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डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

डियर जिंदगी : बच्चों के प्रति नजरिया…

आपसे विनम्र अनुरोध है कि अपने बच्‍चों की परवरिश से दुविधा, अनिर्णय, कठोरता और अपने ‘भोगे’ को हमेशा के लिए बाहर कर दें.

Sep 18, 2018, 08:40 AM IST
डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

डियर जिंदगी : बच्‍चे के मन में क्‍या है…

बच्‍चे का जीवन सबसे मूल्‍यवान है, उससे बढ़कर आपके लिए कुछ नहीं. न समाज, न कोई परीक्षा और न ही कोई रिजल्‍ट आपके और बच्‍चे के बीच आना चाहिए.

Sep 17, 2018, 08:07 AM IST
डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

डियर जिंदगी : सत्‍य के प्रयोग- 2

अगर आपके भीतर सत्‍यबोध है, तो केवल उस आवाज पर भरोसा करिए जो अंतर्मन से आए. दुनिया के नजरिए की फ्र‍िक मत करिए, बस अपने इरादे, चुनाव पर कायम रहिए.

Sep 10, 2018, 07:18 AM IST
डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

डियर जिंदगी: जब मन का न हो रहा हो…

निर्णय तो दो में से किसी एक का ही हो सकता है, लेकिन मन तो नहीं बंटना चाहिए.’ ऐसी खूबसूरत बात अनुभव की अंगीठी में ही पक सकती है.

Sep 4, 2018, 07:43 AM IST
डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

डियर जिंदगी : कितना ‘सहते’ हैं हम

जिंदगी वन-वे ट्रैफिक नहीं है. जहां सड़क ठीक मिले तो आपको मनचाही गति मिल जाती है. दूसरे के कहीं और से ‘प्रवेश’ की चिंता नहीं होती. बस अपनी ड्राइविंग पर ध्‍यान लगाकर मंजिल तक पहुंचा जा सकता है!

Sep 3, 2018, 09:36 AM IST
डियर जिंदगी: साथ छूटने से ‘बाहर’ आना…

डियर जिंदगी: साथ छूटने से ‘बाहर’ आना…

कुछ लोग उम्र, रिश्‍तों के ‘खास’ मोड़ पर एक-दूसरे का साथ छूट जाने से इतने दुखी, व्‍याकुल और उदास हो जाते हैं कि जिंदगी का मूल्‍य उसके सदके कर देते हैं. यह प्रेम नहीं जीवन के प्रति कृतज्ञता के भाव की कमी है.

Aug 28, 2018, 07:38 AM IST
डियर जिंदगी : ‘मन’ की ओर से इतनी बेरुखी क्‍यों…

डियर जिंदगी : ‘मन’ की ओर से इतनी बेरुखी क्‍यों…

हम खुद का ‘रिव्‍यू’ करने से बहुत दूर हैं. जो चीजें, रिश्‍ते हमें रात-दिन चुभते र‍हते हैं, उनके बारे में ‘दो टूक’ निर्णय लेने की जगह हम सारी उम्र उनके आसपास भटकते हुए गुजार देते हैं.

Aug 27, 2018, 07:50 AM IST
डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

डियर जिंदगी : जीने की तमन्‍ना से प्‍यार करें, मरने के अरमान से नहीं…

हमें आत्‍महत्‍या के विचार के विरुद्ध जमकर लोहा लेना होगा. न कि सहानुभूति! आत्‍महत्‍या करने वालों के प्रति उदारता से हम समाज को सृजनात्मक नहीं बना सकते.

Aug 21, 2018, 08:46 AM IST
डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

डियर जिंदगी : जब कोई बात बिगड़ जाए…

दोस्‍तों और परिवार की छांव की ओर लौटिए, उनसे दिल का हाल साझा कीजिए. बात कितनी भी क्‍यों न बिगड़ जाए, उसे संभाला जा सकता है. यह बात अपने दिल, दिमाग और दीवार पर साफ-साफ लिख दीजिए.

Aug 20, 2018, 08:25 AM IST
डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

डियर जिंदगी: संकरी होती आत्‍मीयता की गली…

याद रखिए, प्रेम, आत्‍मीयता और स्‍नेह समाज से इसलिए कम हो रहे हैं, क्‍योंकि इनकी चिंता में घुलने वाले तो बहुत हैं, लेकिन इन्‍हें दूसरों तक पहुंचाने वाले बहुत कम हैं. और जिस चीज के समर्थन में कम लोग होते हैं, वह चीज धीरे-धीरे गायब होती जाती है.

