पाकिस्तान ने कहा, अमेरिकी दबाव में नहीं की गई जमात-उद-दावा और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई

सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंधों की सूची के मुताबिक जेयूडी, एफआईएफ और अन्य संगठनों को चंदा देने से कंपनियों और लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है. 

पाकिस्तान ने कहा, अमेरिकी दबाव में नहीं की गई जमात-उद-दावा और हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई
मुंबई हमले का मास्टरमाइंड और जेयूडी का मुखिया हाफिज सईद. (Reuters/2 Jan, 2018)

लाहौर: पाकिस्तान के रक्षा मंत्री खुर्रम दस्तगीर खान ने बुधवार (3 जनवरी) को कहा कि हाफिज सईद नीत जमात उद दावा (जेयूडी) और फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के खिलाफ कार्रवाई अमेरिकी दबाव में नहीं, बल्कि गंभीर चर्चा के बाद की गई. पाकिस्तान ने सईद नीत जेयूडी और एफआईएफ को चंदा लेने से सोमवार (1 जनवरी) को प्रतिबंधित कर दिया. दरअसल, इसके पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया था कि इस्लामाबाद ने अमेरिका को झूठ और छल के सिवा और कुछ नहीं दिया तथा इसने आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह मुहैया किया है. सरकार ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंधों की सूची के मुताबिक जेयूडी, एफआईएफ और अन्य संगठनों को चंदा देने से कंपनियों और लोगों को प्रतिबंधित कर दिया है.

गौरतलब है कि ‘सिक्युरीटिज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाकिस्तान’ (एसईसीपी) ने इस सिलसिले में एक अधिसूचना जारी की थी. खान ने बीबीसी उर्दू से कहा, ‘‘हमने जेयूडी और एफआईएफ पर ट्रंप प्रशासन के दबाव में कार्रवाई नहीं की. हमने गंभीर चर्चा के बाद सईद के संगठनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की.’’ उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन रादुल फसाद’ के तहत की गई, जिसे पिछले साल फरवरी में पाकिस्तान सेना ने शुरू किया था. इसका उद्देश्य छिपे हुए आतंकी स्लीपर सेल का स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों के समर्थन से देश भर से सफाया करना है.

निक्की हेली ने कहा, पाकिस्तान को दी जाने वाली सभी सहायता बंद करना चाहता है अमेरिका

दस्तगीर ने साक्षात्कार के दौरान कहा, "जमात-ऊद-दावा पर कार्रवाई सुरक्षित पाकिस्तान के लिए रणनीति के तहत उठाया गया है जहां आतंकवादी दोबारा कभी स्कूली छात्रों पर हमला न कर सकें." उन्होंने कहा, "इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपने देश के खिलाफ बंदूक उठाएंगे, वह समय चला गया. पाकिस्तान अब सुनियोजित तरीके से कदम उठाएगा." सईद 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमलों के लिए साजिश रचने का आरोपी है जिसमें विदेशी नागरिक समेत 160 से ज्यादा लोग मारे गए थे.

अमेरिका को उम्मीद, आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाएगा पाकिस्तान

हाल ही में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति पर रक्षा मंत्री ने ट्रंप के ट्वीट को उनका 'नजरिया' बताया. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान से आतंकवाद रोधी कार्रवाई सीखने के स्थान पर, अमेरिका हमें धिक्कार रहा है." उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और अमेरिका के बीच सकारात्मक वार्ता हुई है लेकिन आम स्तर पर इस संबंध को नकारात्मक रंग दिया गया है. दस्तगीर ने भारत पर पाकिस्तान और अमेरिका के संबंध बिगाड़ने के लिए अप्रत्यक्ष भूमिका का आरोप लगाया. रक्षा मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है जब वॉशिंगटन ने एक दिन पहले ही पाकिस्तान को दी जाने वाली 25.5 करोड़ डॉलर की सैन्य सहायता पर रोक लगा दी.

अमेरिका ने पाक को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सहायता राशि रोकी
उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की सैन्य सहायता राशि फिलहाल रोक दी है. व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ऐसी सहायता इस बात पर निर्भर करेगी कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर आतंकवाद का किस तरह जवाब देता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान पर अमेरिका को ‘झूठ और धोखे’ के सिवाए कुछ ना देने और पिछले 15 वर्षों में 33 अरब डॉलर की सहायता देने के बदले में आतंकवादियों को ‘पनाहगाह’ देने का आरोप लगाया. इसके बाद ही अमेरिका ने इस बात की पुष्टि की.

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने बताया, 'अमेरिका की इस समय पाकिस्तान के लिए वित्त वर्ष 2016 में 25 करोड़ 50 लाख डॉलर की राशि खर्च करने की योजना नहीं है.' उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका यह उम्मीद करता है कि पाकिस्तान अपनी सरजमीं पर आतंकवादियों और उग्रवादियों के खिलाफ ठोस कदम उठाए.' अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन पाकिस्तान के सहयोग के स्तर की समीक्षा करता रहेगा.

(इनपुट एजेंसी से भी)

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