भगवान शिव को माना गया है सबसे बड़ा योगी, मुद्राओं में छिपा है आसन

भगवान शिव को माना गया है सबसे बड़ा योगी, मुद्राओं में छिपा है आसन

हिंदू मान्यताओं के मुताबिक भगवान शिव को सबसे बड़ा योगी माना गया है. अमेरिकन इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक स्टडीज के मुताबिक भगवान शिव योग के ग्रैंड मास्टर हैं. भगवान शिव के नटराज अवतार यानी नृत्य करते हुए शिव की अलग-अलग मुद्राएं अलग-अलग आसनों को जन्म देती है. हालांकि भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर युग में गीता में योग के महत्व की व्याख्या की थी. 

सभी बाधाओं से रक्षा के लिए भगवान शनिदेव की प्रार्थना करें! जानिए क्या है मंत्र

सभी बाधाओं से रक्षा के लिए भगवान शनिदेव की प्रार्थना करें! जानिए क्या है मंत्र

शनि देव भगवान सूर्य देव और उनकी पत्नी छाया के पुत्र हैं. हिंदू ज्योतिष के अनुसार शनि देव नवग्रहों में से एक है, शनिग्रह शनि देव का अवतार हैं और सप्ताह में शनिवार का दिन भगवान शनिदेव का विशिष्ट दिन माना जाता है.

Foot Energy! शिरडी साईं बाबा मंदिर में अब भक्तों के चलने से बनेगी बिजली

Foot Energy! शिरडी साईं बाबा मंदिर में अब भक्तों के चलने से बनेगी बिजली

शिरडी स्थित साईं बाबा का मंदिर जल्द ही नए प्रयोग से रोशन होने जा रहा है. श्री साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट बिजली पैदा करने के एक नए तरीके पर काम कर रहा है. इसमें श्रद्धालुओं के चलने से पैदा होने वाली ऊर्जा को बिजली में तब्दील किया जाएगा.

कौन थी तुलसी? यहां पढ़िए पूरी कहानी...

कौन थी तुलसी? यहां पढ़िए पूरी कहानी...

तुलसी (पौधा) पूर्व जन्म में एक लड़की थी, जिस का नाम वृंदा था. राक्षस कुल में उसका जन्म हुआ था. बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी. बड़े ही प्रेम से भगवान की सेवा, पूजा किया करती थी. जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया. जलंधर समुद्र से उत्पन्न हुआ था. वृंदा बड़ी ही पतिव्रता स्त्री थी, सदा अपने पति की सेवा किया करती थी.

500 सालों के बाद अक्षय तृतीया लेकर लाया है अद्भुत संयोग, जानें क्यों है खास

500 सालों के बाद अक्षय तृतीया लेकर लाया है अद्भुत संयोग, जानें क्यों है खास

अक्षय तृतीया पर इस बार छत्र योग और सौभाग्य का अद्भुत संयोग बना है. ज्योतिषियों के मुताबिक ऐसा अद्भुत संयोग पांच सौ सालों के बाद आया है. ज्योतिषियों के अनुसार इस बार अक्षय तृतीया पर सौभाग्य और छत्र योग का संगम है, जोकि पांच सौ वर्ष बाद हो रहा है. अक्षय तृतीया के दिन कृतिका नक्षत्र भी है और सूर्य प्रधान भी.

नागवासुकी मंदि‍र: यहां दूर होता है कालसर्प योग का दोष

नागवासुकी मंदि‍र: यहां दूर होता है कालसर्प योग का दोष

यूपी के इलाहाबाद का नागवासुकि मंदिर की काफी पौराणिक मान्यता है. इस मंदिर के बारे में ऐसी पौराणिक मान्यता है कि यहां आकर पूजा करने से काल सर्प दोष हमेशा के लिए खत्म हो जाते है.

वाघा बॉर्डर पर जिस तरह से मनाया गया बैसाखी पर्व, आप देखकर दांतों तले दबा लेंगे उंगलियां

वाघा बॉर्डर पर जिस तरह से मनाया गया बैसाखी पर्व, आप देखकर दांतों तले दबा लेंगे उंगलियां

देशभर में नई फसल का त्योहार बैसाखी धूमधाम से मनाया गया. 1699 में दसवें सिख गुरु गोबिंद सिंह ने बैसाखी के दिन ही खालसा पंथ की नींव रखी थी. बैसाखी पर्व को लोगों ने अपने-अपने तरीके से मनाया. भारत-पाकिस्तान के बीच वाधा बॉर्डर पर कुछ इस तरह बैसाखी मनाई गई. जिसे आपको देखने के लिए हिम्मत जुटानी होगी. आप खुद ही देखें यह सनसनीखेज वीडियो- 

Zee जानकारी: राम के मार्यादित जीवन से आधुनिक भक्त क्या सीख सकते हैं?

