बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए राहत सामाग्री भेजेगा भारत

भारत म्यामां से भागकर बांग्लादेश पहुंचे रोहिंग्या मुसलमानों के लिए कल मानवीय सहायता भेजेगा. नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैयद मुअज्जम अली ने पिछले सप्ताह भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर से मुलाकात की थी और रोहिंग्या के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी.

भाषा | Updated: Sep 13, 2017, 10:40 PM IST
बांग्लादेश में रोहिंग्या शरणार्थियों के लिए राहत सामाग्री भेजेगा भारत
संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा के कारण 379,000 से अधिक रोहिंग्या मुसलमान भागकर बांग्लादेश पहुंचे हैं. (FILE - फोटो साभार : रॉयटर्स)

ढाका : भारत म्यामां से भागकर बांग्लादेश पहुंचे रोहिंग्या मुसलमानों के लिए कल मानवीय सहायता भेजेगा. नई दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायुक्त सैयद मुअज्जम अली ने पिछले सप्ताह भारतीय विदेश सचिव एस जयशंकर से मुलाकात की थी और रोहिंग्या के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की थी.

गुरुवार को भारतीय विमान बांग्लादेश पहुंचेगा
भारतीय उच्चायोग के एक अधिकारी ने बताया, 'भारतीय विमान कल मानवीय सहायता की पहली खेप लेकर पहुंचेगा. यह विमान दिन में 11 बजे चटगांव में उतरेगा.' भारतीय उच्चायुक्त हर्षवर्धन श्रृंगला राहत सामाग्री बांग्लादेश के सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादिर के सुपुर्द करेंगे. संयुक्त राष्ट्र के आकलन के अनुसार म्यांमार के रखाइन प्रांत में हिंसा के कारण 379,000 से अधिक रोहिंग्या मुसलमान भागकर बांग्लादेश पहुंचे हैं.

रोहिंग्या संकट के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल नहीं होंगी सू की
म्यांमार में हिंसा के कारण भाग रहे रोहिंग्या मुसलमानों के लिए आवाज उठाने में नाकामी को लेकर कड़ी आलोचना का सामना कर रहीं आंग सान सू की संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल नहीं होंगी. बीते 25 अगस्त को रोहिंग्या उग्रवादियों की ओर से किए गए हमलों के जवाब में म्यांमार की सेना ने अभियान शुरू किया जिसके बाद से करीब 379,000 रोहिंग्या बांग्लादेश की सीमा में दाखिल हो चुके हैं.

सू पर सेना के अभियान का निंदा करने का दबाव
हिंसा ने सीमा के दोनों तरफ गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है. सू की पर यह वैश्विक दबाव बना है कि वह सेना के अभियान की निंदा करें. संयुक्त राष्ट्र ने इस अभियान को 'नस्ली संहार' करार दिया है.

सू के बैठक में शामिल होने की वजह नहीं बताई गई
म्यांमार की सरकार के प्रवक्ता जॉ ह्ते ने कहा, 'स्टेट काउंसलर (सू की) संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल नहीं होंगी.' प्रवक्ता ने फैसले के पीछे की वजह नहीं बताई लेकिन उन्होंने कहा कि देश के उप राष्ट्रपति हेनरी वान थियो सम्मेलन में शामिल होंगे जो अगले सप्ताह आयोजित होगा.

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन ने म्यांमार पर रोहिंग्या नागरिकों पर 'व्यवस्थित हमले' शुरू करने का आरोप लगाया था जिसके बाद यह घोषणा की गई है.  इस संकट पर चर्चा करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बुधवार को एक बैठक करने की भी योजना है.

म्यांमार की पूर्व सरकार के तहत लोकतंत्र स्थापित करने की सक्रियता के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित सू की किसी समय अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आंखों का तारा थीं लेकिन रोहिंग्या मुस्लिमों के मुद्दे पर चुप्पी को लेकर कई नोबेल पुरस्कार विजेताओं ने उनकी आलोचना की है.