इन पांच मामलों में iPhone से लाख गुना बेहतर है Android स्मार्टफोन

दुनिया भर में iPhone एक स्टेटस सिंबल की तरह है. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Sep 12, 2017, 01:37 PM IST
इन पांच मामलों में iPhone से लाख गुना बेहतर है Android स्मार्टफोन
दिनों दिन iPhone यूजर्स की तादाद बढ़ती जा रही है. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: एप्पल के iPhone की शाख ऐसी है कि सारा स्मार्टफोन का बाजार एक तरफ और iPhone एक तरफ. दुनिया भर में iPhone एक स्टेटस सिंबल की तरह है. दिनों दिन इसके यूजर्स की तादाद बढ़ती जा रही है. iPhone की दीवानगी इस कदर है कि मंहगी कीमत के बावजूद भी स्मार्टफोन्स के शौकीन लोग इसे खरीदने से नहीं चूकते. लेकिन क्या आप जानते हैं कि iPhone को लोग कितना ही बेहतर कहें लेकिन 5 ऐसे फीचर्स हैं जिनमें ये एंड्रॉयड स्मार्टफोन से फिसड्डी साबित होता है. 

चार्जिंग
एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले गूगल पिक्सल और सैमसंग जे7 समेत कई स्मार्टफोन्स में टाइप सी चार्जिंग पोर्ट दिया गया है जो फोन को जल्दी चार्ज करने में मदद करता है. जबकि iPhone के अभी तक आए सभी मॉडल्स में लाइटनिंग कनेक्टर का ही इस्तेमाल किया जा रहा है. ये फोन को अपेक्षाकृत धीमी गति से चार्ज करता है. वहीं एलजी और सैमसंग के फोन में वायरलेस चार्जिंग का फीचर भी आ गया है लेकिन iPhone में अभी तक नहीं आ पाया. माना जा रहा है ये फीचर एप्पल अपने अगले फ्लैगशिप फोन iPhone 8 में दे सकता है. 

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सिर्फ इंटरनल मेमोरी
एप्पल iPhone एक फिक्स्ड इंटरनल मेमोरी का ही फीचर अपने फोन्स में प्रदान करता है. इसके पीछे सुरक्षा को एक बड़ा कारण बताया जाता है.  iPhone में 16 जीबी, 32 जीबी, 64 जीबी और 128 जीबी इंटरनल मेमोरी वाले वैरिएंट हैं और इनकी कीमत में भी बड़ा अंतर है. वहीं कई एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में एक्सटरनल मेमोरी का स्लॉट दिया जाता है. 

सिम स्लॉट 
दुनिया के लगभग सभी स्मार्टफोन्स में दो सिम स्लॉट दिए जा रहे हैं, लेकिन iPhone अब तक सिंगल सिम स्लॉट पर ही अटका है. ऐसे में ज्यादातर लोगों को मजबूरन अपने साथ एक एक्स्ट्रा फोन रखना पड़ता है. 

ब्राउजर 
एंड्रॉयड फोन में आप एक से ज्यादा ब्राउजर का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि iPhone में आपको ये ऑप्शन नहीं मिलता है. यहां आप डिफॉल्ट ब्राउजर का ही इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि कुछ यूजर्स को ये ब्राउजर काफी पसंद है. 

थर्ड पार्टी एप 
एप्पल आपको किसी थर्ड पार्टी एप को इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देता है. एप्पल सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करता है क्योंकि थर्ड पार्टी एप से फोन का डाटा चोरी होने की संभावना बढ़ जाती है.