परमाणु समझौते की 'भावना' को ईरान ने तोड़ा, नहीं करना था साइन: ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ओबामा प्रशासन के तहत 2015 में हस्ताक्षर किए गए परमाणु समझौते की ‘भावना को बनाए नहीं रखने’ का आरोप लगाते हुए इसे ‘भयानक’ और ‘सही तरीके से नहीं हई बातचीत’ वाला समझौता बताया.

Updated: Apr 21, 2017, 05:52 PM IST
परमाणु समझौते की 'भावना' को ईरान ने तोड़ा, नहीं करना था साइन: ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि ईरान परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने चाहिए थे. (फाइल फोटो)

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर ओबामा प्रशासन के तहत 2015 में हस्ताक्षर किए गए परमाणु समझौते की ‘भावना को बनाए नहीं रखने’ का आरोप लगाते हुए इसे ‘भयानक’ और ‘सही तरीके से नहीं हई बातचीत’ वाला समझौता बताया.

ट्रंप ने इटली के प्रधानमंत्री पाओलो जेन्टिलोनी के साथ गुरुवार (20 अप्रैल) को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘मैं आपको यह बता सकता हूं कि वे इस समझौते की भावना को बनाये नहीं रख रहे हैं. मुझे लगता है कि वे (ईरानी) हस्ताक्षर किए गए इस समझौते को जबर्दस्त नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह भयानक समझौता था. इस पर हस्ताक्षर नहीं किए जाने चाहिए थे.’

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका प्रशासन ‘बहुत, बहुत सावधानीपूर्वक’ पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के शासन के तहत हस्ताक्षर किए गए समझौते का विश्लेषण कर रहा है और इस पर जल्द ही फैसला लेगा.

ट्रंप ने कहा, ‘हम बहुत, बहुत सावधानीपूर्वक इसका विश्लेषण कर रहे हैं और हम निकट भविष्य में इसके बारे में कुछ कहेंगे. लेकिन ईरान ने इस समझौते की भावना को बनाए नहीं रखा. उन्हें यह करना होगा. हम देखेंगे कि क्या होता है.’ 

उन्होंने कहा, ‘इस समझौते पर उस तरीके से बातचीत नहीं की जानी चाहिए थी जिस तरीके से इस पर बातचीत की गई. मैं समझौतों के लिए राजी हूं लेकिन यह सही नहीं था, इतना खराब समझौता मैंने कभी नहीं देखा.’ 

ट्रंप का यह तीखा बयान विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन की उस घोषणा के बाद आया है कि अमेरिका ने ईरान के साथ किए गए अंतरराष्ट्रीय परमाणु समझौते की समीक्षा शुरू कर दी है.

इस बीच सदन की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सदस्य एड रॉयसे ने कहा कि अमेरिका बड़े स्तर पर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की इजाजत ईरान को नहीं देगा.