Zee जानकारी: राम के मार्यादित जीवन से आधुनिक भक्त क्या सीख सकते हैं?

आज रामनवमी है. आज मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम का जन्म हुआ था. श्रीराम को हिंदुओं का भगवान कहा जाता है, लेकिन क्या वाकई राम सिर्फ हिंदुओं के हैं? क्या राम इस देश के संस्कृति पुरुष नहीं हैं?

दुर्गाष्टमी-नवमीं तिथि को होता है कन्या पूजन, जानिए कन्या पूजन का महत्व और विधि

दुर्गाष्टमी-नवमीं तिथि को होता है कन्या पूजन, जानिए कन्या पूजन का महत्व और विधि

नई दिल्लीः नवरात्र के नौ दिनों तक मां दुर्गा के पूजन-वंदन व्रत की समाप्ति कन्या पूजन के साथ की जाती है.

चैत्र नवरात्र का शुभारंभ, जानिए उपासना के दौरान क्या करें उपासक

चैत्र नवरात्र का शुभारंभ, जानिए उपासना के दौरान क्या करें उपासक

आज से चैत्र नवरात्र का शुभारंभ हो गया है. नवरात्र में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है. हिन्दू धर्म में माता दुर्गा में आस्था रखने वाले श्रद्धालू नौ दिन देवी दुर्गा के लिए विशेष उपवास रखते हैं. हर दिन दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है. 

हिंदू धर्म में जनेऊ धारण करने का है विशेष महत्व!

हिंदू धर्म में जनेऊ धारण करने का है विशेष महत्व!

हिंदू धर्म में कई संस्कार होते है जिनमें से एक यज्ञोपवीत संस्कार भी है. यज्ञोपवीत संस्कार को जनेऊ संस्कार भी कहते हैं. जनेऊ को उपवीत, यज्ञसूत्र, व्रतबन्ध, बलबन्ध, मोनीबन्ध और ब्रह्मसूत्र भी कहते हैं. जनेऊ धारण करने की परम्परा बहुत ही प्राचीन है. वेदों में जनेऊ धारण करने की हिदायत दी गई है. इसे उपनयन संस्कार भी कहते हैं.

बरसाना की लठ्ठमार होली से परवान चढ़ेगी मथुरा की होली

बरसाना की लठ्ठमार होली से परवान चढ़ेगी मथुरा की होली

ब्रज में रंग और उमंग के अनूठे त्यौहार होली की छटा फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि (वसंत पंचमी) के दिन से ही बिखरने लगती है किंतु फाल्गुन शुक्ल नवमी के दिन बरसाना की लठामार होली से वह मानों परवान चढ़ जाती है। उसके बाद तो फिर होलिका दहन के दस बाद तक पहले रंगों की होली की धूम मची रहती है।

महाशिवरात्रि: भगवान शंकर को क्यूं चढ़ाते हैं जल? तांबे के पात्र में दूध से क्यों नहीं करते अभिषेक?

महाशिवरात्रि: भगवान शंकर को क्यूं चढ़ाते हैं जल? तांबे के पात्र में दूध से क्यों नहीं करते अभिषेक?

आज देशभर में महाशिवरात्रि धूमधाम से मनाई जा रही है। इस दिन भगवान शंकर को जल या दूध से अभिषेक करने की परंपरा है। साथ ही बिल्व पत्र, धतूरा, भांग आदि भी चढ़ाते हैं। मंदिर और शिवालयों में आज भगवान शंकर के अभिषेक और उनकी पूजा की परंपरा है।

'आदियोगी' शिव की 112 फीट की प्रतिमा के बारे में जानिए 10 खास बातें और देखिए VIDEO

'आदियोगी' शिव की 112 फीट की प्रतिमा के बारे में जानिए 10 खास बातें और देखिए VIDEO

पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को महाशिवरात्रि के पावन मौके पर ईशा योग केंद्र में भगवान शिव के 112 फुट ऊंचे चेहरे का अनावरण किया। ईशा फाउंडेशन की विज्ञप्ति के मुताबिक धरती के इस सबसे विशाल चेहरे की प्रतिष्ठा मानवता को आदियोगी शिव के अनुपम योगदान के सम्मान में की गई है। भगवान शिव के इस विशाल चेहरे को सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने डिजाइन किया है। आईए इस खास प्रतिमा के बारे में दस बातों को जानते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने शिव की 112 फुट उंची प्रतिमा का अनावरण किया, देखें VIDEO

प्रधानमंत्री मोदी ने शिव की 112 फुट उंची प्रतिमा का अनावरण किया, देखें VIDEO

योग की प्राचीन भारतीय विद्या की प्रशंसा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज प्रकृति के संरक्षण के प्रयासों का आह्वान किया और कहा कि मानव गतिविधियों को इस तरह ढालना चाहिए ताकि वे पारस्थितिकीय परिवेश के अनुकूल हो सकें। मोदी ने विविधता में एकता को भारतीय संस्कृति की विशेषता और मजबूती करार दिया।

देशभर में आज महाशिवरात्रि की धूम, शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु

देशभर में आज महाशिवरात्रि की धूम, शिवालयों में उमड़े श्रद्धालु

देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिवालयों में सुबह से आज श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी जा रही है। वाराणसी और उज्जैन में भगवान शंकर और बाबा महाकाल की अराधना करने के लिए भारी भीड़ है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से देश के हर शिवालय गूंज उठे हैं। इस पावन दिन पर भगवान शंकर को जल, बेलपत्र , दूध आदि चढ़ाए जाने की पौराणिक परंपरा है।

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को ऐसे करें प्रसन्न, जानें क्या चढ़ाने से होते हैं भोलेनाथ प्रसन्न

महाशिवरात्रि पर भगवान शिव को ऐसे करें प्रसन्न, जानें क्या चढ़ाने से होते हैं भोलेनाथ प्रसन्न

प्राचीन भारतीय परंपरा में फाल्गुन मास की त्रयोदशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को महाशिवरात्रि के रूप में देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। महाशिवरात्रि के व्रत को अमोघ फल देने वाला बताया गया है। महाशिवरात्री का पर्व हिंदुओं का प्रमुख त्यौहार है।

महाशिवरात्रि: क्या है पूजा और शुभ मुहूर्त का समय? जानिए सर्वार्थ सिद्ध योग और सिद्ध योग का महत्व

महाशिवरात्रि: क्या है पूजा और शुभ मुहूर्त का समय? जानिए सर्वार्थ सिद्ध योग और सिद्ध योग का महत्व

भगवान शंकर के भक्तों के लिए महाशिवरात्रि सबसे बड़ा दिन और पर्व होता है। शिव पूजा का सबसे बड़ा और पावन दिन महाशि‍वरात्र‍ि को माना गया है। शिव पुराण के मुताबिक यह दिन उनके साधकों और भक्तों के लिए मनोकामनाओं की पूर्ति और भक्ति का सबसे उत्तम दिन होता है। 

महाशिवरात्रि पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान, भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाएं 'ये पांच चीजें'

महाशिवरात्रि पर इन बातों का रखें विशेष ध्यान, भूलकर भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाएं 'ये पांच चीजें'

इस बार की महाशिवरात्रि 24 फरवरी को है। इस दिन भगवान शंकर की उनके उपासक और भक्त धूमधाम से पूजा-अर्चना करते हैं। भगवान शंकर को बैरागी कहा गया है इसलिए उन्हें आम जिंदगी में इस्तेमाल होने वाली चीजें नहीं चढ़ाई जाती हैं। भगवान भोलेनाथ को खुश करने के लिए उन्हें भांग-धतूरा, दूध,बेलपत्र, चंदन, और भस्म चढ़ाते हैं। लेकिन कुछ चीजें ऐसी भी होती है जिन्हें भगवान शंकर के शिवलिंग पर भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए।

शिवरात्रि: 9 दिनों तक दूल्हे के रूप में दर्शन देते हैं बाबा महाकाल

शिवरात्रि: 9 दिनों तक दूल्हे के रूप में दर्शन देते हैं बाबा महाकाल

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में महाशिवरात्रि पर्व की एक तरह से शुरुआत हो गई है। इस पर्व के नौ दिन पहले से शिव नवरात्रि या महाकाल नवरात्रि के उत्सव का शुभारंभ हो गया है। यहां विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल नौ दिन तक दूल्हे के रूप में दर्शनार्थियों को दर्शन देते हैं। कहा जाता है कि ऐसी परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है।