जिंदगी...

डियर जिंदगी: रिश्‍तों का समंदर और 'डूबती' जिंदगी...

मीडिया में भ्रष्‍टाचार, हिंसा और राजनीति के बीच अब नए तरीके की खबरें को महत्‍व मिलने लगा है. यह नए 'तरीके' की खबरों कहां से आ रही हैं? वहां से जहां से हमने शायद सोचा नहीं था.

Jan 3, 2018, 06:31 PM IST

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