भारत के बाद अब सिंगापुर में डिस्क जॉकी ने `समलैंगिकता` के मामले पर उठाई आवाज

Zee News Desk Thu, 13 Sep 2018-12:47 am,

भारत में समलैंगिकता पर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले से उत्साहित एक डिस्क जॉकी ने सिंगापुर में गे सेक्स पर रोक को अदालत में चुनौती दी है.

सिंगापुर: भारत में समलैंगिकता पर आए सुप्रीम कोर्ट के हालिया ऐतिहासिक फैसले से उत्साहित एक डिस्क जॉकी ने सिंगापुर में गे सेक्स पर रोक को अदालत में चुनौती दी है. यह जानकारी बुधवार को एक मीडिया रिपोर्ट में सामने आई. जॉनसन ओंग मिंग (43) ने सोमवार को अदालत में मामला दायर किया. वह दलील देंगे कि धारा 377(ए) को रद्द किया जाए, क्योंकि यह सिंगापुर के संविधान से असंगत है.



आपको बता दें कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले ऐतिहासिक फैसले में सहमति से गे सेक्स को अपराध के दायरे से बाहर कर दिया था और स्वतंत्र और सहिष्णु समाज की दिशा में इसे एक अहम कदम करार दिया था, जिसके कुछ दिन बाद ही मिंग ने अदालत में समलैंगिकता पर रोक को चुनौती दी है.



मीडिया में नहीं होता है सही तरीके से एलजीबीटीक्यू समूहों का प्रतिनिधित्व
मिंग ने चैनल न्यूज एशिया से बुधवार को कहा कि उसने अदालत जाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि एलजीबीटीक्यू समूहों का मुख्यधारा की मीडिया में सही तरीके से प्रतिनिधित्व नहीं होता है. उन्होंने कहा कि इस समुदाय के लोगों की जिंदगी सहायता और संसाधान के बिना अकेले गुजरती है और सिंगापुर के एलजीबीटी के लिए यह अक्सर तनावपूर्ण होता है. मिंग ने कहा, ‘‘सबसे अहम यह है कि मैं एक अपराधी नहीं हूं और मैं नहीं चाहता हूं कि अपने देश में पूरी जिंदगी एक अलग रूप में पेश किया जाऊं. यह मनोवैज्ञानिक तौर पर परेशान करता है और आप जिंदगी भर सोचते रहते हैं कि आप अन्य से कमतर हैं.’’ 


क्या था भारतीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला
आपको बता दें कि भारतीय सुप्रीम कोर्ट की 5 सदस्‍यों की संवैधानिक पीठ ने समलैंगिकता के मुद्दे पर फैसला सुनाते हुए एकमत से आईपीसी की धारा-377 के उन प्रावधानों को अवैध करार दिया, जिसके तहत समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी में रखा जाता था. यानी सरल शब्‍दों में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि समलैंगिकता अपराध नहीं है. यह मानसिक विकृति नहीं बल्कि पूरी तरह से सहज दशा है. इसके साथ ही 158 साल पहले अंग्रेजों के जमाने में लागू की गई भारतीय दंड संहिता(आईपीसी) की धारा 377 का वह हिस्‍सा अप्रासंगिक हो गया है, जिसके तहत अभी तक सजा का प्रावधान था.



क्या है आईपीसी की धारा 377
1861 में आईपीसी की धारा 377 अस्तित्‍व में आई. आईपीसी के 15वें चैप्‍टर में इसका उल्‍लेख मिलता है. इस सेक्‍शन को 'अप्राकृतिक यौन अपराध' से संबद्ध किया गया. इसके तहत यदि कोई प्रकृति के खिलाफ आम सहमति से किसी पुरुष, महिला या पशु से अप्राकृतिक संबंध बनाता है तो उसके लिए आजीवन कारावास की सजा हो सकती है या उसको 10 साल तक की सजा हो सकती है. इसके साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने इसके आंशिक हिस्‍से को अवैध करार दिया है क्‍योंकि पशुओं और बच्‍चों के साथ बनाए गए अप्राकृतिक संबंध अभी भी अपराध के दायरे में ही आएंगे और किसी के दोषी साबित होने पर सजा दी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला पांच प्रसिद्ध हस्तियों और 20 पूर्व और मौजूदा आईआईटी छात्रों की याचिका दिया है.



5 प्रसिद्ध हस्तियों की याचिका
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला पांच प्रसिद्ध हस्तियों और 20 पूर्व और मौजूदा आईआईटी छात्रों की याचिका दिया था. सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने वाले इन पांच प्रसिद्ध हस्तियों पर आइए डालते हैं एक नजर:  


1. नवतेज सिंह जौहर (59): प्रसिद्ध क्‍लासिकल डांसर हैं. संगीत नाटक अकादमी पुरस्‍कार से नवाजे गए हैं. अशोक यूनिवर्सिटी में विजिटिंग फैकल्‍टी हैं. उन्‍होंने अपने 25 साल से पार्टनर के साथ मिलकर सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिकता के मुद्दे पर याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि सेक्‍शन 377 संविधान द्वारा प्रदत्‍त जीवन के अधिकार और निजी स्‍वतंत्रता की गांरटी का उल्‍लंघन करता है.


2. सुनील मेहरा (63): पेशे से पत्रकार हैं और मैक्सिम मैगजीन के भारतीय संस्‍करण के पूर्व संपादक हैं. दूरदर्शन पर 'सेंटरस्‍टेज'(centrestage) प्रोग्राम के निर्माता-निर्देशक, लेखक और एंकर रहे हैं. अपने पार्टनर नवतेज सिंह जौहर के साथ स्‍टूडियो अभ्‍यास की स्‍थापना की है.


3. रितु डालमिया (45): कोलकाता की मारवाड़ी फैमिली से ताल्‍लुक रखने वाली सेलेब्रिटी शेफ हैं और रेस्‍टोरेंट चेन दीवा (Diva) की  मालकिन हैं. पाक कला पर कई किताबें लिख चुकी हैं. 2012 में प्रकाशित उनकी किताब  Travelling Diva: Recipes from around the World बेस्‍टसेलर किताबों की सूची में शुमार रही है.


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4. अमन नाथ (61): नीमराणा होटल चेन के मालिक हैं. इतिहास और आर्किटेक्‍चर में गहरी दिलचस्‍पी रखते हैं. इतिहास और कला पर कई किताबें लिख चुके हैं. अब तक 13 किताबें लिख चुके हैं.


5. आयशा कपूर (23): एक्‍टर और बिजनेसवुमन हैं. रानी कपूर की फिल्‍म 'ब्‍लैक' (Black) में उनके बचपन का किरदार निभा चुकी हैं. आयशा की उम्र मात्र उस वक्‍त नौ साल थी जब उन्‍होंने फिल्‍म में गूंगी-बहरी बच्‍ची का रोल निभाया था. उसके लिए उनको बेस्‍ट सपोर्टिंग एक्‍ट्रेस का अवार्ड भी मिला था. अमेरिका की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में लिबरल आर्ट्स की स्‍टूडेंट हैं और अपनी मां के बिजनेस में मदद करती हैं.



(इनपुट भाषा से)

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