नेपाल: भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन, हजारों बेघर, 36 की मौत, 12 लापता

एक अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तराई क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित बस्तियों में बचाव के प्रयासों को तेज करें. इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 09:33 PM IST
नेपाल: भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन, हजारों बेघर, 36 की मौत, 12 लापता
सरकार अभी तक मृतकों की संख्या और नुकसान का अनुमान नहीं लगा पाई है. (फाइल फोटो)

काठमांडू: नेपाल में लगातार बारिश से आई बाढ़ ने निचले तराई इलाके में तबाही मचा दी है. कई जिलों में लगातार हुई बारिश से आई बाढ़ और भूस्खलन के चलते कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है वहीं 12 लापता बताए जा रहे हैं. गृह मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी नेपाल के सुन्सारी जिले में सात लोगों की मौत हुई है.

पानी में फंसे हजारों लोग

इसके अलावा पानी में फंसे हजारों लोगों को विस्थापित किया गया है. मीडिया ने शनिवार को यह जानकारी दी. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, शुक्रवार रात से बाढ़ के कारण हजारों परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर विस्थापित किया गया है, साथ ही संपत्ति, पशुधन, मवेशियों और फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है.

नदियां ऊफान पर, जिलों में कहर

कई नदियों में पानी का स्तर खतरे के निशान को पार कर गया है और इससे लोगों के घर और आजीविका को खतरा पैदा हो गया है. शनिवार को सप्तकोशी, कनकाई, बाबाई, राप्ती और मोहना जैसी प्रमुख नदियों की घाटियों में यही स्थिति बरकरार रही. बाढ़ ने बांके, बर्दिया, धनुसा, सप्तारी, सिराहा, सुनसारी और मोरांग जैसे जिलों में कहर बरपाया है.

मृतकों की संख्यां का अनुमान नहीं

मानसून की शुरुआत के बाद से ही सप्तारी सबसे अधिक प्रभावित है, जहां से सैकड़ों परिवारों को विस्थापित कर दिया गया है. पुलिस के अनुसार, शनिवार सुबह इटाहारी शहर में छह लोगों की मौत हो गई. शहर में बिजली काट दी गई है और मुख्य सड़कों पर पानी भर जाने के कारण वाहनों का आवागमन बाधित हुआ है. सरकार अभी तक मृतकों की संख्या और नुकसान का अनुमान नहीं लगा पाई है. 

हाई अलर्ट 

हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के बाढ़ अनुमान विभाग ने शुक्रवार को प्रमुख नदियों के पास के क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के लिए हाई अलर्ट जारी कर दिया है. एक अधिकारी ने कहा कि गृह मंत्रालय ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे तराई क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित बस्तियों में बचाव के प्रयासों को तेज करें. इस बीच, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश होने का अनुमान लगाया है.