भारतनेट परियोजना का दूसरा चरण, अब यहां भी मिलेगा हाईस्पीड इंटरनेट

देश की सभी ग्राम पंचायतों तक हाई स्पीड इंटरनेट ब्रॉडबैंड की सुविधा पहुंचाने के लिए भारतनेट परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत की गई. दूसरे चरण में वर्ष 2019 तक देश की सभी पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने की योजना है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Nov 14, 2017, 01:08 PM IST
भारतनेट परियोजना का दूसरा चरण, अब यहां भी मिलेगा हाईस्पीड इंटरनेट
सरकार ने भारतनेट परियोजना के लिए बैंडविथ की कीमत 75 फीसदी घटाई है. (टेलीकॉम मंत्री मनोज सिन्हा)

नई दिल्ली: देश की सभी ग्राम पंचायतों तक हाई स्पीड इंटरनेट ब्रॉडबैंड की सुविधा पहुंचाने के लिए भारतनेट परियोजना के दूसरे चरण की शुरुआत की गई. दूसरे चरण में वर्ष 2019 तक देश की सभी पंचायतों को हाई स्पीड ब्रॉडबैंड से जोड़ने की योजना है. परियोजना में रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया समेत दूरसंचार क्षेत्र की अन्य कंपनियों ने हिस्सा लिया है. टेलीकॉम मंत्री मनोज सिन्हा ने कानून और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद, मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के साथ मिलकर भारतनेट के महात्वाकांक्षी दूसरे चरण का एलान किया. मनोज सिन्हा ने कहा कि सरकार ने भारतनेट परियोजना के लिए बैंडविथ की कीमत 75 फीसदी घटाई है. इससे टेलीकॉम ऑपरेटरों को सस्ती दरों पर सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

Jio ने दिया 13 करोड़ का चेक
भारतनेट में शामिल होने के लिए रिलायंस जियो 30,000 ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाएगी. इसके लिए उसने सरकार को सबसे अधिक 13 करोड़ रुपए का शुरुआती चेक दिया है. कंपनी के डायरेक्टर महेंद्र नहाटा के मुताबिक, कंपनी ने प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए सरकार से बैंडविथ खरीदने के लिए यह चेक दिया है. इससे कंपनी अपनी परियोजना का विस्तार करना चाहती है.

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सरकार बिछाएगी ऑप्टिकल फाइबर
भारतनेट के दूसरे चरण में सरकार डेढ़ लाख ग्राम पंचायतों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाएगी. परियोजना के लिए भारती एयरटेल ने 30,500 ग्राम पंचायतों को कवर करने के लिए बैडविथ के लिए पांच करोड़ रुपए दिए हैं. वहीं, वोडाफोन ने 11 लाख रुपए और आइडिया सेल्युलर ने पांच लाख रुपए दिए हैं.