इमरान खान ने चुनाव आयोग से माफी मांगी, जानिए क्या थी वजह

पाकिस्तान के अगले संभावित प्रधानमंत्री इमरान खान ने मतदान की गोपनीयता भंग करने के मामले में आज निर्वाचन आयोग से लिखित में माफी मांगी और एक हलफनामा दाखिल किया.

इमरान खान ने चुनाव आयोग से माफी मांगी, जानिए क्या थी वजह
आयोग ने खान से लिखित में माफी मांगने को कहा था.(फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के अगले संभावित प्रधानमंत्री इमरान खान ने मतदान की गोपनीयता भंग करने के मामले में आज निर्वाचन आयोग से लिखित में माफी मांगी और एक हलफनामा दाखिल किया .  माफी के बाद चुनाव आयोग ने खान को भेजा गया नोटिस वापस ले लिया है, और अब पूर्व क्रिकेटर के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. पाकिस्तान निर्वाचन आयोग ने एक के मुकाबले तीन मतों से पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ प्रमुख खान का माफीनामा मंजूरी किया. आयोग ने इस्लामाबाद के एनए-53 सीट से खान को विजयी घोषित करने की भी अधिसूचना जारी की. गौरतलब है कि खान ने इसी संसदीय सीट से मतदान की गोपनीयता का उल्लंघन करते हुए अपने मतपत्र पर सबके सामने ठप्पा लगाया था.

खबरों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (अवकाश प्राप्त) न्यायमूर्ति सरदार मोहम्मद रजा, खान की माफी स्वीकार करने के पक्ष में नहीं थे, जबकि चुनाव आयोग के सिंध, बलूचिस्तान और खैबर-पख्तूनख्वा के आयुक्तों ने खान का माफीनामा स्वीकार किया. मुख्य निर्वाचन आयुक्त रजा की अध्यक्षता में हुई चार सदस्यीय पीठ की सुनवाई के दौरान इमरान खान ने लिखित माफी तथा हलफनामा दायर किया. 

आयोग ने खान से इस सबंध में लिखित में माफी मांगने को कहा था. आयोग ने कल इमरान खान के वकील बाबर ऐवान द्वारा दाखिल जवाब को स्वीकार करने से इंकार कर दिया था. बाबर ऐवान ने कहा था कि उनके मुवक्किल ने जानबूझकर अपने मतपत्र पर सार्वजनिक रूप से मोहर नहीं लगायी थी. ऐवान ने साथ ही कहा था कि इस विवाद को अब खत्म किया जाए.

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उन्होंने आयोग से अपील की थी कि वह इमरान खान को एनए-53 इस्लामाबाद निर्वाचन क्षेत्र से विजयी घोषित करे . डॉन न्यूज ने खबर दी कि खान ने लिखित जवाब में कहा कि वह ईसीपी का सम्मान करते हैं, साथ ही चुनाव नियमों का आदर करते हैं. उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को वह भीड़भाड़ वाले मतदान केंद्र में बिना किसी सहयोगी के वोट डालने पहुंचे थे.

खबर में बताया गया कि खान ने ईसीपी से कहा, ‘‘मैंने जब वहां मौजूद कर्मियों से पूछा कि मतपत्र पर कहां निशान लगाना है तो उन्होंने मुझे टेबल पर मतपत्र रखने और स्टांप लगाने के लिए कहा गया . ’’ उन्होंने कहा कि जब वह वोट डाल रहे थे तो मीडिया ने बिना उनकी सहमति के फुटेज रिकॉर्ड कर लिया और उनकी मंशा कानून का उल्लंघन करने की नहीं थी. गौरतलब है कि एनए-53 इस्लामाबाद संसदीय क्षेत्र में सार्वजनिक तौर पर मतपत्र पर स्टांपिंग करते हुए पाए जाने के बाद पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने इसका स्वत: संज्ञान लिया था .

इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय पीठ ने खान के खिलाफ मामले की सुनवाई की. जवाब के मुताबिक इमरान के मतपत्र के फोटो उनकी अनुमति के बगैर लिए गए .  गोपनयीता बरतने के लिए वोट डालने वाले स्थान के आसपास लगाए गए पर्दे मतदान केंद्र के अंदर भीड़ के कारण गिर गए थे. इमरान (65) ने एनए-53 इस्लामाबाद संसदीय सीट से पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के नेता शाहिद खाकान अब्बासी को 48,577 मतों से पराजित किया था. 

इनपुट भाषा से भी  

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