दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए चीन की सेना ने प्रशिक्षण समय को किया दोगुना

चीन की सेना ने भर्ती होने वाले नये सैनिकों के प्रशिक्षण की समय को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया है, ताकि उनके युद्ध की क्षमता में सुधार किया जा सके.

दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए चीन की सेना ने प्रशिक्षण समय को किया दोगुना
पीएलए दुनिया की सबसे बड़ी सेना है जिसमें 20 लाख सैनिक हैं.(फाइल फोटो)

बीजिंग: चीन की सेना ने भर्ती होने वाले नये सैनिकों के प्रशिक्षण की समय को तीन महीने से बढ़ाकर छह महीने कर दिया है, ताकि उनके युद्ध की क्षमता में सुधार किया जा सके. यह खबर सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को दी. ग्लोबल टाइम्स ने पीएलए के हवाले से बताया कि नये सैनिकों को विभिन्न कंपनियां आवंटित करने से पहले पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) उनको पेशेवर प्रशिक्षण देगी. पीएलए दुनिया की सबसे बड़ी सेना है जिसमें 20 लाख सैनिक हैं. एक अधिकारी ने कहा, ‘‘नये सैनिकों का प्रशिक्षण अब और प्रभावी होगा तथा प्रशिक्षित सैनिक के स्तर का पूरी तरह प्रशिक्षण होने के बाद ही उन्हें युद्धक इकाइयां आवंटित की जाएंगी.’’ 

चीन के राष्ट्रपति ने सेना को दी हिदायत, कहा- कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादार रहिए
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि देश की जनमुक्ति सेना (पीएलए) को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के दिशा-निर्देशों का पालन करे. सरकार संचालित ग्लोबल टाइम्स के अनुसार शी ने कल सेना के शीर्ष अधिकारियों से कहा कि उनका प्राथमिक दायित्व सशस्त्र बलों पर चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) का पूर्ण नेतृत्व के तहत काम करने का है . शी ने कहा कि समूची सेना को नए युग में चीनी विशेरूाता के साथ समाजवाद पर विचारधारा को समग्रता से लागू करना चाहिए.

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पीएलए दुनिया की एकमात्र ऐसी सेना है जो सरकार के अधीन नहीं, बल्कि माओ के दिनों से पार्टी (सीपीसी) के नेतृत्व में काम करती रही है. शी ने पार्टी के आचरण में सुधार और सशस्त्र बलों में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए प्रयास करने का भी आह्वान किया. 

इनपुट भाषा से भी 

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