ऑस्ट्रेलिया ने ‘दुस्साहसी, खतरनाक खतरों’के खिलाफ उत्तर कोरिया को चेताया

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्वयुद्ध के नौसैनिक युद्ध के स्मरणोत्सव के मौके पर चेतावनी दी कि उनका देश और अमेरिका क्षेत्रीय शांति के लिए उत्तर कोरिया के ‘दुस्साहसी, खतरनाक खतरों’ को बर्दाश्त नहीं करेगा.

Updated: May 1, 2017, 01:19 PM IST
ऑस्ट्रेलिया ने ‘दुस्साहसी, खतरनाक खतरों’के खिलाफ उत्तर कोरिया को चेताया
बृहस्पतिवार को पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे टर्नबुल. फाइल फोटो

ब्रिस्बेन : ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री ने द्वितीय विश्वयुद्ध के नौसैनिक युद्ध के स्मरणोत्सव के मौके पर चेतावनी दी कि उनका देश और अमेरिका क्षेत्रीय शांति के लिए उत्तर कोरिया के ‘दुस्साहसी, खतरनाक खतरों’ को बर्दाश्त नहीं करेगा.

प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ऑस्ट्रेलिया के उत्तरपूर्वी शहर टाउन्सविले में सोमवार को एक कार्यक्रम में बोल रहे थे जहां ऑस्ट्रेलियाई और अमेरिकी नागरिक चार से आठ मई 1942 तक चली कोरल सागर की निर्णायक लड़ाई की स्मृति में एकत्रित हुए थे.  इस युद्ध में ऑस्ट्रेलियाई जहाजों के सहयोग से अमेरिकी विमानवाहक पोतों ने पापुआ न्यू गिनी की राजधानी पोर्ट मोरेस्बी में जापानी नौसेना की घुसपैठ को रोक दिया था.

टर्नबुल युद्ध के शुर होने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर द्वितीय विश्वयुद्ध के विमानवाहक पोत यूएसएस इंटरपिड में सवार होकर बृहस्पतिवार को न्यूयॉर्क में पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे.