पाक ने P5 देशों से कहा, 'भारत कर रहा LOC पर संघर्ष विराम का उल्लंघन'

पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन करने संबंधी अपने आरोपों के संदर्भ में पी5 देशों अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूतों को जानकारी दी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Oct 13, 2017, 11:20 AM IST
पाक ने P5 देशों से कहा, 'भारत कर रहा LOC पर संघर्ष विराम का उल्लंघन'
पाकिस्तान पहले भी कई बार भारत पर यह आरोप लगा चुका है (फाइल फोटो)

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारत द्वारा संघर्ष विराम का उल्लंघन करने संबंधी अपने आरोपों के संदर्भ में पी5 देशों अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन और फ्रांस के राजदूतों को जानकारी दी. विदेश कार्यालय ने एक बयान में कहा,‘‘ पाकिस्तान की सेना और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्यों के मिशनों के प्रमुख को एलओसी और कामकाजी सीमा पर भारत द्वारा कथित रूप से हाल ही में संघर्ष विराम की बढ़ती घटनाओं के बारे में जानकारी दी.’’ विदेश सचिव तेहमिना जांजुआ और विदेश मंत्रालय में महानिदेशक सैन्य अभियान (डीजीएमओ) शमशाद मिर्जा द्वारा राजदूतों को यह जानकारी दी गयी.

लगातार हो रहा संघर्ष विराम का उल्लंघन
पाकिस्तान
की ओर से लगातार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा रहा है. गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास अग्रिम इलाकों पर पाकिस्तान की ओर से की गयी गोलीबारी में सेना के दो जवान शहीद हो गए और एक अन्य की भी मौत हो गई, वहीं छह अन्य घायल हो गये.

एक रक्षा प्रवक्ता ने बताया, ‘‘नियंत्रण रेखा के पास कृष्णाघाटी सेक्टर में पाक सेना ने सुबह दस बजकर 35 मिनट से छोटे एवं स्वचालित हथियारों से बिना उकसावे के अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी.’’ उसने बताया कि सेना ने भी इसका माकूल जवाब दिया. प्रवक्ता ने बताया कि गोलीबारी के दौरान सिपाही टी के रेड्डी (21) और सेना के कुली मोहम्मद जाहिर (22) गंभीर रूप से घायल हो गये और उनकी मृत्यु हो गयी.

उन्होंने बताया कि शहीद रेड्डी आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के ओबुलापुरम गांव के रहने वाले थे. उनके परिवार में उनकी मां हैं. जाहिर जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में कलाली गांव का रहने वाला थे.

प्रवक्ता के मुताबिक सिपाही रेड्डी बहादुर और साहसी थे. वहीं जाहिर ईमानदार और समर्पित कर्मचारी थे. उनके सर्वोच्च बलिदान और समर्पण के लिए देश उनका हमेशा ऋणि रहेगा.

(इनपुट एजेंसी से भी)