भारत के 104 सैटेलाइट छोड़े जाने की खबर पढ़कर ये था US खुफिया एजेंसियों के संभावित प्रभारी का रिएक्शन

भारत के 104 सैटेलाइट छोड़े जाने की खबर पढ़कर ये था US खुफिया एजेंसियों के संभावित प्रभारी का रिएक्शन

अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए सहित देश की सभी खुफिया एजेंसियों के प्रभारी पद की दौड़ में शीर्ष प्रत्याशी ने कहा कि वह यह पढ़कर ‘स्तब्ध’ रह गये थे कि भारत ने गत महीने एक बार में 100 से ज्यादा उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किया।

Zee जानकारी: आधुनिक भारत के सबसे बड़े रहस्य का विश्लेषण

Zee जानकारी: आधुनिक भारत के सबसे बड़े रहस्य का विश्लेषण

DNA में आज सबसे पहले हम आधुनिक भारत के सबसे बड़े रहस्य का विश्लेषण करेंगे। ये रहस्य क़रीब 23 वर्ष पुराना है, जिसका रिश्ता ISRO यानी Indian Space Research Organisation से जुड़ा हुआ है। आपने पिछले कु

अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी को दुनिया ने सराहा, पर ISRO के वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से चिढ़ गया चीन

अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी को दुनिया ने सराहा, पर ISRO के वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से चिढ़ गया चीन

इसरो की ओर से बुधवार को एक रॉकेट से 104 उपग्रहों का सफल प्रक्षेपण किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया का कहना है कि भारत अंतरिक्ष आधारित सर्विलांस और संचार के तेजी से बढ़ते वैश्विक बाजार में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरा है। अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी को दुनिया ने सराहा है लेकिन इसरो के इस वर्ल्‍ड रिकॉर्ड से चीन चिﶃ़ गया है। इसरो ने वह मुकाम हासिल कर लिया जो अमेरिका, रूस, चीन जैसे विकसित देशों के वैज्ञानिकों के लिए सपना है। विदेशी मीडिया ने भारत की इस कामयाबी को प्रमुखता दी और सराहना की।

भारत को बड़ी कामयाबी; इसरो की सबसे बड़ी छलांग, पीएसएलवी से 8 सैटेलाइट लॉन्च

भारत को बड़ी कामयाबी; इसरो की सबसे बड़ी छलांग, पीएसएलवी से 8 सैटेलाइट लॉन्च

महासागर और मौसम के अध्ययन के लिए तैयार किये गये स्कैटसैट-1 (एससीएटीएएटी-1) और सात अन्य उपग्रहों को लेकर पीएसएलवी सी-35 ने आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से उड़ान भरी। स्कैटसैट-1 से इतर सात उपग्रहों में अमेरिका और कनाडा के उपग्रह भी शामिल हैं।

'इसरो ने पूरा किया उपग्रह प्रक्षेपण का शतक, निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार'

'इसरो ने पूरा किया उपग्रह प्रक्षेपण का शतक, निजी क्षेत्र से जुड़ने को तैयार'

इस बात की भले ही ज्यादा चर्चा न हुई हो लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने अंतरिक्ष में उपग्रह प्रक्षेपित करने के मामले में शतक पूरा कर लिया है। हालांकि इस मुकाम तक पहुंचने में उसके प्रदर्शन की गति किसी टेस्ट क्रिकेट जैसी रही है, जहां उसे यह शतक पूरा करने में लगभग 36 साल लग गए। भारत ने पहला उपग्रह ‘रोहिणी’ वर्ष 1980 में प्रक्षेपित किया था।

ISRO ने एक साथ 20 उपग्रह लॉन्च कर रचा इतिहास, PSLV-C-34 के अंतरिक्ष में प्रक्षेपण का देखें Video

ISRO ने एक साथ 20 उपग्रह लॉन्च कर रचा इतिहास, PSLV-C-34 के अंतरिक्ष में प्रक्षेपण का देखें Video

इसरो ने बुधवार सुबह अंतरिक्ष में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए एकसाथ 20 सैटेलाइट सफलतापूर्वक लॉन्‍च किए। इनमें से जहां 17 सैटेलाइट अन्‍य देशों के हैं वहीं तीन सैटेलाइट भारत के हैं। अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में कीर्तिमान स्थापित करते हुए भारत ने आज एक ही मिशन में पीएससलवी-सी34 के माध्यम से 20 उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इन उपग्रहों में भारत का काटरेसैट-2 सीरीज भी शामिल है।

PSLV-C-34 मिशन: होंगे ये बड़े फायदे, भारत में किसी भी जगह को अंतरिक्ष से देखने की क्षमता

PSLV-C-34 मिशन: होंगे ये बड़े फायदे, भारत में किसी भी जगह को अंतरिक्ष से देखने की क्षमता

