उत्‍तराखंड में बर्फीली सड़कों पर निकला बाइल दल, वीरान इलाकों में भी जाएगा

दल को सचिव दिलीप जावलकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये दल देहरादून से कर्णप्रयाग होते हुए जोशीमठ पहुंचेगा और वहां से नीति घाटी और बद्रीनाथ बाइक से जाएंगे.

उत्‍तराखंड में बर्फीली सड़कों पर निकला बाइल दल, वीरान इलाकों में भी जाएगा
माउंटेन बाइकिंग को बढ़ावा देगा दल.

देहरादून (संदीप गुसाईं) : सर्दियों में जब सड़कें बर्फ की चादर ओढ़ लेती हैं और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में सन्नाटा हो जाता है. उस समय ऐसी खतरनाक सड़कों पर बाइक लेकर जाना किसी रोमांच से कम नहीं. देहरादून से 14 सदस्यीय बाइक दल रविवार को बद्रीनाथ और नीति घाटी के लिए रवाना हो गया. दल को सचिव दिलीप जावलकर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. ये दल देहरादून से कर्णप्रयाग होते हुए जोशीमठ पहुंचेगा और वहां से नीति घाटी और बद्रीनाथ बाइक से जाएंगे.

रविवार को 14 सदस्यीय दल देहारादून से रवाना हो गया. ये दल कर्णप्रयाग होते हुए जोशीमठ जाएगा और जोशीमठ से बर्फीले रेगिस्तान नीति घाटी में प्रवेश करेगा. नीति घाटी में मलारी गांव तक सफर तय करने के बाद ये बाइकर्स वापस जोशीमठ लौट जाएंगे. जोशीमठ से फिर अगले दिन बद्रीनाथ धाम के लिए दल रवाना होंगे.

ये दल अपने साथ बेल्चा, फावड़ा, कुल्हाड़ी, रस्सी, बर्फ में चलने वाले जूते, मैकेनिक और खाने का सामान भी साथ लेकर गए हैं. पिछले 10 साल से विंटर स्नो राइडिंग कर रहे तिलक सोनी ने कहा कि उत्तराखंड में माउंटेन बाइकिंग की काफी संभावनाएं हैं और खासतौर पर तब जब चार धाम यात्रा बंद हो जाती है.  उन्होंने कहा कि वे पिछले 10 सालों से सर्दियों में इन वीरान घाटियों में पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं.

कई घाटियों विंटर टूरिज्म के लिए मुफीद
उत्तरकाशी के मूल निवासी पिछले 10 सालों से सर्दियों के दौरान माउंटेन बाइकिंग कर रहे हैं. तिलक बताते हैं कि हिमाचल और जम्मू कश्मीर की तरह उत्तराखंड में भी कई घाटियां ऐसी हैं, जहां सर्दियों में बाइक का रोमांचकारी सफर किया जा सकता है. इसमें हर्षिल, नेलांग, नीति, बद्रीनाथ, माणा पास, मुनस्‍यारी, यमुनोत्री प्रमुख हैं. यही नहीं इसके अलावा भी कई उच्च हिमालय क्षेत्र हैं, जहां सर्दियों में बर्फ पड़ने के बाद जाया जा सकता है. तिलक सोनी बताते हैं कि वेयर ईगल्स डेयर पिछले दस वर्षों से लगातार हर्षिल और गंगोत्री तक सर्दियों में बाइक चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि उनका मकसद सर्दियों में भी साहसिक पर्यटन को बढावा देना है.

सफेद चादर पर आसान नहीं है बाइक चलाना
अन्तर्राष्ट्रीय बाइक राइडर धैर्य गुप्ता की मानें तो उत्तराखंड में विंटर बाइक राइडिंग की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने कहा कि सर्दियों में जब सड़कों पर बर्फ बिछी हो तो बाइक चलाने की चुनौती बढ़ जाती है लेकिन अगर आपने ट्रेनिंग ली है तो फिर इन वीरान सड़कों पर बाइक चलाना किसी रोमांच से कम नहीं होता. धैर्य ने कहा कि बर्फ में बार-बार ब्रेक नहीं लगाना चाहिए केवल गेयर और क्लच से बाइक को कंट्रोल करना चाहिए. धैर्य ने कहा कि वे गंगोत्री, बद्रीनाथ, स्फीति घाटी, नीति घाटी की सैर कर चुके हैं और ये सफर बहुत रोमांचकारी होता है. 

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर ने बताया कि जल्द ही प्रदेश में माउंटेन बाइक रैली का आयोजन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रदेश में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के आयोजन बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 6 महीने ही चार धाम यात्रा संचालित होती है और उसके बाद 6 महीने विचारों घाटियां बर्फ की सफेद चादर ओढ़ लेती हैं इन्हीं 6 महीनों में पिछले 10 सालों से तिलक सोनी अपने साथियों के साथ विंटर माउंटेन बाइकिंग कर साहसिक पर्यटन की नई संभावनाओं को खोज रहे हैं और अपने इस मिशन में कामयाबी हुए हैं.