Aug 14, 2018, 07:56 AM IST
डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

डियर जिंदगी : जिंदगी को निर्णय की ‘धूप’ में खिलने दीजिए

'अलग’ हो जाना या ठीक कर लेना, देखने में यह अलग-अलग बातें दिखती हैं, लेकिन असल में यह ‘एक’ ही हैं.

Aug 13, 2018, 08:58 AM IST
डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

डियर जिंदगी : सुखी होने को क्‍या चाहिए…

भारत का सबसे बड़ा रोग यही है, ‘लोग क्‍या कहेंगे.’ जबकि लोग अक्‍सर कुछ नहीं कहते. जिसके पास आपके दुख में खड़े होने की शक्ति नहीं, उसके कहने से हम इतना क्‍यों डरते हैं.

Aug 7, 2018, 07:46 AM IST
डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

डियर जिंदगी : ‘मैं' ही सही हूं!

कठोर होना है तो अपने प्रति होइए. उदार होना है तो दूसरों के प्रति. सारी समस्‍या की जड़ इस सरल नियम का उल्‍टा होते जाना है.

Aug 6, 2018, 08:11 AM IST
डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

डियर जिंदगी: क्‍यों आत्‍महत्‍या कर रहे हैं ‘बड़े’ लोग…

 हमेशा 'हिसाब' में डूबे रहने वाले  अक्‍सर तनाव की छोटी नहर में भी डूब जाते हैं.  जिंदगी की नदी का मिजाज समझिए. हमेशा दूसरों से कुछ हासिल कर लेने, उनका उपयोग करने की चाहत से ऊपर उठिए.

Jul 31, 2018, 07:39 AM IST
डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डियर जिंदगी: डर से कौन जीता है!

डर एक ऐसी अंधेरी 'सुरंग' है, जिससे बाहर निकलने के दरवाजे पर बड़ी चट्टान रखी हुई है. जिसे बाहर से नहीं हटाया जा सकता, उसे केवल ‘भीतर’से हटाना संभव है.

Jul 30, 2018, 08:03 AM IST
डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

डियर जिंदगी : अनचाही ख्‍वाहिश का जंगल होने से बचें...

मनुष्‍य बने रहने के लिए. जिंदगी को ख्‍वाहिश का जंगल बनने से बचाना होगा. हमेशा ख्‍वाहिश के पीछे दौड़ते रहने से जिंदगी का स्‍वाद कैसे मिलेगा, जिसके लिए पचास तरह के प्रयास किए जा रहे हैं.

Jul 24, 2018, 07:28 AM IST
डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

डियर जिंदगी : कड़ी धूप के बीच ‘घना’ साया कहां है…

हर व्‍यक्‍ति के लिए उसका ‘घना’ साया अलग-अलग लोग हो सकते हैं. जैसे सचिन तेंदुलकर के लिए उनका ‘घना’ साया उनके भाई अजित तेंदुलकर थे. कवि नीरज के लिए एसडी वर्मन थे.

Jul 23, 2018, 07:42 AM IST
डियर जिंदगी: सबकुछ सुरक्षित होने का ‘अंधविश्‍वास'

डियर जिंदगी: सबकुछ सुरक्षित होने का ‘अंधविश्‍वास'

हमारी सोच-समझ और विश्‍वास धीमे-धीमे बनते हैं, लेकिन उनकी जड़ें बरगद जैसी होती हैं. एक बार उनके बन जाने पर मनुष्‍य की चेतना में परिवर्तन लगभग असंभव जैसा होता है. 

Jul 18, 2018, 09:14 AM IST
डियर जिंदगी : आत्‍महत्‍या 'रास्‍ता' नहीं, सजा है…

डियर जिंदगी : आत्‍महत्‍या 'रास्‍ता' नहीं, सजा है…

जीवन संघर्ष, तनाव, रिश्‍ते से दुखी, अपराधबोध से भीगे मन तेजी से आत्‍महत्‍या की ओर बढ़ रहे हैं. बाहर से सफल, सुखी दिखने वाले मन के भीतर उमड़-घुमड़ रहे डिप्रेशन और अकेलेपन को समझना सहज नहीं.

Jul 16, 2018, 07:30 AM IST
डियर जिंदगी : जो माता-पिता को ‘आश्रम‘ छोड़ने जा रहे हैं…

डियर जिंदगी : जो माता-पिता को ‘आश्रम‘ छोड़ने जा रहे हैं…

बच्‍चे असल में बच्‍चे नहीं होते. वह तो हमारा विस्‍तार हैं. हमारी समझ, सोच और संवेदना का. किसी बड़े से कुछ छिप सकता है, लेकिन उस घर के बच्‍चे से नहीं. 

Jul 12, 2018, 07:28 AM IST

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