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने आज एक साथ रिकॉर्ड 20 उपग्रह अंतरिक्ष में छोड़ नया इतिहास बनाया है। आज सुबह 9.26 बजे ध्रुवीय प्रक्षेपण यान पी.एस.एल.वी.-सी. 34 का सफल प्रक्षेपण किया गया। यह प्रक्षेपण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लांच पैड से किया गया। इस सैटेलाइट से कई फायदे होगें जिसमें अब भारत में किसी भी जगह को अंतरिक्ष से देखने की क्षमता भी हासिल होगी। इस सैटेलाइट के जरिए भारत ये सही सही जान पाएगा कि यहां पर किस तरह के और कितने जंगल हैं।

ISRO के रिकॉर्ड लॉन्च की जानिए 10 खास बातें

ISRO के रिकॉर्ड लॉन्च की जानिए 10 खास बातें

एक साथ 20 सैटेलाइट लॉन्च कर ISRO ने बुधवार को अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार सुबह 9.25 बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से PSLV-C34 लॉन्च किया गया।  2008 में इसरो ने एक साथ 10 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। हालांकि, सिंगल मिशन में अमेरिका 29 और रूस 33 सैटेलाइट एकसाथ लॉन्च कर चुके हैं। पेश है इसरो के इस रिकॉर्ड लॉन्च की 10 खास बातें-

ISRO ने एक साथ 20 सैटेलाइट लॉन्च कर इतिहास रचा, श्रीहरिकोटा से PSLV-C-34 का सफल प्रक्षेपण

ISRO ने एक साथ 20 सैटेलाइट लॉन्च कर इतिहास रचा, श्रीहरिकोटा से PSLV-C-34 का सफल प्रक्षेपण

इस तरह से अपने अंतरिक्ष कार्यक्रम में कीर्तिमान स्थापित करते हुए भारत ने आज एक ही मिशन में पीएससलवी-सी34 के माध्यम से 20 उपग्रहों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया। इन उपग्रहों में भारत का काटरेसैट-2 सीरीज भी शामिल है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से पीएसलएवी-सी34 को श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सुबह 9:26 बजे छोड़ा गया और इसने करीब 30 मिनट के बाद काटरेसैट-2 सीरीज और 19 अन्य उपग्रहों को ‘सन सिंक्रोनस ऑर्बिट’ या सूर्य स्थतिक कक्षा में स्थापित किया।

नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1E की सफल लॉन्चिंग, 'देसी जीपीएस' सिस्टम की तरफ भारत ने बढ़ाया बड़ा कदम

नेविगेशन सैटेलाइट IRNSS-1E की सफल लॉन्चिंग, 'देसी जीपीएस' सिस्टम की तरफ भारत ने बढ़ाया बड़ा कदम

अमेरिका आधारित जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) जैसी क्षमता हासिल करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए आज भारत ने अपने पांचवे दिशासूचक उपग्रह आईआरएनएसएस-1ई का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर दिया। भारत ने यह प्रक्षेपण अपने विश्वसनीय पीएसएलवी-सी31 के माध्यम से किया।

भारत का नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-15 सफलतापूर्वक प्रक्षेपित

भारत का नवीनतम संचार उपग्रह जीसैट-15 सफलतापूर्वक प्रक्षेपित

भारत का संचार उपग्रह जीसैट-15 आज तड़के फ्रेंच गुयाना के कोरू अंतरिक्ष प्रक्षेपण केंद्र से एरियाने-5 रॉकेट के जरिए सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया। यूरोपीय लॉंचर भारतीय समयानुसार तड़के 3 बजकर 4 मिनट पर रवाना हुआ और जीसैट-15 को त्रुटिरहित उड़ान में अंतरिक्ष में पहुंचा दिया। जीसैट-15 को इसके सहयात्री अरबसैट-6बी (बीएडीआर-7) को अंतरिक्ष में भेजे जाने के बाद जीओसिंक्रोनस ट्रांसफर कक्षा में प्रक्षेपित किया गया।

अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी कामयाबी, एस्ट्रोसैट का सफल प्रक्षेपण

अंतरिक्ष में भारत की एक और बड़ी कामयाबी, एस्ट्रोसैट का सफल प्रक्षेपण

ब्रह्मांड की विस्तृत समझ विकसित करने के लक्ष्य पर आधारित अपनी पहली अंतरिक्ष वेधशाला ‘एस्ट्रोसैट’ का भारत ने सोमवार को सफलतापूर्वक प्रक्षेपण कर दिया। पीएसएलवी-सी30 के जरिए यहां से प्रक्षेपित किया गया एस्ट्रोसैट अपने साथ छह विदेशी उपग्रह भी ले गया है, जिनमें से चार अमेरिकी उपग्रह हैं।

मंगलयान ने भेजी 'वैलिस मरीनेरिस' की 3डी तस्वीरें

मंगलयान ने भेजी 'वैलिस मरीनेरिस' की 3डी तस्वीरें

भारत के मार्स ऑर्बिटर मिशन मंगलयान ने वैलिस मरीनेरिस की तस्वीरें भेजी है। भारत के मंगलयान ने मंगल ग्रह पर मौजूद सौर मंडल की सबसे बड़ी घाटी 'वैलिस मरीनेरिस' की तीन आयामी यानी थ्री डाइमेंशनल तस्वीरें भेजी है।

