unhappiness

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

डियर जिंदगी : ‘दुखी’ रहने का निर्णय!

एक बार दुखी रहने का निर्णय लेते ही हम ‘निर्दोष’ दुखी होते जाते हैं. यानी बिना किसी के ‘दोष’ के. रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातों, चीजों में हम दुख तलाशने निकल जाते हैं.

Sep 11, 2018, 08:59 AM IST

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close