ISRO का महा-मिशन आज, एक साथ लॉन्च करेगा 5 ब्रिटिश उपग्रह

ISRO का महा-मिशन आज, एक साथ लॉन्च करेगा 5 ब्रिटिश उपग्रह

ब्रिटेन के पांच उपग्रहों को प्रक्षेपित करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने अपने सबसे ‘भारी’ वाणिज्यिक मिशन की उल्टी गिनती शुरू कर दी है। इसे आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण स्थल से भारत के पीएसएलवी-सी28 प्रक्षेपण यान से प्रक्षेपित किया जाएगा। इसे आज रात नौ बजकर 58 मिनट पर प्रक्षेपित किया जाएगा।

ISRO ने लॉन्च किया GSLV मार्क-3, अब इंसान को अंतरिक्ष में भेजना होगा आसान

ISRO ने लॉन्च किया GSLV मार्क-3, अब इंसान को अंतरिक्ष में भेजना होगा आसान

इसरो ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से देश के अब तक के सबसे भारी रॉकेट जीएसएलवी मार्क-III के सफल प्रक्षेपण के साथ अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में सफलता की एक और छलांग लगा दी है। स्पेस सेंटर से सुबह करीब साढ़े नौ बजे लॉन्च किए इस रॉकेट की लंबाई 42.4 मीटर है और इस पर कुल लागत 155 करोड़ की आई है।

भारत के सफल मंगल अभियान की बॉलीवुड ने दी बधाई

भारत के सफल मंगल अभियान की बॉलीवुड ने दी बधाई

मंगलयान को मंगल की कक्षा में सुबह सफलतापूर्वक स्थापित करने वाले क्षण को भारत के लिए ‘गर्व से भरा’ और ‘ऐतिहासिक’ लम्हा बताते हुए अमिताभ बच्चन, लता मंगेश्कर और श्रीदेवी जैसी बॉलीवुड की चर्चित हस्तियों ने इसरो को बधाई दी है।

मंगलयान की कामयाबी, 'मंगल ही मंगल'

बुधवार सुबह भारत ने अंतरिक्ष और मंगल मिशन के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। यह सुबह खास थी क्योंकि मंगलवार के बाद बुधवार को भारत ने उस ग्रह पर कामयाबी पाई जिसे लाल ग्रह के रू

मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम): मंगल पर पहुंचने का पूरा घटनाक्रम

मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम): मंगल पर पहुंचने का पूरा घटनाक्रम

भारत ने बुधवार को अपने मार्स ऑर्बिटर मिशन (एमओएम) को लाल ग्रह की कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया। मंगलयान के 300 दिन तक के सफर में हुई घटनाओं का घटनाक्रम इस प्रकार है-

मंगलयान की कामयाबी पर बोले PM मोदी- 'इरादे मंगल होते हैं तो काम भी मंगल '

मंगलयान की कामयाबी पर बोले PM मोदी- 'इरादे मंगल होते हैं तो काम भी मंगल '

देश के पहले अंतरग्रहीय अभियान पर गए मंगलयान को बुधवार सुबह सफलतापूर्वक मंगल ग्रह की कक्षा में स्थापित कर दिया गया। देश के साथ ही पूरी दुनिया की निगाहें मंगलयान के मंगल पर पहुंचने पर टिकी हुई थी।

चीन और जापान को पछाड़ भारत ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, मंगल मिशन कामयाब

चीन और जापान को पछाड़ भारत ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, मंगल मिशन कामयाब

भारत ने आज चीन और जापान को पछाड़ते हुए अंतरिक्ष की दुनिया में एक नया इतिहास रच दिया है। भारत का महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष अभियान मंगलयान (मार्स ऑर्बिटर मिशन) बुधवार को मंगल की कक्षा में सफलता पूर्वक स्थापित किया जा चुका है। इसके साथ ही भारत दुनिया का चौथा और एशिया का पहला देश बन गया है जिसने यह सफलता हासिल की है।

अंतरिक्ष में भारत की लंबी 'उड़ान'

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की दुनिया में भारत के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। इस विशेष उपलब्धि पर पूरे देशवासियों को नाज है। नाज होना भी चाहिए क्‍योंकि भारतीय वैज्ञानिकों ने प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी23 को सफलतापूर्वक लॉन्‍च कर समूचे दुनिया में भारत का गौरव बढ़ाया है। अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में कुछ गिने चुने की ही बादशाहत अब तक कायम थी, लेकिन इस बार के प्रक्षेपण में दुनिया के पांच प्रमुख देशों के उपग्रहों को भी इस यान के साथ सफलतापूर्वक रवाना कर भारतीय वैज्ञानिकों ने यह साबित कर दिया कि वे भी दुनिया में किसी से कम नहीं हैं।